म्यांमार टेरर ट्रेनिंग केस: अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को जमानत, 6 यूक्रेनी नागरिकों पर कोर्ट की अहम टिप्पणी

राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा—यूक्रेनी नागरिक जमानत के लिए आवेदन करते हैं तो उन्हें भी जमानत पाने का अधिकार

नई दिल्ली।  (सद्वार्ता)  म्यांमार में कथित आतंकी प्रशिक्षण से जुड़े मामले में गिरफ्तार सात विदेशी नागरिकों को लेकर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से दर्ज मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को अदालत ने डिफॉल्ट जमानत दे दी है। अदालत ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही उन्हें दिल्ली में रहने का निर्देश दिया गया है।

अदालत ने मामले में गिरफ्तार छह यूक्रेनी नागरिकों को लेकर भी टिप्पणी की कि यदि वे जमानत के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें भी जमानत पाने का अधिकार है। हालांकि, जांच अधिकारी द्वारा बुलाए जाने पर उन्हें जांच में शामिल होना होगा।

सात विदेशी नागरिकों के खिलाफ जांच

एनआईए ने इस मामले में सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। इनमें छह यूक्रेनी नागरिक और एक अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। एजेंसी ने मामले की जांच के बाद इन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

रिपोर्ट के अनुसार, जांच के सिलसिले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था। अब अदालत से उन्हें जमानत मिल गई है।

क्या है पूरा मामला?

एनआईए के अनुसार, आरोपियों पर म्यांमार में कथित तौर पर आतंकी प्रशिक्षण से जुड़े होने का आरोप है। एजेंसी का कहना है कि ये सभी आरोपी टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे और बाद में मिजोरम पहुंचे। इसके बाद उन्होंने कथित रूप से अवैध तरीके से म्यांमार में प्रवेश किया।

जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों के म्यांमार के कुछ जातीय सशस्त्र समूहों से संपर्क थे और वहां कथित तौर पर हथियार चलाने तथा ड्रोन संचालित करने का प्रशिक्षण दिया गया।

जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि यूरोप से ड्रोन मंगवाए गए थे, जिनका इस्तेमाल कथित प्रशिक्षण गतिविधियों में किया गया।

अलग-अलग स्थानों से हुई गिरफ्तारियां

मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था। वहीं छह यूक्रेनी नागरिकों में से तीन को दिल्ली और तीन को लखनऊ से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।

गिरफ्तार यूक्रेनी नागरिकों की पहचान हर्बा पेट्रो, स्लिवियाक टारस, इवान सुकमनोवस्की, स्टीफन मारियन, होंचारुक मकसीम और कामिनिस्की विक्टर के रूप में बताई गई है।

नेटवर्क और संपर्कों की जांच जारी

फिलहाल मामले की जांच एनआईए द्वारा जारी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों के कथित नेटवर्क और संपर्क किन-किन देशों तथा संगठनों तक फैले हुए हैं।

अदालत की ओर से जमानत संबंधी टिप्पणी और अमेरिकी नागरिक को मिली डिफॉल्ट जमानत के बाद अब मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।