Friday, October 9

KGMU नर्सिंग भर्ती को लेकर अखिलेश यादव का भाजपा पर निशाना, बोले- ‘जांच निकलेगी तो दूर तलक जाएगी’

1,276 पदों की भर्ती में एक ही कोचिंग से 500 से अधिक चयन का मामला चर्चा में; अखिलेश ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठाए गंभीर सवाल

लखनऊ। (SDNA) किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में वर्ष 2023 में हुई नर्सिंग भर्ती को लेकर सामने आए तथ्यों के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इस मामले की गंभीरता से जांच हुई तो इसकी परतें दूर तक जा सकती हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, KGMU की 1,276 पदों वाली नर्सिंग भर्ती में 500 से अधिक अभ्यर्थियों के एक ही जयपुर स्थित कोचिंग संस्थान से चयनित होने की बात सामने आई है। इसी पहलू को लेकर जांच एजेंसी द्वारा भर्ती प्रक्रिया में संभावित कनेक्शन और अनियमितताओं की पड़ताल की जा रही है।

पुराने मामलों का भी किया उल्लेख

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में नर्सिंग और चिकित्सा क्षेत्र की भर्तियों से जुड़े ऐसे मामले पहले भी सामने आए हैं। उन्होंने लोहिया संस्थान, पीजीआई और सैफई मेडिकल का उल्लेख करते हुए KGMU नर्सिंग तथा पैरामेडिकल टेक्निकल स्टाफ भर्ती के मामले को भी इसी संदर्भ में जोड़ा।

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उन्होंने जांच एजेंसियों से पूरे मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल किए जाने की अपेक्षा जताई और सवाल उठाया कि क्या जांच केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रहेगी या भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी संभावित कनेक्शनों की वास्तविक पड़ताल होगी।

‘जांच हुई तो दूर तलक जाएगी’—अखिलेश

अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट की शुरुआत “जांच निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी…” टिप्पणी से की। उन्होंने भर्ती में कथित गड़बड़ी के पीछे किसी संभावित नेटवर्क या आपसी सांठगांठ की जांच किए जाने की बात कही।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चिकित्सा क्षेत्र में अयोग्य लोगों को कथित रूप से पिछले दरवाजे से प्रवेश देने की कोशिश जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकती है। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं और मामले में जांच के निष्कर्ष अभी महत्वपूर्ण होंगे।

चिकित्सा क्षेत्र की भर्तियों पर उठे सवाल

अखिलेश ने अपने बयान में भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को आम लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि कथित भ्रष्टाचार और अनुचित तरीके से नियुक्तियों का असर सीधे चिकित्सा व्यवस्था की गुणवत्ता पर पड़ सकता है।

इस पूरे विवाद में अब जांच एजेंसियों की पड़ताल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जांच में दस्तावेजों के साथ-साथ भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य साक्ष्यों और संभावित संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।

आरोपों की सच्चाई जांच के निष्कर्ष से होगी स्पष्ट

KGMU की ओर से उपलब्ध आधिकारिक वेबसाइट पर वर्तमान में विभिन्न नर्सिंग और पैरामेडिकल गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं प्रकाशित हैं, लेकिन अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर स्वतंत्र रूप से कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

ऐसे में पूरे मामले में जांच की प्रगति और आधिकारिक निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। भर्ती प्रक्रिया में यदि किसी स्तर पर अनियमितता प्रमाणित होती है तो उसकी जिम्मेदारी तय करना जांच एजेंसियों का विषय होगा।

(SDNA)