Saturday, October 10

गऊघाट पर झाड़ू से स्वच्छता का संदेश, क्षिप्रा संरक्षण की ली शपथ

प्रधान आयकर आयुक्त डॉ. राजाराम साह के नेतृत्व में चला विशेष अभियान; अधिकारियों-कर्मचारियों ने सार्वजनिक स्थलों और जलस्रोतों को स्वच्छ रखने का लिया संकल्प

उज्जैन | SDNA

क्षिप्रा नदी के घाटों की स्वच्छता को लेकर आयकर विभाग ने गुरुवार को गऊघाट पर श्रमदान के साथ जिम्मेदारी का संदेश दिया। ‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा-2026’ के अंतर्गत प्रधान आयकर आयुक्त कार्यालय, उज्जैन द्वारा आयोजित विशेष स्वच्छता अभियान का नेतृत्व प्रधान आयकर आयुक्त डॉ. राजाराम साह ने किया।

अभियान के दौरान आयकर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी केवल औपचारिक उपस्थिति तक सीमित नहीं रहे, बल्कि हाथों में झाड़ू, दस्ताने और पर्यावरण अनुकूल कचरा संग्रहण थैलियां लेकर गऊघाट परिसर की सफाई में जुटे। एकत्रित कचरे को नगर निगम कर्मचारियों के सहयोग से निर्धारित स्थान तक पहुंचाकर उचित निस्तारण की व्यवस्था की गई।

📢 SD News Agency से जुड़ें और पाएं हर खबर का अपडेट अपने मोबाइल पर!

देश-दुनिया, राजनीति, समाज, व्यापार, प्रदेश और स्थानीय समाचारों की ताजा एवं महत्वपूर्ण खबरें सीधे अपने मोबाइल WhatsApp पर प्राप्त करते रहें।

📰 SD News Agency के WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और ग्रुप से जुड़ जाएं।

👉 WhatsApp Group से जुड़ने के लिए क्लिक करें:
SD News Agency WhatsApp Group से जुड़ें

SD News Agency — खबर वही, जो आपके लिए जरूरी है।

गऊघाट को बनाया स्वच्छता अभियान का केंद्र

आयकर विभाग की ओर से गऊघाट को स्वच्छता अभियान के लिए चयनित किया गया था। नदी और उसके घाट धार्मिक आस्था के साथ-साथ शहर के सार्वजनिक जीवन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी न होकर नागरिक भागीदारी से जुड़ा विषय है।

अभियान के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने घाट परिसर में जमा कचरे को हटाने के साथ लोगों को सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने के प्रति जागरूक करने का संदेश भी दिया।

‘शपथ’ से अभियान को मिला व्यवहार परिवर्तन का संदेश

कार्यक्रम में आयकर विभाग के नवागत कर्मचारियों ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। विभागीय कार्यक्रम में नए कर्मचारियों को इस जिम्मेदारी से जोड़ना अभियान का एक अलग पहलू रहा।

प्रधान आयकर आयुक्त डॉ. राजाराम साह ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सार्वजनिक स्थलों और क्षिप्रा नदी के घाटों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

नदी की सफाई केवल घाट तक सीमित नहीं

इस अभियान का उद्देश्य अधिकारियों-कर्मचारियों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ-साथ नदी, तालाब और अन्य जलस्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी रहा।

गऊघाट जैसे सार्वजनिक स्थलों पर होने वाले स्वच्छता अभियानों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यहां आने वाले नागरिकों के व्यवहार का सीधा असर नदी और आसपास के पर्यावरण पर पड़ता है।

नगर निगम के सहयोग से कचरे का निस्तारण

सफाई के दौरान एकत्र किए गए कचरे को नगर निगम कर्मचारियों के सहयोग से निर्धारित स्थान पर पहुंचाया गया। इससे अभियान में केवल कचरा उठाने के बजाय उसके उचित निस्तारण पर भी ध्यान दिया गया।

खबर के पीछे का अर्थ : स्वच्छता अभियान की असली परीक्षा अगले दिन होती है

गऊघाट पर चला यह अभियान केवल एक दिन की सफाई गतिविधि नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थलों को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाता है। किसी घाट को एक दिन साफ करना आसान हो सकता है, लेकिन उसे लगातार साफ बनाए रखना कहीं बड़ी चुनौती है।

क्षिप्रा जैसे जलस्रोतों के लिए स्वच्छता का अर्थ केवल घाट से कचरा हटाना नहीं है। नदी में कचरा न डालना, पूजा सामग्री का उचित प्रबंधन, प्लास्टिक का कम उपयोग और सार्वजनिक स्थानों पर जिम्मेदार व्यवहार भी उतना ही जरूरी है।

इस दृष्टि से अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा ली गई शपथ का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब अभियान की भावना कार्यालय से निकलकर रोजमर्रा के नागरिक व्यवहार तक पहुंचे।

यदि सरकारी विभाग, नगर निगम, सामाजिक संस्थाएं और नागरिक मिलकर नियमित निगरानी एवं जनजागरूकता को आगे बढ़ाएं, तो ऐसे अभियान केवल प्रतीकात्मक आयोजन न रहकर क्षिप्रा संरक्षण की स्थायी जनभागीदारी का आधार बन सकते हैं।

(SDNA)