Tuesday, September 22

Uttar Pradesh

यूपी की ‘तबादला एक्सप्रेस’ के संकेत: 34 IAS अफसरों की नई तैनाती के क्या हैं मायने?
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यूपी की ‘तबादला एक्सप्रेस’ के संकेत: 34 IAS अफसरों की नई तैनाती के क्या हैं मायने?

14 जिलों के DM बदले; निवेश और औद्योगिक विकास से जुड़े अहम पदों पर भी फेरबदल, योगी सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी को नए सिरे से साधा लखनऊ, 22 सितंबर : (SDNA) उत्तर प्रदेश में हालिया प्रशासनिक तबादलों को महज नियमित सरकारी आदेश मानना पूरी तस्वीर को सामने नहीं रखता। PCS, IPS, IAS और PPS अधिकारियों की लगातार बदल रही तैनातियों के बीच राज्य सरकार ने सोमवार देर रात 34 IAS अधिकारियों का बड़ा फेरबदल किया। इसमें 14 जिलों के जिलाधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा निवेश, औद्योगिक विकास, राजस्व, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, कारागार समेत कई महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े पदों पर भी जिम्मेदारियां बदली गई हैं। इस फेरबदल की सबसे अहम बात यह है कि जिला प्रशासन और राज्य स्तर की शासन व्यवस्था—दोनों में एक साथ पुनर्संरचना की गई है। यही वजह है कि इसे केवल सामान्य प्रशासनिक फेरबदल के रूप में देखना सीमित आकलन होगा। मुरा...
‘तारीख पर तारीख’ के बाद 10 साल में आया फैसला! जज ने ‘दामिनी’ का डायलॉग याद दिलाया, चरस केस में आरोपी बरी
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‘तारीख पर तारीख’ के बाद 10 साल में आया फैसला! जज ने ‘दामिनी’ का डायलॉग याद दिलाया, चरस केस में आरोपी बरी

मुजफ्फरनगर फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला; जज रवि कुमार दिवाकर बोले- एक दशक तक अदालत के चक्कर काटना भी अपने आप में सजा मुजफ्फरनगर। (सद्वार्ता) फिल्म ‘दामिनी’ का मशहूर संवाद ‘तारीख पर तारीख’ एक बार फिर अदालत की कार्यवाही के दौरान चर्चा में आ गया। मुजफ्फरनगर फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-3 के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने करीब 10 साल पुराने एनडीपीएस मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि इतने लंबे समय तक मुकदमे का सामना करना और लगातार अदालत के चक्कर काटना अपने आप में एक सजा के समान है।10 साल तक चलता रहा मुकदमायह मामला मुजफ्फरनगर के पटेल नगर निवासी अशोक भारती से जुड़ा है। पुलिस ने उन्हें 21 अक्टूबर 2015 को भरतिया कॉलोनी के पास गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, उनके कुर्ते की दाहिनी जेब से 150 ग्राम चरस बरामद हुई थी।मामला अदालत पहुंचा और करीब एक दशक तक सुनवाई ...