Sunday, October 11

गन्ना किसानों से बोले प्रल्हाद जोशी—दिल्ली आएं, बातचीत से सुलझाएं एफआरपी का मुद्दा

हुब्बली में किसान संगठनों के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री की अपील, कहा—सरकार किसानों की मांगों पर चर्चा के लिए तैयार

(SDNA) हुब्बली, 29 सितंबर 2026। कर्नाटक में गन्ने की कीमत और उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) को लेकर जारी किसान आंदोलन के बीच केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने किसान संगठनों से आंदोलन के बजाय केंद्र सरकार के साथ सीधे संवाद करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसान प्रतिनिधि दिल्ली आकर अपनी मांगों और समस्याओं पर सरकार के साथ चर्चा कर सकते हैं।

एक वीडियो संदेश के माध्यम से जोशी ने किसान नेताओं से कहा कि वे अपनी बात रखने के लिए किसी भी समय दिल्ली आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की शिकायतें सुनने और उपलब्ध विकल्पों पर विचार करने के लिए तैयार है।

2026-27 के लिए ₹365 प्रति क्विंटल FRP

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि गन्ना किसानों की ओर से FRP बढ़ाने की मांग पहले भी सरकार के सामने रखी गई थी। उनके अनुसार, फरवरी 2026 में कुछ किसान नेताओं ने उनसे मुलाकात कर इस संबंध में मांग रखी थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने मई 2026 में 2026-27 गन्ना सीजन के लिए FRP ₹365 प्रति क्विंटल निर्धारित की।

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जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार पिछले वर्षों में भी गन्ने की FRP में बढ़ोतरी करती रही है और किसानों से प्राप्त सुझावों तथा मांगों को ध्यान में रखते हुए आगे भी इस विषय पर विचार किया जाता रहेगा।

FRP तय करने में राज्यों की जानकारी भी शामिल

केंद्रीय मंत्री ने FRP निर्धारण की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका फैसला केवल केंद्र सरकार के स्तर पर एकतरफा नहीं किया जाता। मूल्य निर्धारण से जुड़ी समिति की सिफारिशों के साथ राज्य सरकारों से प्राप्त जानकारी और सुझावों को भी प्रक्रिया में शामिल किया जाता है।

उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर गन्ना आयुक्त के माध्यम से संबंधित आंकड़े और जानकारियां प्राप्त की जाती हैं। इन्हीं विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर गन्ने की FRP निर्धारित की जाती है।

किसान प्रतिनिधियों से आगे भी बातचीत का भरोसा

जोशी ने कहा कि किसान नेता दिल्ली पहुंचकर संबंधित अधिकारियों के साथ अपनी बात रख सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा गन्ना सीजन में किसानों को उचित मूल्य दिलाने से जुड़े विषयों पर भी उपलब्ध विकल्पों के अनुसार विचार किया जा सकता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों की ओर से उठाई जा रही समस्याओं और सुझावों को सरकार के संज्ञान में लिया जा रहा है तथा यदि समाधान की दिशा में अतिरिक्त कदम की आवश्यकता होगी तो उस पर विचार किया जाएगा।

हुब्बली में जारी है किसान संगठनों का प्रदर्शन

गन्ने के लाभकारी मूल्य और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन की मांग को लेकर कर्नाटक राज्य रैयत सेना सहित किसान संगठनों का हुब्बली में प्रदर्शन जारी है। आंदोलन के दौरान किसानों ने गन्ने की कीमत बढ़ाने की मांग उठाई है।

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के आवास और कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग की गई है। आंदोलन में कर्नाटक के अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से भी किसान एवं किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।