
बोले तेजस्वी यादव- आरोपियों के नाम हटाकर पोस्ट क्यों की गई? शांभवी चौधरी की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई
पटना | 24 सितंबर 2026 (SDNA)
बिहार के समस्तीपुर में नाबालिग लड़की से कथित बदसलूकी के मामले को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
तेजस्वी यादव का दावा है कि बिहार पुलिस की ओर से जारी प्रेस रिलीज में आरोपियों के नाम दर्ज थे, लेकिन शांभवी चौधरी ने इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते समय नाम वाला हिस्सा क्रॉप कर दिया। इस आरोप के बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
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तेजस्वी ने पोस्ट को लेकर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस की मूल प्रेस रिलीज में चारों आरोपियों के नाम मौजूद थे, जबकि सांसद की ओर से साझा की गई पोस्ट में यह हिस्सा दिखाई नहीं दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर आरोपियों के नाम हटाकर पुलिस की जानकारी क्यों साझा की गई।
तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि नाम हटाने के पीछे आरोपियों की जातीय पहचान सार्वजनिक न होने देने का उद्देश्य हो सकता है। हालांकि, यह तेजस्वी यादव का आरोप है और शांभवी चौधरी की ओर से इस आरोप के पीछे की मंशा को लेकर तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
चार आरोपी गिरफ्तार
समस्तीपुर पुलिस के अनुसार, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने तकनीकी जानकारी के आधार पर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव के पास घटना की पहचान की और कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
रिपोर्टों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास कुमार, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने के करीब छह घंटे के भीतर सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
राजनीतिक आरोपों पर भी बढ़ा विवाद
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में शांभवी चौधरी के साथ-साथ उनकी पार्टी और उससे जुड़े नेताओं पर भी राजनीतिक सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला सांसद को नाबालिग पीड़िता के पक्ष में खड़ा होना चाहिए था, लेकिन सोशल मीडिया पोस्ट में आरोपियों के नाम नहीं दिखने से कई सवाल खड़े होते हैं।
तेजस्वी ने इसे लेकर बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े व्यापक मुद्दे भी उठाए। हालांकि, पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी अलग से आधिकारिक तौर पर सामने आई है।
शांभवी चौधरी की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे विवाद में अब शांभवी चौधरी या उनकी पार्टी की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, तेजस्वी यादव के आरोपों के समय तक सांसद की ओर से इस विशेष आरोप पर तत्काल सार्वजनिक जवाब सामने नहीं आया था।
समस्तीपुर की घटना में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब विवाद का दूसरा पहलू राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप बन गया है। एक ओर पुलिस मामले की कानूनी जांच आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।



