किसान हितों को प्राथमिकता देगी मध्यप्रदेश सरकार, युवाओं को कृषि से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों के साथ की चर्चा, कृषि तकनीक, सिंचाई, प्राकृतिक खेती और किसान कल्याण योजनाओं पर रखे विचार
जबलपुर, 3 नवंबर 2026।
मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए लगातार नए कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि युवाओं में कृषि शिक्षा और खेती-किसानी के प्रति रुचि बढ़ाने में भारतीय किसान संघ महत्वपूर्ण सहयोग दे सकता है। युवाओं को कृषि पाठ्यक्रमों से जोड़ने के साथ उन्हें आधुनिक खेती के अवसरों से परिचित कराना भी जरूरी है।
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मुख्यमंत्री मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत उपकरणों और नए कृषि यंत्रों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसान कल्याण वर्ष के दौरान इस दिशा में व्यापक प्रयास हुए हैं। बलराम कृषि महोत्सव ने भी कृषि क्षेत्र को अधिक समृद्ध और सशक्त बनाने में योगदान दिया है।
डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना से प्रदेश के बड़ी संख्या में किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
फार्मर आईडी से खाद और यूरिया की उपलब्धता पर निगरानी
मुख्यमंत्री ने बताया कि फार्मर आईडी व्यवस्था से खाद और यूरिया के भंडार की वास्तविक स्थिति जानने में मदद मिल रही है। मध्यप्रदेश इस व्यवस्था का प्रभावी उपयोग कर रहा है। कम वर्षा वाले जिलों में बोरवेल खनन पर प्रतिबंध लगाने की पहल भी की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है। किसानों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यह पहल आगे भी जारी रहेगी।
पराली प्रबंधन में प्रदेश को आदर्श बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने पराली नियंत्रण के मामले में मध्यप्रदेश को देश के लिए एक उदाहरण बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि फसलों को विभिन्न पशुओं से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए बोमा कैप्चरिंग पद्धति के प्रयोग के सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
बैठक में उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किए जाने की जानकारी भी दी। विजेताओं को ट्रैक्टर, बुलेट मोटरसाइकिल और स्कूटी जैसे पुरस्कार प्रदान किए गए हैं।
प्राकृतिक खेती और गोपालन को मिलेगा प्रोत्साहन
डॉ. यादव ने भारतीय किसान संघ से प्रदेश में सहकारी समितियों के गठन की प्रक्रिया को गति देने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले तथा गौशालाओं का संचालन करने वाले पशुपालकों को भी राज्य सरकार अनुदान का लाभ देगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार गोवंश प्राकृतिक खेती को कई तरह से उपयोगी सहयोग प्रदान करता है। इसी उद्देश्य से किसानों की सहकारी समितियों को गोपालन के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने गेहूं, चना और बाजरा जैसी फसलों की खरीद व्यवस्था तथा किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए किए गए प्रबंधों की जानकारी भी दी। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
त्योहारों से पहले मिठाई और मावे की दुकानों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई
सिहोरा और पाटन में कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, मिल्क केक, खोवा, बर्फी और अन्य मिठाइयों के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे
जबलपुर, 3 नवंबर 2026।
त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जबलपुर जिले में जांच अभियान तेज कर दिया गया है। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर मंगलवार को राजस्व और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने सिहोरा तथा पाटन क्षेत्र में मिठाई और मावा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान अधिकारियों ने सिहोरा की विजय स्वीट्स से मिल्क केक, शिवम स्वीट्स से सलोनी और बर्फी तथा बीकानेर स्वीट्स से मावे के नमूने एकत्र किए।
इसी क्रम में पाटन स्थित बडू खोवा से खोवा के दो नमूने लिए गए। बीकानेर स्वीट्स से मिठाई और मावे के चार, नेमा स्वीट्स से मिठाई के दो तथा कृष्णा स्वीट्स से मिठाई के दो नमूने संग्रहित किए गए।
भोपाल की प्रयोगशाला में होगी गुणवत्ता की जांच
सभी एकत्रित नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में यदि किसी खाद्य पदार्थ का नमूना निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा लागू नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। जांच अभियान के माध्यम से मिठाई और मावा कारोबार में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
(SDNA)



