
आखिरी बातचीत से लेकर साथ खाना बनाने तक की यादें साझा कीं; बोलीं—‘शायद वह जल्द काफी जल्दी नहीं था’
नई दिल्ली। (SDNA) दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके चाहने वालों और करीबियों की आंखें नम हैं। भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी नाना पाटेकर को भावुक अंदाज में याद करते हुए सोशल मीडिया पर उनके साथ बिताए निजी पलों की कुछ यादें साझा की हैं। स्मृति ईरानी नाना पाटेकर को प्यार से ‘दादा’ कहकर बुलाती थीं।
स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि दुनिया नाना पाटेकर को जिस नाम से जानती थी, उनके लिए वह हमेशा ‘दादा’ थे। उनके फोन अचानक आ जाते थे और उनमें किसी तरह की औपचारिकता नहीं होती थी। उनकी बातचीत की शुरुआत अक्सर उसी आत्मीय अंदाज में होती थी—‘कहां है रे?’
तस्वीरों से ज्यादा यादें रह गईं
स्मृति ईरानी ने लिखा कि उन्होंने नाना पाटेकर के साथ बिताए पलों की शायद ही कभी तस्वीरें लीं। उस समय कभी यह ख्याल नहीं आया था कि एक दिन ऐसा भी आएगा, जब साथ बिताए पलों की यादों के लिए तस्वीरें ही सहारा बनेंगी।
📢 SD News Agency से जुड़ें और पाएं हर खबर का अपडेट अपने मोबाइल पर!
देश-दुनिया, राजनीति, समाज, व्यापार, प्रदेश और स्थानीय समाचारों की ताजा एवं महत्वपूर्ण खबरें सीधे अपने मोबाइल WhatsApp पर प्राप्त करते रहें।
📰 SD News Agency के WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और ग्रुप से जुड़ जाएं।
👉 WhatsApp Group से जुड़ने के लिए क्लिक करें:
SD News Agency WhatsApp Group से जुड़ें
SD News Agency — खबर वही, जो आपके लिए जरूरी है।
उन्होंने नाना के साथ अपने आत्मीय रिश्ते को याद करते हुए बताया कि वह कई बार उन्हें अचानक फोन कर देती थीं। कभी किसी युवा प्रतिभा की नाना से बात कराने के लिए भी फोन करती थीं। उनके अनुसार, नाना ऐसे मौकों पर सहजता से बातचीत करते थे और युवा प्रतिभाओं से बात करने में खुशी महसूस करते थे।
‘दादा ने मेरे लिए खाना बनाया था’
स्मृति ईरानी ने नाना पाटेकर से जुड़ी अपनी सबसे प्यारी यादों में से एक खाना बनाने का प्रसंग बताया। उन्होंने नाना का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें वह उनके लिए खाना बनाते नजर आ रहे हैं।
उन्होंने लिखा कि यह कोई विशेष अवसर नहीं था। न कोई औपचारिक आयोजन और न कोई खास मौका—बस नाना अपने सहज और आत्मीय अंदाज में उनके लिए खाना बना रहे थे। स्मृति के अनुसार, यह छोटी-सी घटना आज उनके लिए बेहद अनमोल स्मृति बन गई है।
आखिरी बातचीत अब भी कानों में गूंजती है
स्मृति ईरानी ने नाना पाटेकर के साथ हुई अपनी आखिरी बातचीत को याद करते हुए लिखा कि उनके शब्द आज भी कानों में गूंजते हैं। नाना ने उनसे पूछा था कि वह पुणे कब आएंगी।
स्मृति ने उन्हें जवाब दिया था—‘जल्द ही।’
लेकिन अब उन्हें लगता है कि शायद वह ‘जल्द’ उतनी जल्दी नहीं आया, जितनी जल्दी आना चाहिए था।
अपनी भावुक पोस्ट के अंत में स्मृति ईरानी ने लिखा—‘दूसरी दुनिया में मिलेंगे, दादा।’
नाना के व्यक्तित्व की एक अलग तस्वीर
नाना पाटेकर को पर्दे पर उनके दमदार अभिनय, तीखे संवाद और बेबाक व्यक्तित्व के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन स्मृति ईरानी की यादों में दिखाई देने वाले नाना इससे अलग हैं—एक ऐसे आत्मीय व्यक्ति के रूप में, जो अचानक फोन कर हाल पूछता था, युवा कलाकारों से बात करता था और अपनेपन से किसी के लिए खाना भी बना देता था।
उनकी ये निजी स्मृतियां बताती हैं कि एक महान अभिनेता के पीछे एक संवेदनशील और स्नेही इंसान भी था। नाना पाटेकर के जाने के बाद उनके निभाए किरदार और फिल्मी संवाद तो याद रहेंगे ही, लेकिन उनके करीबियों के दिलों में बसी ऐसी छोटी-छोटी यादें भी उन्हें लंबे समय तक जीवित रखेंगी।
(SDNA)



