
24-25 अक्टूबर को उज्जैन में होगा दो दिवसीय महोत्सव; शॉर्ट फिल्म, एआई फिल्म, एड फिल्म और माइक्रो ड्रामा के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित
उज्जैन, 29 सितंबर। (SDNA) विश्व संवाद केंद्र, मालवा और भारतीय चित्र साधना के संयुक्त आयोजन में होने वाले उज्जैनी शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल 2026 के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन सोमवार को विक्रम विश्वविद्यालय में किया गया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज एवं कुलसचिव डॉ. अनिल शर्मा की उपस्थिति में फेस्टिवल के पोस्टर का अनावरण हुआ।
इस वर्ष फिल्म फेस्टिवल की केंद्रीय थीम “भीड़ में अनेक न्यूटन” निर्धारित की गई है। इसके माध्यम से “Shaping a New Bharat through Civic Duties” की अवधारणा को रचनात्मक अभिव्यक्ति देने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार फिल्मों के जरिए नागरिक कर्तव्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और समाज में सकारात्मक बदलाव की कहानियों को सामने लाने पर विशेष जोर रहेगा।
सामाजिक सरोकारों को मिलेगा सिनेमाई मंच
फेस्टिवल में ऐसी फिल्मों को मंच देने की योजना है, जिनमें जिम्मेदार नागरिकता, सार्वजनिक उत्तरदायित्व, यातायात अनुशासन, स्वच्छता, सामाजिक सहयोग, संवैधानिक मूल्यों, सामुदायिक भागीदारी तथा स्थानीय समस्याओं के समाधान में नागरिकों की भूमिका जैसे विषय उभरकर सामने आएं।
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आयोजन का उद्देश्य फिल्म माध्यम के जरिए यह संदेश देना है कि सामाजिक परिवर्तन केवल संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से भी संभव है।
चार श्रेणियों में आमंत्रित प्रविष्टियां
उज्जैनी शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल 2026 का आयोजन 24 और 25 अक्टूबर 2026 को उज्जैन में किया जाएगा। महोत्सव के लिए Short Films, AI Films, Ad Films और Micro Drama श्रेणियों में प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं।
इसके साथ ही युवाओं और फिल्म निर्माण से जुड़े प्रतिभागियों के लिए फिल्म विशेषज्ञों की विशेष मास्टर क्लास भी आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को फिल्म निर्माण, रचनात्मक प्रस्तुति और समकालीन तकनीक से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना है।
सिनेमा सामाजिक जागरूकता का प्रभावी माध्यम : कुलगुरु
पोस्टर विमोचन अवसर पर कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के सरोकारों को प्रभावशाली तरीके से अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को नागरिक कर्तव्यों, सामाजिक सहयोग और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
कुलसचिव डॉ. अनिल शर्मा ने युवा फिल्म निर्माताओं से अपनी रचनात्मकता के माध्यम से समाज की सकारात्मक कहानियों को सामने लाने और नागरिक जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सतत् शिक्षा अध्ययनशाला के निदेशक डॉ. सुशील कुमार शर्मा, सोशल मीडिया प्रमुख श्री गोविन्द शर्मा, प्रचार विभाग की टीम तथा विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक उपस्थित रहे।



