Saturday, October 10

पौधा लगाने से आगे बढ़कर वृक्ष बचाने का संकल्प, आयकर विभाग बनाएगा ‘आयकर वाटिका’

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत विक्रम विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण; सांसद अनिल फिरोजिया समेत वृक्ष मित्रों का सम्मान

उज्जैन | SDNA

पर्यावरण संरक्षण को केवल अभियान तक सीमित रखने के बजाय उसे निरंतर जिम्मेदारी में बदलने की दिशा में आयकर विभाग, उज्जैन ने पहल की है। ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को विक्रम विश्वविद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पौधारोपण के साथ लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम की खास पहल के रूप में आयकर विभाग ने परिसर में ‘आयकर वाटिका’ विकसित करने का संकल्प लिया। इसका उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों को संरक्षित कर उन्हें भविष्य के वृक्षों में विकसित करना है।

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पौधारोपण के साथ संरक्षण पर जोर

कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, आयकर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा विभिन्न सामाजिक एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रधान आयकर आयुक्त द्वारा पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले वृक्ष मित्रों तथा सांसद अनिल फिरोजिया का सम्मान किया गया।

सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि पौधा लगाना पहला कदम है, लेकिन वास्तविक जिम्मेदारी तब शुरू होती है जब उस पौधे की नियमित देखभाल कर उसे वृक्ष बनाया जाए। पर्यावरण संरक्षण किसी एक विभाग या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से लोगों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने का काम करते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने लगाए पौधे को परिवार के सदस्य की तरह संरक्षित करे, तो आने वाले वर्षों में इसका व्यापक पर्यावरणीय प्रभाव दिखाई दे सकता है।

‘आयकर वाटिका’ बनेगी जनभागीदारी का प्रतीक

आयकर विभाग द्वारा ‘आयकर वाटिका’ विकसित किए जाने के संकल्प पर सांसद ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी एवं सार्वजनिक परिसरों में इस प्रकार की हरित पहल लोगों के लिए उदाहरण बन सकती है।

कार्यक्रम में वृक्ष मित्रों और सहयोगी संस्थाओं के योगदान की भी सराहना की गई। पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए भविष्य में भी जनभागीदारी के साथ पौधारोपण और वृक्ष संरक्षण अभियानों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।

स्वच्छता से पर्यावरण तक, जिम्मेदारी का विस्तार

कार्यक्रम के अंत में आयकर अधिकारी रूप नारायण पटेल ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले अतिथियों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों, वृक्ष मित्रों और विभिन्न संस्थाओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया।

खबर के पीछे का अर्थ

इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण संदेश ‘पौधारोपण की संख्या नहीं, पौधों का भविष्य’ है। अक्सर हरित अभियानों में कितने पौधे लगाए गए, इसे सफलता का पैमाना माना जाता है, जबकि वास्तविक पर्यावरणीय लाभ तभी मिलता है जब पौधे जीवित रहें और वृक्ष बनें।

‘आयकर वाटिका’ का संकल्प इसी सोच को आगे बढ़ाता है—सरकारी परिसर केवल प्रशासनिक गतिविधियों के केंद्र न रहकर पर्यावरण संरक्षण के मॉडल भी बन सकते हैं। यदि ऐसे प्रयासों में स्थानीय नागरिकों, संस्थाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी जुड़ती है, तो पौधारोपण एक कार्यक्रम से आगे बढ़कर दीर्घकालीन हरित आंदोलन का रूप ले सकता है।

(SDNA)