युवाओं को पढ़ाई के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर सरकार का जोर : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

इंदौर-उज्जैन सहित प्रदेश में आईटी पार्क और इंजीनियरिंग कैंपस से रोजगार के नए अवसर

इंदौर, 20 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार युवाओं को सुगमता से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कई नवाचारी कदम उठा रही है। सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें इंदौर, उज्जैन सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विकसित किए जा रहे आईटी पार्क और इंजीनियरिंग कैंपस युवाओं को पढ़ाई के साथ रोजगार, कौशल विकास और नई तकनीकों से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर-भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी एरिया के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे समग्र विकास, तकनीकी उन्नति और नवाचार को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तथा उत्पादन और सेवा क्षेत्रों के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।

डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 को लेकर तैयारियां जारी हैं तथा आयोजन से संबंधित आवश्यक विकास कार्यों को गति दी जा रही है।

सड़क चौड़ीकरण में जनसहयोग की सराहना

मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में बाबा महाकाल की ओर जाने वाले प्रमुख मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य बड़े स्तर पर चल रहा है। उन्होंने इसे शहर के विकास, विस्तार और सौंदर्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण से यातायात एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं में सुधार होगा।

उन्होंने सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य में जिला प्रशासन का स्वेच्छा से सहयोग कर रहे स्थानीय नागरिकों की सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में आईटी पार्क एवं विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।


ट्रांसमिशन लाइन सुरक्षा को लेकर एमपी ट्रांसको का जनजागरूकता अभियान

खजराना क्षेत्र में नागरिकों को विद्युत सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई

इंदौर, 20 सितंबर 2026। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (एमपी ट्रांसको) द्वारा हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित कॉरिडोर में निर्माण से जुड़े जोखिमों को लेकर चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान को इंदौर में समर्थन मिल रहा है।

खजराना क्षेत्र में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में क्षेत्रीय पार्षद उस्मान पटेल ने सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने नागरिकों से ट्रांसमिशन लाइनों से निर्धारित सुरक्षा दूरी बनाए रखने तथा निर्माण कार्य के दौरान विद्युत सुरक्षा संबंधी सभी निर्धारित मानकों का पालन करने की अपील की।

यह कार्यक्रम मुख्य अभियंता डी.के. अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त मुख्य अभियंता नीलम खन्ना की पहल पर आयोजित किया गया।

पार्षद ने नागरिकों को किया जागरूक

पार्षद उस्मान पटेल ने अभियान में व्यक्तिगत रूप से भाग लेते हुए हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास निर्माण से उत्पन्न होने वाले संभावित खतरों की जानकारी नागरिकों को दी।

अतिरिक्त मुख्य अभियंता नीलम खन्ना, कार्यपालन अभियंता नम्रता जैन तथा सहायक अभियंता रवींद्र पटेल ने भी नागरिकों से ट्रांसमिशन लाइनों से निर्धारित दूरी बनाए रखने और निर्माण के दौरान विद्युत सुरक्षा प्रावधानों का पालन करने की अपील की।

खजराना में 998 आवासीय परिसर प्रतिबंधित कॉरिडोर में

एमपी ट्रांसको के अनुसार, घनी आबादी वाले खजराना क्षेत्र में विभिन्न हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित कॉरिडोर के अंतर्गत कुल 998 आवासीय परिसर स्थित हैं। इनमें 220 केवी साउथ जोन-जैतपुरा, 220 केवी इंदौर-मांगलिया, 220 केवी इंदौर-देवास, 220 केवी बिचोली-देवास तथा 132 केवी साउथ जोन-महालक्ष्मी-मांगलिया ट्रांसमिशन लाइनें शामिल हैं।

इन परिसरों में रहने वाले नागरिकों को ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास निर्माण से जुड़े जोखिम और आवश्यक सुरक्षा उपायों की जानकारी देते हुए पूर्व में नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।

132 और 220 केवी लाइनों के लिए निर्धारित सुरक्षा कॉरिडोर

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार ट्रांसमिशन लाइनों के निर्धारित राइट ऑफ वे (ROW) कॉरिडोर में निर्माण गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। 132 केवी लाइनों के लिए न्यूनतम 27 मीटर और 220 केवी लाइनों के लिए 35 मीटर का सुरक्षा कॉरिडोर निर्धारित है।

निर्धारित दूरी में गर्मी के दौरान कंडक्टर में बढ़ने वाले झुकाव तथा तेज हवा के समय कंडक्टर के क्षैतिज रूप से झूलने की संभावना को ध्यान में रखा जाता है।

एमपी ट्रांसको ने नागरिकों से अपील की है कि ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास किसी भी प्रकार का निर्माण निर्धारित विद्युत सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किया जाए।


रोजगार सृजन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है उज्जैन आईटी पार्क : मुख्यमंत्री

इंदौर और उज्जैन को महानगरीय शहरों के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य

उज्जैन/इंदौर, 20 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में विकसित किया जा रहा आईटी पार्क प्रदेश में आईटी क्षेत्र के विस्तार और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना है।

उन्होंने कहा कि आईटी पार्क और इंजीनियरिंग कैंपस के माध्यम से युवाओं को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और नई तकनीकों से जुड़ने के अवसर मिलेंगे। इंदौर और उज्जैन को महानगरीय शहरों के रूप में विकसित करने की दिशा में भी विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी क्षेत्र के विस्तार से नए उद्योगों को प्रोत्साहन मिल सकता है और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।

दो चरणों में विकसित होगा आईटी पार्क

उज्जैन आईटी पार्क परियोजना लगभग 2.16 हेक्टेयर भूमि पर दो चरणों में विकसित की जा रही है। परियोजना का प्रस्तावित निर्मित क्षेत्र लगभग 15,480 वर्ग मीटर है, जिसमें से 11,436 वर्ग मीटर क्षेत्र आईटी कंपनियों के लिए निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने इंदौर रोड पर उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए जा रहे पीएम एकता मॉल और महाकाल भक्त निवास की प्रगति की भी समीक्षा की तथा दोनों परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए।

उन्होंने इंदौर रोड स्थित महामृत्युंजय द्वार का भी निरीक्षण किया और उसके निर्माण तथा विशेषताओं की जानकारी ली।

मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के अधिकारियों तथा उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को आईटी पार्क की प्रगति की जानकारी दी।


मध्यप्रदेश में गरिमा और सम्मान के साथ मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस

शतायु वरिष्ठ नागरिकों का होगा सम्मान, स्वास्थ्य जांच और विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी

इंदौर, 20 सितंबर 2026। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने निर्देश दिए हैं कि 1 अक्टूबर को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का आयोजन मध्यप्रदेश में गरिमा और सम्मान के साथ किया जाए।

मंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों ने अपने ज्ञान, अनुभव और परिश्रम के माध्यम से परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन के लिए संवेदनशील एवं सहयोगी वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, उनके साथ संवाद किया जाए तथा उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं पर सार्थक कार्रवाई की जाए।

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण आयुक्त के.जी. तिवारी ने सभी जिला कलेक्टरों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा विभागीय संयुक्त एवं उप संचालकों को आयोजन के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।

वर्ष 2026 की थीम “Ageing with Dignity: The Importance of Strengthening Care and Support Systems for Older Persons” निर्धारित की गई है।

जिलों में वृद्धाश्रमों में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों और अन्य वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान, संवाद कार्यक्रम, कैरम, लूडो एवं शतरंज जैसी इनडोर खेल गतिविधियां तथा सांस्कृतिक एवं संगीत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

डिजिटल और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम

वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से मोबाइल फोन, इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और कंप्यूटर के उपयोग से संबंधित प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जिला अस्पतालों, सिविल डिस्पेंसरी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के सहयोग से विशेष स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जाएंगे। इनमें रक्तचाप, मधुमेह, आंखों की जांच सहित अन्य नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किए जाएंगे।

100 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों की पहचान कर उन्हें “शतायु सम्मान” के अंतर्गत शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया जाएगा।

वरिष्ठ नागरिकों को माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 तथा मध्यप्रदेश नियम, 2009 के तहत उपलब्ध अधिकारों, सहायता और शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी भी दी जाएगी।

स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों एवं युवाओं को संवादात्मक, सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा, ताकि विभिन्न पीढ़ियों के बीच बेहतर संवाद एवं वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता विकसित हो।

वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों के समाधान के लिए एल्डरलाइन हेल्पलाइन 14567 का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गांधी सागर अभयारण्य में मादा चीता ‘राधा’ को किया रिलीज

अभयारण्य में चीतों की संख्या बढ़कर चार हुई

राधाष्टमी पर मादा चीता का नाम रखा गया ‘राधा’

इंदौर, 20 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को नीमच-मंदसौर क्षेत्र स्थित गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में एक मादा चीता को रिलीज किया। राधाष्टमी के अवसर पर मादा चीता का नाम ‘राधा’ रखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई चीता परियोजना आगे बढ़ रही है। मध्यप्रदेश में विलुप्त हो चुकी वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण और पुनर्स्थापना के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

राधा के गांधी सागर पहुंचने के बाद अभयारण्य में चीतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। इससे पहले यहां दो नर चीते प्रभास और पावक तथा एक मादा चीता धीरा मौजूद थे। अब अभयारण्य में दो नर और दो मादा चीते हैं।

कूनो के बाद गांधी सागर को दूसरा प्रमुख चीता आवास बनाने की तैयारी

डॉ. यादव ने कहा कि कूनो के बाद गांधी सागर को चीतों के दूसरे प्रमुख आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है। वन विभाग की टीम द्वारा चीतों के स्वास्थ्य, व्यवहार और नए वातावरण में उनके अनुकूलन की लगातार निगरानी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता संरक्षण के साथ वन्यजीव पर्यटन और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

उन्होंने मध्यप्रदेश की वन्यजीव विविधता का उल्लेख करते हुए बाघ, घड़ियाल और गिद्ध संरक्षण के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने असम से जंगली भैंस लाने तथा प्रदेश में हाथियों की बढ़ती संख्या का भी उल्लेख किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वन विभाग की पुस्तिका “Second Home of Cheetah – Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary” का विमोचन किया।

कार्यक्रम में गरोठ विधायक चंदर सिंह सिसोदिया, मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू तथा मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. समिता राजौरा सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा में कहा कि चीता पुनर्स्थापना कार्यक्रम वन्यजीव संरक्षण से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रयास है और गांधी सागर में चीतों की संख्या में वृद्धि परियोजना की प्रगति को दर्शाती है।


नीमच में जल्द बनेगा एयरपोर्ट, आधुनिक स्टेडियम की भी योजना : मुख्यमंत्री

अगले ढाई वर्षों में 3.5 लाख से अधिक सरकारी भर्तियों की योजना

‘आशीर्वाद का दीप’ कार्यक्रम को सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा

नीमच/इंदौर, 20 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नीमच में जल्द ही एयरपोर्ट विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही जिले में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम बनाए जाने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले ढाई वर्षों के दौरान एक लाख से अधिक सरकारी भर्तियां की गई हैं, जबकि अगले ढाई वर्षों में 3.5 लाख से अधिक अतिरिक्त सरकारी भर्तियां किए जाने की योजना है।

डॉ. यादव नीमच के अग्रोहा भवन में “सेवा से संकल्प अभियान” के अंतर्गत आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण करने पर बधाई दी और देश के विकास में उनके योगदान का उल्लेख किया।

सेवा और जनभागीदारी पर आधारित अभियान

मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में “सेवा से संकल्प अभियान” चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी जिलों में सेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने नीमच के विकास, जनभागीदारी और उद्यमशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को आयोजित “आशीर्वाद का दीप” कार्यक्रम सनातन परंपरा और भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

शिक्षा बजट और राज्य बजट में वृद्धि

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का शिक्षा बजट लगभग 5 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है। राज्य का कुल बजट बढ़कर 4.48 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1.70 लाख रुपये से अधिक हो गई है, जबकि प्रदेश में बिजली उत्पादन क्षमता 32,000 मेगावाट से अधिक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2002 में मध्यप्रदेश में लगभग पांच मेडिकल कॉलेज थे, जबकि वर्तमान में प्रदेश में 33 मेडिकल कॉलेज और लगभग 8,000 सीटें उपलब्ध हैं।

नीमच में एयरपोर्ट और स्टेडियम की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हाल के वर्षों में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है तथा एक्सप्रेसवे के माध्यम से प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना के विस्तार से जिले के युवाओं और खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

चीता परियोजना का भी उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता परियोजना के अंतर्गत नीमच के खिमला क्षेत्र में मादा चीता को रिलीज किया जा रहा है। उन्होंने इसे जिले के लिए महत्वपूर्ण विकास बताया और मध्यप्रदेश में वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किया।

डॉ. यादव ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विभिन्न समझौतों के संदर्भ में राष्ट्रीय एवं किसानों के हितों पर जोर दिए जाने की बात भी कही।

विधायक दिलीप सिंह परिहार ने बताया कि सेवा से संकल्प अभियान के शुभारंभ के अवसर पर जिले में दो लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए। विधायक अनिरुद्ध माधव मारू, नगर परिषद अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा तथा वंदन खंडेलवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने सेवा से संकल्प अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान, उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह, पुलिस महानिरीक्षक राकेश गुप्ता, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।

— SD News Agency (SDNA)