आईटी पार्क से युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य जारी

उज्जैन, 20 सितंबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। आईटी पार्क और इंजीनियरिंग कैंपस के माध्यम से युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगार, कौशल विकास और नई तकनीकों से जुड़ने के अवसर मिलेंगे।

उज्जैन में आईटी क्षेत्र के विस्तार की दिशा में आईटी पार्क को महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे आने वाले समय में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि इंदौर और उज्जैन को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी नवाचार और उद्योगों के विस्तार को गति देना है।

आईटी पार्क परियोजना का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है। इसके लिए लगभग 2.16 हेक्टेयर भूमि निर्धारित है तथा कुल 15,480 वर्गमीटर बिल्ट-अप एरिया प्रस्तावित है। इसमें 11,436 वर्गमीटर क्षेत्र आईटी कंपनियों के लिए आरक्षित किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के निर्धारित मापदंडों का पालन करते हुए सभी कार्य समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने इंदौर रोड पर निर्माणाधीन पीएम एकता मॉल एवं महाकाल भक्त निवास की प्रगति की जानकारी भी ली और दोनों परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने महामृत्युंजय द्वार का भी निरीक्षण किया।


उज्जैन की ऐतिहासिक विरासत से रूबरू होंगे युवा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिहार से आए 16 सदस्यीय दल से किया संवाद

उज्जैन, 20 सितंबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास रोड स्थित वीवीआईपी गेस्ट हाउस में बिहार से उज्जैन आए 16 सदस्यीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दल से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से उज्जैन की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों पर चर्चा की तथा विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों और ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन वीर भारत संग्रहालय, सर्प उद्यान और महाकाल महालोक सहित सिंहस्थ-2028 के लिए चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वीर भारत संग्रहालय में प्राचीन काल से आधुनिक भारत तक के महान नायकों की गौरवगाथाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें वैदिक काल, रामायण एवं महाभारत काल, विक्रमादित्य काल तथा स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं और राष्ट्रनायकों के योगदान को समग्र रूप से प्रदर्शित करने की योजना है।

सर्प उद्यान के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन को ‘सर्प मित्र नगरी’ के रूप में विकसित करने का दृष्टिकोण रखा गया है। इसका उद्देश्य सांपों के संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन में उनकी भूमिका के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।

इन्फ्लुएंसर दल उज्जैन प्रवास के दौरान सिंहस्थ-2028 की तैयारियों, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तथा शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का अवलोकन करेगा।


“हम जो कार्य कर रहे हैं, वह ईश्वर की इच्छा से होता है” : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

श्री जैन श्वेतांबर मंदिर में नवीन उपाश्रय भवन का भूमि-पूजन

उज्जैन, 20 सितंबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे हाथ में न तो जन्म लेना है और न ही शरीर छोड़ना। भगवान महावीर ने त्याग, संयम, अहिंसा और करुणा का मार्ग दिखाया है। जीवन में जो समय मिला है, उसमें प्रत्येक व्यक्ति को सत्कर्म करते हुए अपना श्रेष्ठ योगदान देना चाहिए।

मुख्यमंत्री उज्जैन के माधवनगर क्षेत्र स्थित श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक तपागच्छ श्रीसंघ एवं उपाश्रय ट्रस्ट के नवीन उपाश्रय भवन के भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्री शीतलनाथ स्वामी के दर्शन एवं विधिवत पूजन-अर्चन किया तथा नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान महावीर के विचार मानव जीवन को त्याग, संयम, अहिंसा और करुणा का मार्ग दिखाते हैं। समाज में परस्पर प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है।

नवीन उपाश्रय भवन में ‘तीन धाम, एक मुकाम’ की अवधारणा के अंतर्गत मणिभद्र भगवान के मंदिर के साथ ई-लाइब्रेरी भवन का भी निर्माण प्रस्तावित है। भवन के माध्यम से धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए समाजजनों को सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी श्री उमेशनाथ महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री ओम जैन, सिंहस्थ प्राधिकरण अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल सहित समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


एशियन गेम्स में भारत की बेटियों ने रचा कीर्तिमान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

एयर राइफल महिला टीम के रजत पदक पर खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं

उज्जैन, 20 सितंबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एशियन गेम्स-2026 में 10 मीटर एयर राइफल महिला टीम के फाइनल में रजत पदक जीतने पर एलावेनिल वलारिवन, सोनम उत्तम मस्कर और विदरसा के. विनोद को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की यह उपलब्धि युवाओं को प्रेरित करने के साथ देश के खेलप्रेमियों में उत्साह का संचार करने वाली है।


पैदल भ्रमण कर मुख्यमंत्री ने लिया सिंहस्थ-2028 के विकास कार्यों का जायजा

स्थानीय रहवासियों से किया संवाद, स्वैच्छिक सहयोग के लिए जताया आभार

उज्जैन, 20 सितंबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों का पैदल भ्रमण कर निरीक्षण किया। उन्होंने नीलगंगा से केटीएम गैल इंडिया चौराहा तक मार्ग चौड़ीकरण तथा शांतिनगर से इंदौर रोड तक प्रस्तावित नवीन मार्ग निर्माण की प्रगति का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सिंहस्थ की दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। भ्रमण के दौरान उन्होंने स्थानीय रहवासियों से संवाद किया। नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से हाथ मिलाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन के नागरिकों ने मार्ग चौड़ीकरण के लिए स्वेच्छा से मकान, जमीन और दुकानों को पीछे करने में सहयोग दिया है। उन्होंने नागरिकों के इस सहयोग की सराहना की।

उन्होंने कहा कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। उनकी सुविधा और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की भी है।

धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन रहा उज्जैन

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। उनके अनुसार पहले जहां लगभग 60 से 70 लाख श्रद्धालु प्रतिवर्ष आते थे, वहीं पिछले वर्ष लगभग 8 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। उन्होंने कहा कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या 12 करोड़ से अधिक होने की दिशा में बढ़ रही है।

सड़क, यातायात और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए व्यापक स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं।


पढ़ाई के साथ युवाओं को रोजगार के अवसर देने पर जोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आईटी पार्क और इंजीनियरिंग कैंपस में रोजगार से जोड़ने की योजना

उज्जैन, 20 सितंबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कई नवाचारी कदम उठाए जा रहे हैं। इंदौर-उज्जैन सहित प्रदेश के आईटी पार्क और इंजीनियरिंग कैंपस में युवाओं को पढ़ाई के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर-भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी एरिया के विकास से नई तकनीक और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।

उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 से संबंधित सभी आवश्यक विकास कार्यों को भी तेजी से पूरा कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने उज्जैन शहर में बाबा महाकाल के मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण को शहर के विकास और सौंदर्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने चौड़ीकरण में स्थानीय नागरिकों द्वारा दिए जा रहे स्वैच्छिक सहयोग की सराहना की।


रेलवे सुरक्षा बल के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

उज्जैन, 20 सितंबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रेलवे सुरक्षा बल के स्थापना दिवस पर बल के जवानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रेलवे सुरक्षा बल की सेवा भावना, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा सराहनीय है। यात्रियों की सुरक्षित और सुखद यात्रा सुनिश्चित करने में बल के जवान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


पशुपालन से किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जा रहे : मुख्यमंत्री

बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित किया

नीमच, 20 सितंबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मुर्गी पालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने नीमच से मैहर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के माध्यम से किसानों के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी रबी फसल से किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। बिजली व्यवस्था के विस्तार से किसानों को सुविधा और सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि स्लीमनाबाद टनल के शुरू होने से क्षेत्र में जल उपलब्धता और कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

धान खरीदी की तैयारियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उपज बेचने में परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जा रही हैं। सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदेगी तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

खेती के साथ पशुपालन पर जोर

कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में इन गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकता है।

मैहर में पर्यटन और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैहर के धार्मिक और पर्यटन महत्व को देखते हुए विकास कार्य किए जा रहे हैं। मां शारदा लोक और मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी जैसी परियोजनाओं से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मैहर में फूड प्रोसेसिंग पार्क स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाकर किसानों को कृषि, पशुपालन, वित्तीय साक्षरता और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रगतिशील किसानों और मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।


नीमच में शीघ्र शुरू होगा एयरपोर्ट, बनेगा सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम : मुख्यमंत्री

आगामी वर्षों में साढ़े तीन लाख से अधिक शासकीय भर्तियां करने की बात

नीमच, 20 सितंबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नीमच में शीघ्र ही एयरपोर्ट बनाए जाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम भी बनाया जाएगा।

अग्रोहा भवन में आयोजित ‘सेवा से संकल्प’ अभियान के अभिनंदन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में एक लाख से अधिक भर्तियां की गई हैं और आगामी ढाई वर्षों में साढ़े तीन लाख से अधिक भर्तियां किए जाने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में ‘सेवा से संकल्प’ अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत विभिन्न जिलों में सेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

उन्होंने ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को सनातन परंपरा और भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा कार्यक्रम बताया।

बजट और रोजगार पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश का शिक्षा बजट लगभग 5 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये तथा प्रदेश का कुल बजट 4 लाख 48 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय एक लाख 70 हजार रुपये से अधिक होने तथा बिजली उत्पादन 32 हजार मेगावॉट से अधिक पहुंचने की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2002 में प्रदेश में लगभग 5 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि वर्तमान में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और इनमें करीब 8 हजार सीटें उपलब्ध हैं।

चीता परियोजना को बताया महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच के खिमला क्षेत्र में चीता परियोजना के अंतर्गत मादा चीता को छोड़ा जा रहा है। उन्होंने इसे जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया तथा वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।

कार्यक्रम में सेवा से संकल्प अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।


गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ी गई मादा चीता ‘राधा’

अभयारण्य में चीतों की संख्या बढ़कर चार हुई

नीमच/मंदसौर, 20 सितंबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गांधी सागर वन्य अभयारण्य में मादा चीता को छोड़ा। राधा अष्टमी के अवसर पर मादा चीता का नाम ‘राधा’ रखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता परियोजना वन्यजीव संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ रही है। गांधी सागर अभयारण्य में मादा चीता राधा के पहुंचने के बाद यहां चीतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। इससे पहले यहां दो नर चीते प्रभास और पावक तथा एक मादा चीता धीरा मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी सागर को चीतों के लिए दूसरे प्रमुख आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां चीतों के स्वास्थ्य, व्यवहार और नए वातावरण में अनुकूलन की वन विभाग की टीम द्वारा लगातार निगरानी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि गांधी सागर में चीता संरक्षण से वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।

इस अवसर पर वन विभाग द्वारा प्रकाशित ‘सेकंड होम ऑफ चीता—गांधी सागर वाइल्डलाइफ सेंचुरी’ पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।


जैविक हाट में नागरिकों ने खरीदे प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पाद

बरगी विधायक नीरज सिंह ने किसानों से किया संवाद

जबलपुर, 20 सितंबर। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से कृषि उपज मंडी, जबलपुर में आयोजित साप्ताहिक जैविक हाट इस रविवार भी आयोजित किया गया। जैविक खेती करने वाले किसानों ने विभिन्न उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध कराए।

रसायनमुक्त और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य सामग्री खरीदने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक हाट में पहुंचे। बरगी विधायक श्री नीरज सिंह ने भी जैविक हाट का भ्रमण कर किसानों से चर्चा की और उनके उत्पादों की जानकारी ली।

हाट में नींबू, परवल, केला, पपीता सहित विभिन्न जैविक फल-सब्जियां, अनाज, मक्का और दूध से बने उत्पाद उपलब्ध रहे। इसके अलावा मिलेट्स आटा, कुकीज, अचार तथा अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद भी बिक्री के लिए रखे गए।

कृषि अधिकारियों ने किसानों और उपभोक्ताओं से संवाद कर प्राकृतिक खेती के महत्व एवं स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी। नागरिकों की खरीदारी से किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने में सहायता मिली।


उन्नत खेती से अनीता बाई कोल ने लिखी सफलता की नई इबारत

आधुनिक तकनीक से अरहर की खेती कर बनीं अन्य किसानों के लिए प्रेरणा

जबलपुर, 20 सितंबर। केंद्र और राज्य शासन की किसान हितैषी नीतियों तथा आधुनिक कृषि तकनीक के उपयोग से खेती के क्षेत्र में बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्नत तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग से फसल उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने और किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

इसका उदाहरण जबलपुर जिले के पनागर विकासखंड के ग्राम छत्तरपुर की प्रगतिशील कृषक श्रीमती अनीता बाई कोल हैं। उन्होंने दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत एक हेक्टेयर क्षेत्र में अरहर की उन्नत किस्म भीमा (JRG-152) की खेती की।

कृषि विभाग से मिला निरंतर मार्गदर्शन

फसल की बुवाई से लेकर कटाई तक कृषि विकास अधिकारी वृषभान अहिरवार ने उनके खेत का निरीक्षण किया। उन्हें फसल की देखभाल, संतुलित खाद एवं उर्वरक के उपयोग तथा वैज्ञानिक तरीके से कीट एवं रोग नियंत्रण की जानकारी दी गई।

उन्नत तकनीक से बेहतर उत्पादन

कृषि अधिकारियों के मार्गदर्शन और अपनी मेहनत से अनीता बाई ने समय पर कृषि कार्य पूरे किए। परिणामस्वरूप उनकी अरहर की फसल अच्छी हुई और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक से खेती का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

अन्य किसानों के लिए बनीं प्रेरणा

अनीता बाई ने बताया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन और कृषि विभाग के सहयोग से उन्हें अरहर की आधुनिक खेती की जानकारी मिली। उन्होंने भविष्य में भी वैज्ञानिक पद्धति से दलहन उत्पादन जारी रखने की बात कही।

अनीता बाई कोल की सफलता उनके परिवार के साथ-साथ ग्राम छत्तरपुर और आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बनी है। यह अनुभव बताता है कि वैज्ञानिक कृषि पद्धति, उचित मार्गदर्शन और योजनाओं का लाभ लेकर किसान खेती को अधिक प्रभावी एवं लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

— सद्वार्ता समाचार