मक्का के पास ड्रोन हमले पर भारत सख्त, सऊदी अरब के समर्थन में आया बड़ा बयान

भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता और मक्का की सुरक्षा को लेकर जताई गंभीर चिंता

नई दिल्ली, 16 सितंबर। (सद्वार्ता)  मक्का के पास ड्रोन हमले की घटना को लेकर भारत ने कड़ी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब की संप्रभुता का समर्थन करते हुए ऐसी किसी भी गतिविधि की निंदा की है, जिससे आम नागरिकों की जान और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को खतरा पैदा हो।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि भारत मक्का के पास हुई ड्रोन घटना को लेकर बेहद चिंतित है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हमले तथा आम लोगों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों की भारत निंदा करता है।

जायसवाल ने कहा कि मक्का के पास हुई घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह शहर दुनिया भर के मुसलमानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। भारत ने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी।

सऊदी अरब ने ड्रोन को किया नष्ट

सऊदी अरब के अनुसार, उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने मंगलवार को मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन का पता लगाया और उसे पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही नष्ट कर दिया।

सऊदी सेना के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने पवित्र स्थलों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को बेहद संवेदनशील मुद्दा बताते हुए इसे ‘रेड लाइन’ बताया। उन्होंने हूती विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने से किया इनकार

हालांकि, हूती संगठन ने मक्का को निशाना बनाने के आरोप से इनकार किया है। हूती प्रवक्ता हजेम अल-असद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि मक्का को निशाना बनाने के दावे पुराने आरोप हैं और उनका इस्तेमाल पहले भी किया जाता रहा है।

मक्का की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

मक्का में काबा स्थित है और यह हर वर्ष होने वाली हज यात्रा का प्रमुख केंद्र है। दुनिया भर से लाखों मुस्लिम श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। ऐसे में मक्का के आसपास किसी भी सैन्य गतिविधि को लेकर क्षेत्रीय स्तर पर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। लाल सागर और क्षेत्र के अन्य हिस्सों में सुरक्षा स्थिति का असर तेल आपूर्ति तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी पड़ रहा है।

क्षेत्र में जारी तनाव के बीच भारत ने शांति और स्थिरता बहाल करने की उम्मीद जताते हुए सऊदी अरब की संप्रभुता तथा पवित्र स्थलों की सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया है।