
पात्र महिलाओं और नवविवाहिताओं को मिल सकता है योजना में शामिल होने का मौका; नए रजिस्ट्रेशन की तारीख पर अभी सरकार का आधिकारिक ऐलान नहीं
देवास | 24 सितंबर 2026 (SDNA)
मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना में अब तक शामिल नहीं हो पाई पात्र महिलाओं के लिए उम्मीद बढ़ी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने देवास जिले के पुंजापुरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान संकेत दिया कि अगले साल योजना से छूटी हुई पात्र महिलाओं के नाम भी जोड़े जा सकते हैं।
हालांकि, सरकार ने अभी नए पंजीयन की शुरुआत की तारीख या आवेदन प्रक्रिया का आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया है। ऐसे में फिलहाल किसी भी तय तारीख को आधिकारिक आवेदन तिथि मानना उचित नहीं होगा।
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मुख्यमंत्री ने मंच से क्या कहा?
पुंजापुरा के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना का जिक्र करते हुए कहा कि जो पात्र महिलाएं अभी योजना का लाभ नहीं ले पा रही हैं, अगले साल उनके नाम भी जोड़े जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि पात्र महिलाएं योजना के लाभ से वंचित न रहें।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार लगातार लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में आर्थिक सहायता भेज रही है। उनके मुताबिक अब तक करीब 55 हजार करोड़ रुपये लाड़ली बहनों तक पहुंचाए जा चुके हैं।
सितंबर में योजना की 40वीं किस्त के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1,835 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
अभी कितनी महिलाओं को मिल रहा लाभ?
लाड़ली बहना योजना के तहत वर्तमान में 1.25 करोड़ से अधिक महिलाएं हर महीने आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को फिलहाल 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।
अगस्त 2026 में मध्य प्रदेश कैबिनेट ने योजना को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी थी। ऐसे में वे महिलाएं भी नए पंजीयन की संभावित प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं, जो पात्र होने के बावजूद पहले आवेदन नहीं कर सकी थीं।
नए आवेदन की तारीख का इंतजार
मुख्यमंत्री के बयान के बाद नए नाम जोड़े जाने की संभावना जरूर सामने आई है, लेकिन नए रजिस्ट्रेशन की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। इसलिए सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से सामने आने वाली किसी भी तारीख को आधिकारिक सूचना मानने से पहले सरकारी घोषणा की पुष्टि करना जरूरी होगा।
नए आवेदन शुरू होने पर संबंधित जानकारी आधिकारिक माध्यमों से जारी की जाएगी।
कौन महिलाएं हो सकती हैं पात्र?
योजना की निर्धारित पात्रता के अनुसार मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी और विवाहित महिलाएं इसके दायरे में आती हैं। इसमें विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं।
आवेदन वाले कैलेंडर वर्ष की 1 जनवरी को महिला की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी हो और वह 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। हालांकि, अंतिम पात्रता योजना की उस समय लागू आधिकारिक शर्तों के आधार पर ही तय होगी।
आवेदन के लिए पहले से तैयार रखें ये दस्तावेज
यदि सरकार नए पंजीयन शुरू करती है, तो संभावित आवेदकों को अपने जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड पहले से अपडेट रखने चाहिए।
- समग्र परिवार आईडी या सदस्य आईडी
- आधार कार्ड
- समग्र में दर्ज मोबाइल नंबर
- महिला के नाम पर स्वयं का बैंक खाता
- बैंक खाते से आधार लिंक
- बैंक खाते में DBT सक्रिय
- समग्र पोर्टल पर आधार e-KYC
दस्तावेजों में नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और बैंक संबंधी जानकारी में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर उसे समय रहते ठीक करा लेना उपयोगी रहेगा।
किन परिस्थितियों में नहीं मिलेगी पात्रता?
योजना में अपात्रता से जुड़ी कुछ शर्तें भी निर्धारित हैं। इनमें परिवार की स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक होना, परिवार में आयकरदाता होना, कुछ निर्धारित सरकारी नौकरी या पेंशन की स्थिति, पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि तथा ट्रैक्टर को छोड़कर चार पहिया वाहन जैसी स्थितियां शामिल हैं।
पात्रता का अंतिम निर्धारण योजना के आधिकारिक नियमों के अनुसार ही होगा।
अभी क्या करें महिलाएं?
नए रजिस्ट्रेशन की आधिकारिक तारीख आने तक पात्र महिलाएं अपने आधार, समग्र आईडी, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी जांच सकती हैं। खास तौर पर समग्र e-KYC, आधार लिंकिंग और DBT की स्थिति पहले से दुरुस्त रखना आवेदन प्रक्रिया में उपयोगी हो सकता है।
नए पंजीयन को लेकर सरकार की आधिकारिक घोषणा आने के बाद ही आवेदन की तारीख और प्रक्रिया की पुष्टि होगी। इसलिए महिलाओं को फिलहाल आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।
(SDNA)



