Thursday, October 29

LVGC की ‘नारी शक्ति’ पहल: महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए देशभर के जनप्रतिनिधियों और पद्म पुरस्कार विजेताओं से मांगा आशीर्वाद

कम निवेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने का प्रयास, ₹9,000 के शुरुआती निवेश से व्यवसाय शुरू करने की पहल

(SDNA) | विशेष संवाददाता

इंदौर/सिलीगुड़ी। देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लूनिया विनायक ग्रुप ऑफ कंपनीज (LVGC) द्वारा ‘नारी शक्ति कार्यक्रम’ संचालित किया जा रहा है। इस पहल की जानकारी साझा करते हुए LVGC के प्रमुख डॉ. विनायक अशोक लूनिया जैन ने देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों, मंत्रियों, विधायकों, सांसदों तथा पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों को पत्र लिखकर कार्यक्रम की सफलता के लिए आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन मांगा है।

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LVGC के जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षित, अल्पशिक्षित और गृहिणी महिलाओं को कम निवेश में स्वरोजगार तथा उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना है। समूह का प्रयास है कि महिलाएं केवल रोजगार तलाशने वाली न रहें, बल्कि अपने उत्पादों और व्यवसाय की स्वामिनी बनकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें।

ऑनलाइन बाजार से जुड़ेंगी महिलाएं

डॉ. लूनिया के अनुसार, इंटरनेट और ई-कॉमर्स के विस्तार ने आज बाजार तक पहुंचने के नए अवसर पैदा किए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए LVGC महिलाओं को ई-कॉमर्स बाजार से जोड़ने, ऑनलाइन व्यवसाय स्थापित करने तथा ई-कॉमर्स सेलर के रूप में प्रशिक्षित करने की दिशा में काम कर रहा है।

कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं द्वारा संचालित गृह उद्योगों में तैयार खाद्य सामग्री, मसाले, स्नैक्स और हस्तशिल्प उत्पादों को घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए संबंधित उत्पादों के आवश्यक पंजीकरण, नियामकीय औपचारिकताओं और बाजार से जुड़ने की प्रक्रियाओं के प्रति भी महिलाओं को मार्गदर्शन देने की योजना है।

₹9,000 के निवेश से उद्यमिता की शुरुआत

LVGC प्रमुख डॉ. विनायक अशोक लूनिया जैन ने बताया कि समूह की पहल के तहत महिलाओं को ₹9,000 के शुरुआती निवेश में उद्यमिता से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। कार्यक्रम में महिलाओं को व्यवसाय की शुरुआत, ऑनलाइन बिक्री और उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए आवश्यक सहयोग देने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष वापसी व्यवस्था का भी प्रस्ताव है। समूह के अनुसार, यदि कोई महिला निर्धारित 100 दिनों की अवधि में व्यवसाय के रूप में आगे नहीं बढ़ पाती और उसे कार्यक्रम छोड़ने का निर्णय लेना पड़ता है, तो निर्धारित शर्तों के अनुसार वह LVGC से अपनी राशि वापस लेने का अनुरोध कर सकती है। ऐसी स्थिति में संबंधित पंजीकरण नई सहभागी महिला के नाम हस्तांतरित किए जाने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

समूह का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य महिलाओं के शुरुआती आर्थिक जोखिम को कम करना और उन्हें उद्यमिता का अवसर उपलब्ध कराना है। हालांकि, राशि वापसी, पात्रता, पंजीकरण हस्तांतरण और अन्य शर्तों की पुष्टि संबंधित लिखित नियमों के आधार पर की जानी चाहिए।

सरकार से भी सहयोग की अपेक्षा

डॉ. लूनिया ने कहा कि LVGC पहले चरण में महिलाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। इसके बाद राज्य और केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाएगा कि महिला उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण एवं खाद्य सामग्री निर्माण से संबंधित इकाइयां स्थापित करने में सहायता दी जाए।

उन्होंने विशेष रूप से खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) जैसे संस्थानों से संबंधित पंजीकरण शुल्क में पात्र महिला उद्यमियों को राहत देने की संभावनाओं पर विचार करने की अपील की। उनका मानना है कि नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल और किफायती बनाने से अधिक महिलाएं गृह उद्योगों को व्यवस्थित व्यवसाय में बदल सकेंगी।

महिला उद्यमिता से अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

डॉ. लूनिया के अनुसार, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवारों की आय, स्थानीय रोजगार और छोटे उद्योगों को मजबूती मिल सकती है। जब महिलाएं उत्पादन और बिक्री से जुड़ेंगी, तो नए व्यवसायों का विकास होगा तथा सफल उद्यमों के विस्तार से सरकार को कर राजस्व में भी योगदान मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना केवल किसी एक परिवार या वर्ग का विषय नहीं, बल्कि देश की समग्र प्रगति से जुड़ा लक्ष्य है। महिलाओं को सही मार्गदर्शन, बाजार तक पहुंच और आवश्यक संस्थागत सहयोग मिले तो वे स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

देश की प्रतिष्ठित विभूतियों से आशीर्वाद की अपील

LVGC के जनसंपर्क विभाग के अनुसार, डॉ. लूनिया ने नारी शक्ति कार्यक्रम की जानकारी देशभर के जनप्रतिनिधियों और पद्म पुरस्कार विजेताओं तक पहुंचाते हुए उनसे कार्यक्रम की सफलता के लिए आशीर्वाद, मार्गदर्शन और सकारात्मक सुझाव देने का अनुरोध किया है।

समूह का उद्देश्य है कि समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, सरकारों, महिला संगठनों और उद्यमिता से जुड़े संस्थानों के सहयोग से अधिकाधिक महिलाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जा सके।

LVGC की नारी शक्ति पहल का मूल संदेश है—महिलाओं को अवसर, मार्गदर्शन और बाजार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ाना। कार्यक्रम की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि कितनी महिलाएं टिकाऊ व्यवसाय स्थापित कर पाती हैं, उनके उत्पादों को बाजार मिलता है और उन्हें दी जाने वाली सहायता कितनी प्रभावी साबित होती है।