Wednesday, September 23

राज्यसभा की 12 सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान, चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों का चुनाव 23 अक्टूबर को

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में राज्यसभा चुनाव; बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की विधान परिषद सीटों पर भी होगा मतदान

नई दिल्ली, 23 सितंबर। (SDNA)

भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा और विधान परिषद के आगामी चुनावों का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से संबंधित राज्यसभा की कुल 12 सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर 2026 को होगा। वहीं बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की विधान परिषदों में स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 28 सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया जाएगा।

राज्यसभा चुनाव कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में एक रिक्त राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव कराया जाएगा। इस प्रकार तीन राज्यों में राज्यसभा की कुल 12 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया होगी।

चार राज्यों में विधान परिषद की 28 सीटें

आयोग के घोषित कार्यक्रम के अनुसार बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की विधान परिषदों में स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 28 सीटों के लिए भी चुनाव होंगे। इन सीटों पर मतदान 23 अक्टूबर को निर्धारित किया गया है।

इन चुनावों के साथ विभिन्न राज्यों में विधान परिषद की उन सीटों के लिए नई चुनावी प्रक्रिया शुरू होगी, जिनका कार्यकाल निर्धारित समय के अनुसार समाप्त हो रहा है। महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।

राज्यसभा चुनाव में क्या होगा

राज्यसभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा नहीं चुने जाते। संबंधित राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य राज्यसभा चुनाव में मतदान करते हैं। चुनाव में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत एकल संक्रमणीय मत का इस्तेमाल किया जाता है।

चुनाव आयोग देश में राज्यसभा सहित विभिन्न संवैधानिक चुनाव प्रक्रियाओं का संचालन करता है। आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार राज्यसभा के चुनावों का प्रशासन भी उसके संवैधानिक दायित्वों का हिस्सा है।

राज्यसभा की 12 सीटों और विधान परिषद की 28 सीटों के लिए घोषित कार्यक्रम के साथ ही संबंधित राज्यों में राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की चुनावी तैयारियां तेज होने की संभावना है। हालांकि इन चुनावों का वास्तविक परिणाम संबंधित सदनों में निर्वाचित सदस्यों के मतदान और निर्धारित चुनाव प्रक्रिया के अनुसार तय होगा।