Saturday, October 10

इंदौर में 9 दिन बाद खत्म हुआ प्रहलाद पांडे का अनशन, अवैध होर्डिंग हटाने के आश्वासन पर टूटा सत्याग्रह

रीगल तिराहे पर चल रहा था आंदोलन; नगर निगम ने मारमाता, बाणगंगा और महू नाका से अवैध होर्डिंग हटाने की समयसीमा का दिया भरोसा

इंदौर | 24 सितंबर 2026 (SDNA)

शहर में नियमों के विपरीत लगाए जा रहे बैनर, पोस्टर और होर्डिंग के खिलाफ रीगल तिराहे पर पिछले नौ दिनों से चल रहा प्रहलाद पांडे का सत्याग्रह गुरुवार को समाप्त हो गया। नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद पांडे ने अपना अनशन खत्म किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों और समर्थकों ने उन्हें नारियल पानी पिलाकर अनशन समाप्त कराया।

पांडे ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं था, बल्कि शहर में नियमों के उल्लंघन के साथ लगाए जा रहे विज्ञापन बोर्ड और होर्डिंग के खिलाफ था।

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अधिकारियों ने दिया लिखित भरोसा

प्रहलाद पांडे के मुताबिक, बुधवार रात नगर निगम के संबंधित अधिकारी उनसे मिलने पहुंचे थे। अधिकारियों ने शहर में अब तक हटाए गए अवैध होर्डिंग की कार्रवाई से संबंधित फोटो और वीडियो भी दिखाए।

इसके साथ ही नगर निगम की ओर से मारमाता चौराहा, बाणगंगा चौराहा और महू नाका चौराहा पर मौजूद अवैध होर्डिंग हटाने का लिखित आश्वासन दिया गया। अधिकारियों ने कार्रवाई के लिए समयसीमा तय किए जाने की बात भी कही।

पांडे ने बताया कि प्रशासन के इस आश्वासन और उनके शुभचिंतकों के आग्रह के बाद उन्होंने सत्याग्रह समाप्त करने का निर्णय लिया।

नौ दिनों के अनशन से बिगड़ी तबीयत

लगातार नौ दिनों तक अनशन पर रहने के दौरान प्रहलाद पांडे की तबीयत प्रभावित हुई। उनकी सेहत को लेकर परिवार और समर्थकों की चिंता बढ़ गई थी।

इस दौरान उनकी पत्नी संगीता पांडे भी पूरे नौ दिनों तक उनके साथ रहीं। उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से और प्रत्यक्ष रूप से कई लोगों ने समर्थन दिया। इनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे, जिनसे उनका व्यक्तिगत परिचय नहीं था।

नगर निगम ने कहा- कई जगह कार्रवाई पहले ही हो चुकी

नगर निगम के उपायुक्त केशव सागर ने बताया कि पांडे की प्रमुख मांग शहर के प्रमुख चौराहों से नियमों के खिलाफ लगाए गए होर्डिंग हटाने की थी। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है, जबकि शेष स्थानों पर भी निर्धारित समय के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त के मुताबिक, त्योहारों के दौरान शहर में अतिरिक्त व्यस्तता के बावजूद नगर निगम की टीमें अवैध होर्डिंग हटाने की कार्रवाई लगातार कर रही हैं।

प्रशासन ने यातायात और शहर की व्यवस्था का दिया हवाला

अतिरिक्त तहसीलदार कमलेश कुशवाहा ने कहा कि प्रशासन पिछले कई दिनों से प्रहलाद पांडे के संपर्क में था। त्योहारों के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों की स्थिति प्रभावित न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि नियमों के विपरीत लगाए जाने वाले होर्डिंग और बैनर के खिलाफ कार्रवाई के साथ ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया जा रहा है।

लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त

नौ दिनों तक चले इस आंदोलन के बाद फिलहाल प्रहलाद पांडे ने अपना सत्याग्रह समाप्त कर दिया है। अब निगाहें नगर निगम की ओर से दिए गए आश्वासन के तहत प्रस्तावित कार्रवाई पर रहेंगी। संबंधित चौराहों से अवैध होर्डिंग हटाने की कार्रवाई तय समयसीमा में होती है या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

(SDNA)