
42 मकान क्षतिग्रस्त, 7 मवेशियों की मौत; बिजली व्यवस्था भी प्रभावित, संवेदनशील इलाकों में प्रशासन की निगरानी तेज
सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में जारी मूसलाधार बारिश के बीच सुल्तानपुर जिले में भी हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण जिले में मकानों को नुकसान पहुंचने के साथ बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसी बीच जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने खुद संवेदनशील इलाकों और गोमती नदी के घाटों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
बारिश के दौरान हाथ में छतरी लेकर डीएम के मौके पर पहुंचने की तस्वीरें और उनका निरीक्षण स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखने तथा संभावित जलभराव और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
42 मकानों को नुकसान, सात मवेशियों की मौत
प्रशासन की शनिवार शाम तक की रिपोर्ट के मुताबिक, बारिश और आंधी के चलते जिले में कुल 42 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें बल्दीराय और कादीपुर तहसील सबसे अधिक प्रभावित बताई गई हैं, जहां 14-14 मकानों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा सात मवेशियों की मौत की सूचना है।
📢 SD News Agency से जुड़ें और पाएं हर खबर का अपडेट अपने मोबाइल पर!
देश-दुनिया, राजनीति, समाज, व्यापार, प्रदेश और स्थानीय समाचारों की ताजा एवं महत्वपूर्ण खबरें सीधे अपने मोबाइल WhatsApp पर प्राप्त करते रहें।
📰 SD News Agency के WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और ग्रुप से जुड़ जाएं।
👉 WhatsApp Group से जुड़ने के लिए क्लिक करें:
SD News Agency WhatsApp Group से जुड़ें
SD News Agency — खबर वही, जो आपके लिए जरूरी है।
रिपोर्ट के मुताबिक राहत की बात यह है कि इस दौरान जिले में किसी मानव जनहानि की सूचना नहीं मिली है। हालांकि लगातार खराब मौसम के कारण प्रशासन ने निगरानी और राहत व्यवस्था को सक्रिय रखा है।
बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर भी प्रभावित
आंधी और बारिश का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। जिले में करीब 1,070 बिजली के खंभे और 89 ट्रांसफार्मर प्रभावित बताए गए हैं। सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने और यातायात व्यवस्था सामान्य करने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों तथा भारी मशीनरी को लगाया गया है।
प्रशासन की चुनौती केवल क्षतिग्रस्त संपत्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजली, सड़क और संचार जैसी जरूरी सेवाओं को जल्द सामान्य करना भी महत्वपूर्ण है।
81.58 मीटर पहुंचा गोमती का जलस्तर
लगातार बारिश के बीच गोमती नदी का जलस्तर भी चिंता बढ़ा रहा है। शनिवार को नदी का जलस्तर 81.58 मीटर दर्ज किया गया। प्रशासन के अनुमान के अनुसार बारिश का सिलसिला जारी रहने पर 29 सितंबर तक जलस्तर 84.73 मीटर के खतरे के निशान के करीब पहुंच सकता है।
इसी संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी ने नदी किनारे के संवेदनशील क्षेत्रों और घाटों का निरीक्षण किया। आपदा राहत टीमों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर विशेष सावधानी
गणेश प्रतिमा विसर्जन को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से नदी के गहरे पानी में जाने से बचने और प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही विसर्जन करने को कहा गया है।
बारिश और बढ़ते नदी जलस्तर के बीच यह सावधानी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि घाटों पर पानी का बहाव और गहराई सामान्य परिस्थितियों से अलग हो सकती है।
डीएम का ग्राउंड निरीक्षण बना चर्चा का विषय
आपदा जैसी परिस्थितियों में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी और त्वरित निगरानी राहत व्यवस्था की गति को प्रभावित कर सकती है। सुल्तानपुर में डीएम इंद्रजीत सिंह का स्वयं बारिश के बीच प्रभावित क्षेत्रों और घाटों पर पहुंचना इसी प्रशासनिक सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है।
इंद्रजीत सिंह 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से बीएससी तथा गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से एमएससी (एप्लाइड फिजिक्स) की पढ़ाई की है। उनके पिता वायुसेना में रहे हैं।
असली परीक्षा राहत व्यवस्था की
बारिश के बीच अधिकारी का मौके पर पहुंचना प्रशासनिक निगरानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में प्रशासन की वास्तविक परीक्षा प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाने, बिजली और सड़कों को बहाल करने, नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किसी भी संभावित आपदा से पहले तैयारी पूरी रखने में होती है।
फिलहाल सुल्तानपुर में प्रशासन का फोकस नुकसान का आकलन, राहत कार्य, बिजली एवं यातायात व्यवस्था बहाल करने और गोमती के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखने पर है।
(SDNA)



