
कलेक्टर शिवम वर्मा ने दिए निर्देश, पांच स्थानों पर पायलट आधार पर निशुल्क पार्किंग का होगा परीक्षण
इंदौर, 13 अक्टूबर 2026। शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सड़क निर्माण, जंक्शन सुधार, पार्किंग प्रबंधन और यातायात नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में विभिन्न विभागों और निर्माण एजेंसियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में ट्रैफिक डीसीपी राजेश त्रिपाठी, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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निर्माण स्थलों पर आवागमन की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर ने कहा कि सड़कों, पुलों और ओवरब्रिज के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। निर्माण स्थलों पर डायवर्सन और सर्विस रोड की मरम्मत, पर्याप्त रोशनी तथा सुरक्षा के जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। पैचवर्क और ब्लैक टॉपिंग के लंबित कार्य भी जल्द पूरे किए जाएं, ताकि नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो।
उन्होंने चौराहों पर जंक्शन इंप्रूवमेंट और रोड इंप्रूवमेंट के कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे करने तथा लेफ्ट टर्न चौड़े करने की कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में होंगे सुधार
बैठक में ब्लैक स्पॉट की समीक्षा करते हुए दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर चर्चा हुई। जिन स्थानों पर पहले सुधार कार्य किए जा चुके हैं, वहां दुर्घटनाओं की स्थिति का आकलन किया जाएगा। जरूरत के अनुसार संबंधित एसडीएम से मैदानी रिपोर्ट लेकर रंबल स्ट्रिप, स्पीड ब्रेकर और अन्य सुरक्षा उपायों पर निर्णय लिया जाएगा।
कलेक्टर ने पैदल चलने वालों की सुरक्षा, सुरक्षित सड़क पार करने की सुविधा और तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण के लिए आईटीएमएस के सहयोग से गति जांचने वाले कैमरे लगाने की कार्रवाई की जा रही है। दोपहिया चालकों के लिए हेलमेट और चार पहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
24 स्थानों पर पार्किंग की संभावना
सड़कों पर बेतरतीब पार्किंग से उत्पन्न यातायात बाधा दूर करने के लिए पेड पार्किंग व्यवस्था के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इसके लिए 24 संभावित स्थान चिह्नित किए गए हैं। इनमें से पांच स्थानों पर लगभग 10 दिनों तक पायलट आधार पर निशुल्क पार्किंग व्यवस्था का परीक्षण होगा। इसके अनुभव और नागरिकों से मिले फीडबैक के आधार पर आगे की व्यवस्था तय की जाएगी।
मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा संचालन की होगी समीक्षा
बैठक में ई-रिक्शा के कारण प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की समस्या पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावित व्यवस्था के संबंध में पहले ई-रिक्शा संघ के प्रतिनिधियों से संवाद किया जाएगा। इसके बाद नियमों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों के दौरान नागरिकों की असुविधा कम रखना, यातायात का निर्बाध संचालन और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश, छह माह में आबकारी आय 22.87 प्रतिशत बढ़ी
इंदौर में अप्रैल से सितंबर तक 1,175.47 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त; अवैध मदिरा के मामलों में 4,173 प्रकरणों पर कार्रवाई
इंदौर, 13 अक्टूबर 2026। जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन, बिक्री और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग को कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने विभागीय समीक्षा बैठक में राजस्व लक्ष्य हासिल करने के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
आबकारी राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
विभागीय जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से सितंबर तक इंदौर जिले को 1,175 करोड़ 47 लाख 84 हजार 187 रुपये की आबकारी आय प्राप्त हुई। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह राशि 956 करोड़ 66 लाख 68 हजार 600 रुपये थी। इस तरह राजस्व में 22.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वित्तीय वर्ष का निर्धारित राजस्व लक्ष्य 2,431 करोड़ 7 लाख रुपये है। सितंबर तक लक्ष्य का 48.35 प्रतिशत हासिल किया जा चुका है।
173 दुकानों के निरीक्षण में 3,137 प्रकरण दर्ज
एक अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच जिले की 173 कंपोजिट मदिरा दुकानों का निरीक्षण किया गया। अनियमितताओं के संबंध में 3,137 विभागीय प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें से 2,354 प्रकरणों का निराकरण कर 33 लाख 24 हजार 250 रुपये की पेनाल्टी लगाई गई।
न्यूनतम निर्धारित विक्रय मूल्य से कम तथा अधिकतम विक्रय मूल्य से अधिक दर पर मदिरा बेचने के मामलों में 37 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें 26 प्रकरणों में 92 लाख 23 हजार 79 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि शेष 11 मामलों में 25 लाख 8 हजार 257 रुपये का जुर्माना लगाने की प्रक्रिया लंबित बताई गई।
विभागीय विवरण के अनुसार सामान्य प्रकरणों और निराकृत मूल्य संबंधी प्रकरणों सहित कुल 2,380 मामलों में 1 करोड़ 25 लाख 47 हजार 329 रुपये की पेनाल्टी अधिरोपित की गई।
4,173 मामलों में जब्ती की कार्रवाई
एक अप्रैल से 12 अक्टूबर 2026 तक अवैध मदिरा के विरुद्ध 4,173 प्रकरणों में कार्रवाई की गई। इस दौरान 34,275 लीटर अवैध मदिरा और 76,071 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया। इनकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ 66 लाख 65 हजार 458 रुपये बताई गई है।
कार्रवाई के दौरान 98 वाहन भी जब्त किए गए, जिनका अनुमानित मूल्य 1 करोड़ 72 लाख 53 हजार 900 रुपये है। मदिरा, वाहनों और अन्य जब्त सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य 4 करोड़ 39 लाख 19 हजार 358 रुपये आंका गया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध कारोबार पर लगातार नजर रखी जाए और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, इंदौर में दो दिन में 20 नमूने जांच के लिए जुटाए
शिकायतों पर खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, स्वच्छता संबंधी कमियों पर नोटिस की तैयारी; कारोबारियों को दिया गया प्रशिक्षण
इंदौर, 13 अक्टूबर 2026। आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने शहर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने एकत्र किए। 12 और 13 अक्टूबर को की गई कार्रवाई में कुल 20 नमूने जांच के लिए लिए गए। संबंधित नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है।
कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन और खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्देशानुसार की गई कार्रवाई में शिकायतों के आधार पर प्रतिष्ठानों की जांच, स्वच्छता संबंधी कमियों का निरीक्षण और खाद्य कारोबारियों को जागरूक करने पर ध्यान दिया गया।
शिकायतों के आधार पर प्रतिष्ठानों की जांच
द करी किचन, स्कीम नंबर 78: निरीक्षण के दौरान रसोई में खाद्य पदार्थ खुले रखे मिले। तैयार खाद्य सामग्री पर टैगिंग नहीं थी और डस्टबिन भी खुले पाए गए। कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र तथा खाद्य निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पानी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी। यहां से तुवर दाल, आटा, मैदा, लौंग सेव और गुलाब जामुन के पांच नमूने लिए गए। कमियों के आधार पर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जेप्टो स्टोर, सिलिकॉन सिटी: क्रीमिया ब्रांड की डेट्स खराब होने की शिकायत पर निरीक्षण किया गया। शिकायत में उल्लिखित ब्रांड और बैच नंबर की डेट्स स्टोर में उपलब्ध नहीं मिलीं। उपलब्ध अन्य खाद्य सामग्री की जांच में मौके पर कोई एक्सपायर्ड सामग्री नहीं मिली।
थ्री झन्नाट कचौरी और झन्नाट कचौरी सेंटर: दोनों प्रतिष्ठानों से कचौरी, मिर्च, मैदा और सोयाबीन तेल सहित कुल पांच नमूने एकत्र किए गए।
जय श्री जगदीश्वर नमकीन, स्वीट्स एवं डेयरी, द्वारकापुरी: मलाई बर्फी और मिल्क केक के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान खाद्य परीक्षण रिपोर्ट, पानी की जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं मिले। प्रतिष्ठान को सुधार सूचना जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
लव यू पिज्जा एंड सैंडविच, पाटनीपुरा चौराहा: शिकायत के बाद प्रतिष्ठान और मोमोज निर्माण स्थल का निरीक्षण किया गया। निर्माण स्थल से पनीर और मैदा तथा प्रतिष्ठान से वेज स्टीम्ड मोमोज का नमूना लिया गया। कुल तीन नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
स्विन्स्टा ईएनटी प्राइवेट लिमिटेड, निपानिया: शिकायत के आधार पर निरीक्षण में लाइसेंस में दर्ज जिम्मेदार व्यक्तियों की अनुपस्थिति, मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्रों की कमी, बंद तापमान डिस्प्ले वाला डीप फ्रीजर तथा खाद्य एवं अखाद्य सामग्री का एक साथ भंडारण जैसी कमियां सामने आईं। यहां से सिल्वर क्वाइन आटे का नमूना लिया गया और नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
चलित प्रयोगशाला से स्वच्छता प्रशिक्षण
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ के माध्यम से मोमोज हब, क्रिश्चियन एलिमेंट, इंदौर में खाद्य कारोबारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में मसालों, खाद्य रंगों और चांदी के वर्क में संभावित मिलावट की पहचान, व्यक्तिगत स्वच्छता, कैप, ग्लव्स और एप्रन के उपयोग तथा खाद्य सामग्री के उचित भंडारण की जानकारी दी गई। खाद्य पदार्थ खरीदते समय निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, एफएसएसआई लाइसेंस नंबर और सामग्री में प्रयुक्त अवयवों की जांच करने की सलाह भी दी गई।
12 अक्टूबर को भी हुई कार्रवाई
ममता फूड्स और आरकेएस राधिका वेफर्स, नमकीन, स्वीट्स, नवादा पंथ स्थित प्रतिष्ठानों से आलू चिप्स, मिक्सचर और पाम ऑयल सहित चार नमूने लिए गए। दोनों स्थानों पर दस्तावेजों, पानी की जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्रों से जुड़ी कमियां मिलने पर सुधार सूचना जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
विभाग के अनुसार 13 अक्टूबर को 16 और 12 अक्टूबर को चार नमूने लिए गए। प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नशामुक्त इंदौर के लिए तीन मोर्चों पर काम, अवैध कारोबार पर कार्रवाई के साथ पुनर्वास पर भी जोर
एनकॉर्ड समिति की बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने नशे की रोकथाम, उपचार और युवाओं में जागरूकता बढ़ाने की रणनीति की समीक्षा की
इंदौर, 13 अक्टूबर 2026। जिले में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के साथ नशे की लत से प्रभावित लोगों को उपचार और पुनर्वास उपलब्ध कराने तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए प्रशासन तीन स्तरों पर प्रयास कर रहा है। कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित एनकॉर्ड (NCORD) समिति की बैठक में संबंधित विभागों की कार्रवाई और जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की गई।
बैठक में पुलिस, आबकारी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।
पहला स्तर: अवैध कारोबार के खिलाफ सख्ती
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री सहित नशीले पदार्थों से जुड़े अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। संबंधित विभागों को नियमित निगरानी और समन्वित कार्रवाई जारी रखने को कहा गया।
दूसरा स्तर: नशे से प्रभावित लोगों का पुनर्वास
नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों को उपचार, मार्गदर्शन और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया। पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से ऐसे लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
तीसरा स्तर: युवाओं में जागरूकता
युवाओं और नशे की प्रवृत्ति के प्रति संवेदनशील लोगों को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि उपचार, पुनर्वास और रोकथाम को भी समान महत्व देना जरूरी है।
बैठक में तीनों स्तरों पर किए जा रहे प्रयासों की नियमित समीक्षा और विभागीय समन्वय के साथ कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति व्यक्त की गई।
HFR-HPR पंजीयन में लापरवाही पर 38 अस्पतालों को एक महीने का नोटिस
डिजिटल स्वास्थ्य रजिस्ट्रियों में पंजीयन पूरा नहीं करने पर होगी कार्रवाई, समय-सीमा के बाद अस्पतालों का पंजीयन निरस्त करने की चेतावनी
इंदौर, 13 अक्टूबर 2026। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत अनिवार्य HFR-HPR पंजीयन पूरा नहीं करने वाले इंदौर जिले के 38 अस्पतालों को एक माह का नोटिस जारी किया जाएगा। निर्धारित अवधि में आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर संबंधित अस्पतालों का पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर अस्पतालों को पहले भी पंजीयन पूरा करने के लिए कहा गया था। इस संबंध में पत्र जारी कर स्मरण कराया गया और बाद में 58 अस्पतालों को तीन दिन के भीतर HFR-HPR आईडी बनाने के निर्देश दिए गए थे। समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी 38 अस्पतालों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि हेल्थ फेसेलिटी रजिस्ट्री (HFR) में स्वास्थ्य संस्थानों तथा हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (HPR) में पात्र स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों का पंजीयन जरूरी है।
इन रजिस्ट्रियों का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों और सेवा प्रदाताओं का व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना तथा स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से सुदृढ़ बनाना है।
निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों के विरुद्ध मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन अधिनियम, 1973) एवं नियम, 1997, यथा संशोधित 2021 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला पंचायत की साधारण सभा में विकास कार्यों पर सख्ती, लापरवाह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
16वें वित्त आयोग की कार्ययोजना मंजूर; ग्रामीण पेयजल, सड़क निर्माण और जर्जर स्कूल भवन की सुरक्षा पर लिए गए अहम निर्णय
इंदौर, 13 अक्टूबर 2026। जिला पंचायत इंदौर की साधारण सभा की बैठक में ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए सड़क निर्माण में देरी करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में 16वें वित्त आयोग की कार्ययोजना को अनुमोदन दिया गया, जिसमें स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु प्रजापति, सांसद शंकर लालवानी, विभिन्न क्षेत्रों के विधायक प्रतिनिधि और जिला पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।
स्वच्छता और पेयजल पर खर्च को प्राथमिकता
16वें वित्त आयोग के तहत प्रस्तावित कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा घर-घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने वाले कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
अधूरे निर्माण कार्यों पर जताई नाराजगी
लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री की बैठक में अनुपस्थिति पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। विभागीय कार्यों की अलग से विशेष समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
लंबे समय से लंबित और अधूरे निर्माण कार्यों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए समय-सीमा का पालन नहीं करने वाले तथा लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और उनकी सुरक्षा राशि राजसात करने के निर्देश दिए गए।
ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता पर जोर
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जारी और नए स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी सड़क निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
किसानों को कम पानी वाली फसलों के लिए मार्गदर्शन
कृषि विभाग के मैदानी अमले को गांवों का नियमित दौरा करने और किसानों को कम पानी में उगाई जा सकने वाली फसलों के उत्पादन के लिए तकनीकी मार्गदर्शन देने को कहा गया, ताकि जल संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।
नल-जल योजनाओं की कमियां दूर करने के निर्देश
जिले में संचालित नल-जल योजनाओं की स्थिति की समीक्षा कर तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। पेयजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
जर्जर स्कूल भवन को तत्काल शिफ्ट करने का निर्णय
शिक्षा विभाग की समीक्षा में ग्राम मेड के शासकीय स्कूल भवन की जर्जर स्थिति का मामला सामने आया। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल को तत्काल किसी सुरक्षित और उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए विशेष अभियान, नए मतदाता फॉर्म-6 से कर सकेंगे आवेदन
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक; छूटे हुए पात्र नागरिकों का पंजीयन कराने की अपील
इंदौर, 13 अक्टूबर 2026। मतदाता सूची को अद्यतन करने और पंजीयन से छूटे पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने के लिए मध्यप्रदेश के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया और बहुजन समाज पार्टी के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बूथ लेवल एजेंटों से सहयोग की अपील
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे अपने बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के माध्यम से मतदाता सूची के अद्यतन कार्य में सहयोग करें। अभियान का उद्देश्य उन पात्र नागरिकों को सूची में शामिल करना है, जिनके नाम अब तक दर्ज नहीं हो पाए हैं।
फॉर्म-6 के माध्यम से होगा पंजीयन
पहली बार मतदाता बनने के पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ नियमानुसार आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराना होगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि फॉर्म-6 जमा करने के बाद अलग से घोषणा-पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है।
जिला और तहसील स्तर पर मिलेगी सहायता
प्रदेश के प्रत्येक जिले में चलाए जा रहे अभियान के तहत पात्र नागरिकों को आवेदन प्रक्रिया की जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा। तहसील स्तर पर एसडीएम एवं तहसीलदार तथा जिला स्तर पर संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर.पी.एस. जादौन तथा उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय श्रीवास्तव, राजेश यादव और वीरेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।
निर्वाचन कार्यालय ने पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए अभियान में सहयोग देने पर जोर दिया।
संपादकीय नोट: प्रकाशन से पहले आबकारी संबंधी आंकड़ों में एक विसंगति की पुष्टि कर लें। मूल सामग्री में 3,137 प्रकरणों में से 2,354 के निराकरण के बाद 746 प्रकरण शेष बताए गए हैं, जबकि इन दोनों का योग 3,100 होता है। इसी तरह खाद्य सुरक्षा संबंधी समाचार के शीर्षक में 20 नमूनों का उल्लेख है, जबकि 13 अक्टूबर की कार्रवाई के विवरण में प्रतिष्ठानवार नमूनों की संख्या जोड़ने पर कुल 16 नमूने बताए गए हैं।



