Friday, October 30

‘गांधी-नेहरू के नाम पर नहीं चलेगी राजनीति, अपना नेतृत्व खुद तैयार करें’: आजमगढ़ में ओवैसी का बयान

AIMIM प्रमुख ने कहा—किसी के पीछे अंधाधुंध चलने की जरूरत नहीं; अखिलेश यादव पर लगाए मुस्लिम समाज के इस्तेमाल के आरोप, युवाओं की हिरासत को लेकर भी उठाए सवाल

(SDNA) आजमगढ़। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आजमगढ़ की जनसभा में अपने नेतृत्व और राजनीतिक अधिकारों को लेकर जोरदार बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब किसी गांधी या नेहरू के नाम के सहारे राजनीति करने वालों के पीछे चलने के बजाय लोगों को अपना नेतृत्व स्वयं तैयार करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे किसी के गुलाम नहीं हैं।

अमौड़ा में आयोजित जनसभा के दौरान ओवैसी ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में अपील की। उन्होंने कहा कि समाज की समस्याओं को उठाने के लिए अपने बीच से नेता तैयार करने होंगे। उनके मुताबिक, केवल किसी नेता के खुद को गांधी या नेहरू जैसा बताने से उसका अनुसरण करना जरूरी नहीं है।

अखिलेश यादव पर साधा निशाना

ओवैसी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि उन्होंने मुस्लिम समाज का इस्तेमाल सत्ता हासिल करने के लिए किया, लेकिन उसे समान अधिकार नहीं दिलाए। उन्होंने योगी सरकार और अखिलेश यादव दोनों पर राजनीतिक निशाना साधते हुए चुनावी चुनौतियों को लेकर भी टिप्पणी की।

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उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संभल और अखिलेश यादव को गोरखपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती देने की बात कही।

जंतर-मंतर प्रदर्शन और युवाओं की हिरासत पर सवाल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए AIMIM प्रमुख ने केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर लगाई गई पाबंदियों और युवाओं की हिरासत पर सवाल उठाए। ओवैसी ने कहा कि परिवहन रोकने या दिल्ली में प्रतिबंध लगाने जैसी कार्रवाई से युवाओं और बेटियों के हौसले को कमजोर नहीं किया जा सकता।

ओवैसी के इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपने समर्थक वर्ग के बीच स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व और अधिकारों का संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।