
ओम प्रकाश माथुर को केरल, डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड की कमान; सुधा यादव, बृज मोहन राम और दुष्यंत गौतम को भी मिली नई जिम्मेदारी
(SDNA) नई दिल्ली। देश के छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल को लेकर राजनीतिक एवं प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। जारी जानकारी के अनुसार, ओम प्रकाश माथुर को केरल, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु, बृज मोहन राम को ओडिशा, डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक, डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इनमें चार नए चेहरे शामिल बताए गए हैं।
ओम प्रकाश माथुर: संगठनात्मक अनुभव के साथ केरल की जिम्मेदारी
भाजपा के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश माथुर का जन्म 2 जनवरी 1952 को राजस्थान के पाली जिले के बेड़ल गांव में हुआ था। वे पार्टी में कई संगठनात्मक पदों पर काम कर चुके हैं और भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य भी रहे हैं। जुलाई 2024 में उन्होंने सिक्किम के राज्यपाल का पद संभाला था। अब उन्हें केरल की जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर: गोवा की राजनीति से राज्यपाल पद तक
23 अप्रैल 1954 को गोवा के पणजी में जन्मे राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर भाजपा के अनुभवी नेता हैं। वे गोवा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष और राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश और बिहार के राज्यपाल के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। जनवरी 2025 में उन्होंने केरल के राज्यपाल का पद संभाला था। अब उन्हें तमिलनाडु का राज्यपाल बनाए जाने की जानकारी दी गई है।
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बृज मोहन राम: संसद और विधानसभा का अनुभव
भाजपा नेता बृज मोहन राम का जन्म 1 जनवरी 1958 को तत्कालीन बिहार के पलामू क्षेत्र में हुआ था, जो अब झारखंड में है। वे 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। इसके बाद 1996 से 2004 तक पलामू लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
डॉ. सुधा यादव: शिक्षा और राजनीति का संगम
हरियाणा के रेवाड़ी जिले में 16 अक्टूबर 1965 को जन्मीं डॉ. सुधा यादव ने रसायन विज्ञान में एमएससी और पीएचडी की पढ़ाई की है। वे 1999 में महेंद्रगढ़ से लोकसभा सांसद चुनी गई थीं और 2004 तक इस पद पर रहीं। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य के रूप में भी काम किया। अगस्त 2022 में उन्हें भाजपा के संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया था। अब उन्हें कर्नाटक का राज्यपाल बनाए जाने की जानकारी दी गई है।
डॉ. ढाल सिंह बिसेन: मध्य प्रदेश की राजनीति से उत्तराखंड तक
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया में 14 मई 1952 को जन्मे डॉ. ढाल सिंह बिसेन भाजपा के वरिष्ठ नेता और पेशे से चिकित्सक हैं। वे 1990 से 2008 के बीच चार बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने गए। वर्ष 2003 से 2005 तक राज्य सरकार में मंत्री भी रहे। 2019 में वे बालाघाट लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए और 2024 तक इस पद पर रहे। अब उन्हें उत्तराखंड के राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी है।
दुष्यंत गौतम: संगठन और चुनावी राजनीति का अनुभव
दुष्यंत गौतम भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद हैं। छात्र जीवन में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े थे। इसके बाद भाजपा में विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं। वे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं और वर्ष 2020 में हरियाणा से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। अब उन्हें सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने की जानकारी दी गई है।
प्रशासनिक बदलाव पर टिकी निगाहें
छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्तियों से संबंधित इस घटनाक्रम में अनुभवी राजनीतिक नेताओं के साथ संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले चेहरों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिए जाने की बात सामने आई है। इन नियुक्तियों के आधिकारिक विवरण और कार्यभार ग्रहण करने की स्थिति की पुष्टि संबंधित राजभवन या राष्ट्रपति सचिवालय की अधिसूचनाओं से की जानी चाहिए।



