Friday, October 9

अब महिलाएं बनेंगी अपने कारोबार की ‘मालकिन’! LVGC की नारी शक्ति पहल से घर बैठे बिजनेस, देश-विदेश के बाजार तक पहुंच

11 से 20 अक्टूबर तक विशेष अभियान; अपना ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बनाने से लेकर Amazon, Flipkart, Meesho, AJIO और Myntra पर विक्रेता बनने तक का अवसर, मध्य प्रदेश में 1,000 महिला उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य

इंदौर | SDNA

नारी अब केवल परिवार की शक्ति ही नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति की नई पहचान भी बनेगी। महिलाओं की इसी क्षमता को कारोबार में बदलने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से LVGC ने अपनी ‘नारी शक्ति’ पहल के तहत एक विशेष ई-कॉमर्स उद्यमिता कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। मां दुर्गा के आशीर्वाद के साथ 11 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाला यह अभियान महिलाओं को डिजिटल इंडिया से जोड़कर उनके घरेलू हुनर को व्यावसायिक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

इस पहल की परिकल्पना ऐसी महिलाओं को ध्यान में रखकर की गई है, जो अपना व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं, लेकिन पूंजी, दुकान, बाजार तक पहुंच या कारोबार के प्रबंधन जैसी चुनौतियों के कारण आगे नहीं बढ़ पातीं। LVGC का उद्देश्य महिलाओं को ऐसा डिजिटल व्यावसायिक माध्यम उपलब्ध कराने में सहायता देना है, जिसके जरिए वे अपने घर या कार्यालय से कारोबार संचालित करने और अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में काम कर सकें।

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अपना प्लेटफॉर्म, अपना कारोबार और अपनी पहचान

इस कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को स्वयं का ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्थापित करने के साथ-साथ Amazon, Flipkart, Meesho, AJIO और Myntra जैसे प्रमुख ऑनलाइन बाजारों पर विक्रेता बनने के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे महिलाएं अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं और स्थानीय बाजार की सीमाओं से बाहर निकलकर अधिक ग्राहकों तक पहुंचने का प्रयास कर सकती हैं।

घरेलू उद्योगों में तैयार होने वाले उत्पाद, हस्तनिर्मित वस्तुएं, परिधान, खाद्य उत्पाद और अन्य उपयुक्त सामान डिजिटल बाजार में नई संभावनाएं पैदा कर सकते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को केवल ऑनलाइन दुकान उपलब्ध कराने तक सीमित न रखकर उन्हें अपने कारोबार की पहचान बनाने और दीर्घकालीन उद्यम विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

100 दिन का भरोसा: निवेश वापसी को लेकर LVGC का दावा

नए व्यवसाय को लेकर महिलाओं के मन में अक्सर सबसे बड़ा सवाल होता है—यदि कारोबार नहीं चला तो क्या होगा? LVGC के चेयरपर्सन लूनिया ने इस चिंता के संदर्भ में दावा किया है कि यदि कोई महिला 100 दिनों के भीतर अपना कारोबार शुरू नहीं कर पाती अथवा व्यवसाय छोड़ना चाहती है, तो निर्धारित शर्तों के अंतर्गत उसके निवेश की पूरी राशि बिना किसी कटौती के वापस की जाएगी।

यह दावा कार्यक्रम को लेकर महिलाओं का भरोसा बढ़ाने के उद्देश्य से सामने रखा गया है। हालांकि, इच्छुक महिलाओं के लिए आवश्यक होगा कि वे निवेश से पहले रिफंड की पात्रता, समयसीमा, लागू शर्तों और लिखित अनुबंध की स्पष्ट जानकारी प्राप्त करें।

मध्य प्रदेश में 1,000 महिला उद्यमी, 5,000 छोटे कारोबारियों को जोड़ने का लक्ष्य

LVGC के चेयरपर्सन लूनिया के अनुसार, इस पहल के तहत मध्य प्रदेश में 1,000 महिलाओं को उद्यमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही लगभग 5,000 घरेलू उद्योग संचालकों, छोटे निर्माताओं और रीसेलर्स को सप्लायर के रूप में जोड़ने की योजना है।

इस मॉडल के जरिए एक ओर महिलाएं ऑनलाइन कारोबार के माध्यम से अपने उत्पादों की बिक्री कर सकेंगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निर्माता और छोटे व्यापारी अपने उत्पादों के लिए नए बिक्री माध्यम तलाश सकेंगे। यदि यह नेटवर्क प्रभावी ढंग से विकसित होता है, तो इससे स्थानीय उत्पादन, डिजिटल व्यापार और महिला उद्यमिता के बीच एक उपयोगी कारोबारी संबंध स्थापित हो सकता है।

महिला सशक्तीकरण को रोजगार से आगे उद्यमिता तक ले जाने की पहल

महिला सशक्तीकरण का वास्तविक अर्थ केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को अपने निर्णय स्वयं लेने, आय के साधन विकसित करने और कारोबार की जिम्मेदारी संभालने में सक्षम बनाना भी है। LVGC की ‘नारी शक्ति’ पहल इसी सोच के साथ महिलाओं को डिजिटल उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रही है।

हालांकि, किसी भी ई-कॉमर्स व्यवसाय की सफलता उत्पाद की गुणवत्ता, सही कीमत, बाजार की मांग, ग्राहक सेवा, डिजिटल मार्केटिंग और संचालन पर निर्भर करती है। इसलिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और कारोबार शुरू होने के बाद मार्गदर्शन इस पहल की उपयोगिता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

11 से 20 अक्टूबर तक विशेष अभियान

LVGC की ओर से घोषित कार्यक्रम की अवधि 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की गई है। इस दौरान महिलाओं को ई-कॉमर्स कारोबार से जोड़ने और उन्हें अपने उद्यम की शुरुआत के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा।

इस पहल का व्यापक संदेश है कि महिलाओं के पास हुनर है तो उसे बाजार तक पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यम एक नया रास्ता बन सकते हैं। घर में तैयार होने वाला उत्पाद भी ऑनलाइन बाजार के जरिए बड़े ग्राहक वर्ग तक पहुंचने की क्षमता रखता है—बशर्ते कारोबार सही योजना, गुणवत्ता और पारदर्शी प्रक्रियाओं के साथ संचालित किया जाए।

‘आत्मनिर्भर भारत, आत्मनिर्भर महिला’ के संकल्प के साथ LVGC की नारी शक्ति पहल महिला उद्यमिता, घरेलू उद्योगों और डिजिटल व्यापार को एक मंच पर जोड़ने की दिशा में प्रयासरत है। अब इस पहल की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि कितनी महिलाएं इससे जुड़कर टिकाऊ कारोबार स्थापित कर पाती हैं और अपनी आर्थिक स्वतंत्रता की नई कहानी लिखती हैं।