इंदौर में आकार लेगा प्रदेश का पहला सिंधु कला केंद्र

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भूमिपूजन समारोह को वर्चुअली किया संबोधित; सिंधु सभ्यता की विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने की पहल

इंदौर, 16 सितंबर | (सद्वार्ता)

सिंधु सभ्यता की गौरवशाली विरासत, संस्कृति, कला और परंपराओं को संरक्षित कर नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में इंदौर में प्रदेश के पहले सिंधु कला केंद्र का निर्माण आकार लेगा। “सिंधु सभ्यता से संस्कृति तक” की संकल्पना पर आधारित इस केंद्र का भूमिपूजन समारोह बुधवार को संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समारोह में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंधु घाटी सभ्यता विश्व की प्राचीनतम नगरीय सभ्यताओं में से एक थी। हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसे नगरों की सुव्यवस्थित सड़कें, जल निकासी व्यवस्था, पक्की ईंटों से बने भवन, अनाज भंडारण और व्यापारिक गतिविधियां उस समय के उन्नत नगर नियोजन एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि सिंधु सभ्यता के लोग कृषि, पशुपालन, शिल्प, धातु-कर्म और व्यापार में दक्ष थे। उनकी मुहरों, मूर्तियों, आभूषणों, मृद्भांडों और स्थापत्य अवशेषों से तत्कालीन समाज की कला-संवेदना, धार्मिक मान्यताओं और जीवनशैली की जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की अनेक परंपराओं में आज भी सिंधु सभ्यता की छाप दिखाई देती है।

संस्कृति और इतिहास का जीवंत प्रतीक होगा केंद्र : दिलीप लखी

कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी एवं लखी ग्रुप के चेयरमैन दिलीप लखी ने की। उन्होंने कहा कि सिंधु कला केंद्र केवल एक इमारत नहीं, बल्कि हजारों वर्षों पुरानी संस्कृति, कला और इतिहास का जीवंत प्रतीक बनेगा। केंद्र में सिंधु सभ्यता से जुड़े महापुरुषों और गौरवशाली विरासत का चित्रण, प्रदर्शनियां तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि नगर नियोजन, जल प्रबंधन, व्यापार, शिल्पकला, मुहरों, आभूषणों और दैनिक जीवन से जुड़े विषयों को आधुनिक तकनीक एवं दृश्य माध्यमों के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। इससे विशेष रूप से युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और इतिहास से जोड़ने में मदद मिलेगी।

ईश्वर जामनानी ने कहा कि समाज की संस्कृति और इतिहास को सुरक्षित रखना वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के प्रति भी हमारा दायित्व है। सिंधु कला केंद्र इस दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

शंकर लालवानी ने रखी केंद्र की परिकल्पना

सांसद एवं सिंधु हेरिटेज ट्रस्ट के अध्यक्ष शंकर लालवानी ने कहा कि सिंधु कला केंद्र की परिकल्पना सिंधु सभ्यता की समृद्ध विरासत, कला, संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को एक स्थान पर संरक्षित एवं प्रदर्शित करने के उद्देश्य से की गई है।

उन्होंने कहा कि सिंधु सभ्यता केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। केंद्र के माध्यम से इस विरासत को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि युवा अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित हो सकें।

समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, विधायक मालिनी गौड़ सहित सिंधु हेरिटेज ट्रस्ट के ट्रस्टीगण, पदाधिकारी, समाजजन, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


17 सितंबर से शुरू होगी ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’

लगभग 50 लाख निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का होगा नि:शुल्क पंजीयन; स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क राज्य सरकार वहन करेगी

इंदौर, 16 सितंबर | (सद्वार्ता)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार, 17 सितंबर को ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ का प्रदेशव्यापी शुभारंभ करेंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम गांधी नगर, इंदौर में आयोजित होगा। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 50 लाख निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का नि:शुल्क पंजीयन किया जाएगा।

प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत अब तक 41,568 ग्रामों में कुल 68.47 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं। पंजीयन के लिए नागरिकों से स्टाम्प ड्यूटी अथवा पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसकी पूरी राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।

संपत्ति के आधार पर ऋण प्राप्त करने में मिलेगी सुविधा

योजना के तहत तैयार निजी अधिकार अभिलेखों का पंजीयन किया जाएगा, जिससे हितग्राहियों को अपनी संपत्ति के आधार पर ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी। पंजीयन के बाद नागरिक गृह निर्माण, व्यवसाय, कृषि और अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण ले सकेंगे। इससे आजीविका और आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

पंचायत स्तर पर तीन चरणों में विशेष शिविर

पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ग्राम एवं पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। पहला चरण 17 से 19 सितंबर, दूसरा 24 से 26 सितंबर और तीसरा चरण 1 से 3 अक्टूबर तक आयोजित होगा।

आवेदन के लिए आबादी भूखंड की लैंड लिंकिंग और आवेदक की समग्र आईडी से ई-केवाईसी अनिवार्य होगी। आवेदन प्रक्रिया ‘सारा’ मोबाइल एप के माध्यम से संचालित होगी, जबकि ‘संपदा’ एप पर पंजीयन अधिकारी द्वारा रजिस्ट्री की जाएगी।

स्थानीय स्तर पर पूरी होगी प्रक्रिया

योजना के लिए पटवारी को निष्पादन अधिकारी तथा तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पीसीओ और एडीईओ को पंजीयन अधिकारी नियुक्त किया गया है। पंजीयन पूर्ण होने के बाद विलेख हितग्राही के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रदेशव्यापी अभियान को एक माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग और मैदानी समीक्षा की जाएगी। योजना से संबंधित जानकारी एवं सहायता के लिए राज्य स्तरीय डेडिकेटेड हेल्पडेस्क की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।


प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर इंदौर से ‘सेवा-संकल्प अभियान’ और स्वामित्व योजना का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले—बीते वर्षों में देश ने कई महत्वपूर्ण बदलाव देखे; नितिन नबीन उज्जैन में दीपोत्सव और आरती में होंगे शामिल

इंदौर, 16 सितंबर | (सद्वार्ता)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर देशभर में ‘सेवा-संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में गुजरात से लेकर भारत तक विकास और परिवर्तन की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद देशवासियों ने कई क्षेत्रों में बदलाव देखे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में विशेष दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 17 सितंबर को पहली बार मध्यप्रदेश आएंगे और इंदौर में ‘सेवा-संकल्प अभियान’ के शुभारंभ सहित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसी दौरान ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना-2026’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन के 50 लाख से अधिक पट्टाधारियों के पट्टों की रजिस्ट्री कराकर उन्हें नि:शुल्क उपलब्ध कराने के प्रदेशव्यापी अभियान की शुरुआत होगी।

उन्होंने बताया कि नितिन नबीन 17 सितंबर की शाम 7 बजे उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर आयोजित दीपोत्सव और संध्या आरती में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में उज्जैन में श्री महाकाल महालोक के लोकार्पण के बाद धार्मिक पर्यटन से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से की सौजन्य भेंट

इंदौर, 16 सितंबर | (सद्वार्ता)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार सुबह लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर 2026 से शुरू होने वाले एक माह के ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना-2026’ की तैयारियों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रदेश के लगभग 50 लाख लोगों को उनके पट्टों की पक्की रजिस्ट्री कराकर संबंधित दस्तावेज नि:शुल्क उपलब्ध कराने की व्यापक तैयारी की गई है।


प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर शाम 7 बजे पूरे प्रदेश में एक साथ जलेंगे ‘आशीर्वाद के दीये’

हर जिले के आइकॉनिक स्थानों, ग्राम पंचायतों और नगरीय वार्डों में होगा सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन

इंदौर, 16 सितंबर | (सद्वार्ता)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। इसके तहत शाम ठीक 7 बजे प्रदेश के प्रत्येक जिले के प्रमुख आइकॉनिक स्थानों, सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के प्रत्येक वार्ड में सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन स्थित श्री महाकाल महालोक में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे।

धार्मिक स्थलों से विकास परियोजनाओं तक जलेंगे दीये

प्रत्येक जिले में 10 प्रमुख आइकॉनिक स्थानों का चयन किया गया है। इनमें उज्जैन का श्री महाकाल महालोक, ओरछा का श्री राम राजा लोक, सलकनपुर देवी लोक, प्रमुख मंदिर और पवित्र नदियों के घाट शामिल हैं।

इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना की कॉलोनियों, नवनिर्मित पुलों, बांधों, अमृत सरोवरों, स्थानीय जल संरचनाओं और नर्मदा घाटी विकास परियोजनाओं पर भी दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।

स्वास्थ्य, ऊर्जा और शिक्षा संस्थान भी होंगे शामिल

एम्स, आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पतालों, औषधालयों, जनऔषधि केंद्रों, सोलर पार्क और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के साथ विद्यालयों, कॉलेजों, पंचायत भवनों एवं सामुदायिक केंद्रों में भी सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन होगा।

प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों, किलों और प्रमुख सार्वजनिक एवं पर्यटन स्थलों पर भी दीप जलाए जाएंगे। कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, लाड़ली बहना योजना की हितग्राही, किसान, युवा, विद्यार्थी और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।