64 खाने, 32 मोहरे और राजनीति का शतरंज
सत्ता, रणनीति और समाज को समझने का एक रूपक
— डॉ. विनायक अशोक लुनिया
शतरंज की बिसात पर कुल 64 खाने होते हैं और दो पक्षों के बीच कुल 32 मोहरे। पहली नजर में यह काले और सफेद खानों पर चलने वाले राजा, रानी, हाथी, ऊंट, घोड़े और प्यादों का खेल दिखाई देता है। लेकिन यदि शतरंज को राजनीति की नजर से देखा जाए, तो यही बिसात सत्ता, रणनीति, संघर्ष, सहयोग और शक्ति-संतुलन का एक दिलचस्प रूपक बन जाती है।
शतरंज की खासियत यह है कि इसमें कोई भी चाल अकेली नहीं होती। एक चाल के पीछे अगली चाल की संभावना छिपी होती है। एक मोहरे की स्थिति दूसरे मोहरे की ताकत या कमजोरी बदल सकती है और कभी-कभी सबसे छोटा प्यादा भी पूरी बाजी का रुख बदल देता है। राजनीति में भी परिस्थितियां कुछ ऐसी ही होती हैं—हर निर्णय का असर आगे की रणनीति पर पड़ता है और सत्ता के समीकरण लगातार बदलते रहते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि शतरंज और सामाजिक-र...

