Tuesday, September 22

सिंधु जल संधि पर नई डील के संकेत, भाजपा सांसद बोले- बातचीत से पाकिस्तान को ही होगा फायदा

आतंकवाद छोड़कर बातचीत की मेज पर आए पाकिस्तान, भारत कूटनीति से कभी पीछे नहीं हटा : सुजीत कुमार

नई दिल्ली, 22 सितंबर। (SDNA) सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच भाजपा के राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने कहा है कि भारत भविष्य में नई संधि पर बातचीत के लिए तैयार हो सकता है, लेकिन इसके लिए पाकिस्तान को आतंकवाद और भारत के खिलाफ छद्म युद्ध का रास्ता छोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि 1960 में हुई पुरानी संधि अब मौजूदा परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है और यदि पाकिस्तान सकारात्मक रुख के साथ बातचीत की मेज पर आता है तो नई डील दोनों देशों के हित में हो सकती है।

सुजीत कुमार ने ‘रशिया टुडे’ को दिए एक इंटरव्यू में सिंधु जल संधि को लेकर भारत के रुख पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां बदल चुकी हैं और पाकिस्तान को इस बदले हुए परिदृश्य को समझना होगा। उनके मुताबिक, भारत ने कभी बातचीत और कूटनीति के रास्ते को बंद नहीं किया, लेकिन आतंकवाद और भारत विरोधी गतिविधियों के बीच पुरानी व्यवस्था को उसी रूप में जारी रखना संभव नहीं है।

आतंकवाद खत्म करना होगी पहली शर्त

भाजपा सांसद ने कहा कि पाकिस्तान यदि भारत के खिलाफ आतंकवाद को समर्थन देना बंद करता है, छद्म युद्ध रोकता है और सकारात्मक माहौल बनाता है, तो भारत नई सिंधु जल संधि पर बातचीत के लिए तैयार हो सकता है।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच 1960 में जब यह समझौता हुआ था, तब भारत ने अच्छे पड़ोसी की भावना के साथ बड़ा समझौता किया था। लेकिन पिछले कई दशकों में दोनों देशों के संबंधों में काफी बदलाव आया है। ऐसे में पुरानी परिस्थितियों को आधार बनाकर संधि को उसी स्वरूप में आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।

पाकिस्तान को ही होगा बातचीत का फायदा

सुजीत कुमार ने कहा कि अगर पाकिस्तान बातचीत की मेज पर आता है तो इसका फायदा उसी को होगा। उनके अनुसार, नई परिस्थितियों में दोनों देशों के हितों और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किसी नए समझौते की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत अपने अधिकारों और हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेगा, लेकिन वह बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद करने के पक्ष में नहीं है।

भारत को मिला था 19.48 फीसदी हिस्सा

सिंधु जल संधि के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह प्रमुख नदियों को दो हिस्सों में बांटा गया था। पूर्वी नदियां रावी, ब्यास और सतलुज भारत के हिस्से में आईं, जबकि पश्चिमी नदियां सिंधु, चिनाब और झेलम मुख्य रूप से पाकिस्तान के हिस्से में गईं।

इस व्यवस्था के तहत भारत को करीब 19.48 फीसदी और पाकिस्तान को 80 फीसदी से अधिक जल उपलब्धता का हिस्सा मिला। भारत को पश्चिमी नदियों के पानी के इस्तेमाल पर भी संधि के तहत कुछ सीमित अधिकार दिए गए थे।

संधि को लेकर लंबे समय से विवाद

सिंधु जल संधि के प्रावधानों और इसके क्रियान्वयन को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं। भारत का आरोप रहा है कि जब भी उसने अपने हिस्से के पानी के बेहतर इस्तेमाल के लिए परियोजनाएं शुरू कीं, पाकिस्तान ने संधि के प्रावधानों का हवाला देते हुए आपत्ति जताई।

दूसरी ओर पाकिस्तान सिंधु जल संधि को अपने लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा और जल संसाधन व्यवस्था के रूप में देखता रहा है। दोनों देशों के बीच विभिन्न जल परियोजनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विवाद सामने आए हैं।

पहलगाम हमले के बाद भारत ने रोकी थी संधि

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से रोकने का फैसला किया था। इस हमले में पर्यटकों को निशाना बनाया गया था। भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाते हुए कई कड़े कदम उठाए थे।

इसके बाद सिंधु जल संधि को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया। पाकिस्तान लगातार संधि को बहाल करने की मांग करता रहा है, जबकि भारत ने आतंकवाद के मुद्दे को दोनों देशों के संबंधों से जोड़ते हुए अपना रुख स्पष्ट रखा है।

भारत ने कूटनीति का रास्ता बंद नहीं किया

सुजीत कुमार ने कहा कि भारत ने कभी बातचीत और कूटनीति से पीछे हटने की नीति नहीं अपनाई। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत के लिए माहौल भी अनुकूल होना चाहिए।

उनके मुताबिक, यदि पाकिस्तान भारत को निशाना बनाना बंद करता है, आतंकवाद को बढ़ावा देना छोड़ता है और सकारात्मक व्यवहार करता है, तो नई संधि पर बातचीत की संभावना बन सकती है।

सिंधु जल संधि को लेकर भाजपा सांसद का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान की ओर से पुराने समझौते को फिर से लागू करने की मांग लगातार उठाई जा रही है। हालांकि, नई संधि को लेकर अंतिम निर्णय भारत सरकार और पाकिस्तान के बीच भविष्य की कूटनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।