Wednesday, September 23

UNGA में ट्रंप का ईरान पर कड़ा रुख, बोले- परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे

न्यूयॉर्क, 22 सितंबर (SDNA): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर अपने प्रशासन की नीति का बचाव किया।

ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान के संबंध में अमेरिका के सामने आगे एक महत्वपूर्ण निर्णय है। उन्होंने एक संभावित समझौते और ईरान के खिलाफ कठोर कार्रवाई के विकल्पों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना है। उनके भाषण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के साथ-साथ पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति भी प्रमुख विषय रही।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरानी शासन पर क्षेत्र में हिंसा और आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ईरान परमाणु क्षमता हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा था और अमेरिका ने उसके प्रयासों को रोकने के लिए कार्रवाई की। ये दावे ट्रंप के संबोधन का हिस्सा थे और इन्हें अमेरिकी प्रशासन के दृष्टिकोण के रूप में देखा जाना चाहिए।

मध्यावधि चुनाव के बाद समझौते की संभावना का संकेत

ट्रंप ने कहा कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के साथ किसी नए समझौते की संभावना बन सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनावों का ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के उनके घोषित लक्ष्य पर असर नहीं पड़ेगा।

गाजा और यूक्रेन का भी किया उल्लेख

अपने व्यापक संबोधन में ट्रंप ने गाजा युद्ध, यूक्रेन संघर्ष और अमेरिका की विदेश नीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने गाजा में युद्ध समाप्त कराने और बंधकों की वापसी के लिए अपने प्रशासन के प्रयासों का दावा किया। यूक्रेन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि अमेरिका रूस और यूक्रेन दोनों के साथ संपर्क में है और संघर्ष के समाधान के लिए प्रयास जारी हैं।

व्यापार और होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी चर्चा

ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले समुद्री व्यापार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने टैरिफ को अपनी आर्थिक एवं विदेश नीति का महत्वपूर्ण उपकरण बताते हुए कहा कि अमेरिका ने इसका इस्तेमाल विभिन्न अंतरराष्ट्रीय विवादों में दबाव बनाने के लिए किया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने भाषण में वेनेजुएला के साथ ऊर्जा संबंधी समझौते, ग्रीनलैंड, संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय सहित कई अन्य मुद्दों पर भी अपनी सरकार का पक्ष रखा।

ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान वैश्विक संस्थाओं, अमेरिकी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को लेकर भी कई कड़े विचार रखे। उनका भाषण मुख्य रूप से अमेरिकी विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और विभिन्न वैश्विक संकटों पर प्रशासन के दृष्टिकोण को रेखांकित करने पर केंद्रित रहा।

SDNA: संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां आम बहस सत्र 22 से 28 सितंबर तक न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित हो रहा है।