
सारण और मुजफ्फरपुर में फिर टूटे तटबंध, कई गांवों में घुसा पानी; सड़क संपर्क प्रभावित, अगले 48 घंटे बेहद अहम
(SDNA) पटना, 1 अक्टूबर 2026। उत्तर बिहार में गंडक और गंगा नदियों के बढ़े जलप्रवाह के बीच बाढ़ की स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। तटबंधों और रिंग बांधों के टूटने से सारण, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज तथा पश्चिमी और पूर्वी चंपारण के कई इलाकों में पानी फैल गया है। हालात को देखते हुए राहत एवं बचाव अभियान में वायुसेना की सहायता भी ली जा रही है।
सारण के पानापुर क्षेत्र में वायुसेना के हेलिकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई गई। दूसरी ओर, गुरुवार को सारण और मुजफ्फरपुर में तटबंध टूटने से कई नए इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए।
सारण में तटबंध टूटने से कई गांव प्रभावित
सारण जिले के पानापुर प्रखंड में सरौजा-भगवानपुर के समीप गंडक नदी का बांध पानी के दबाव के कारण टूट गया। इससे आसपास के करीब छह गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने की जानकारी है। पानापुर के साथ मकेर, तरैया, अमनौर, परसा और दरियापुर प्रखंड भी बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं।
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तरैया के राजधानी गांव में भी रिंग बांध का लगभग 30 फीट हिस्सा टूट गया। बाढ़ के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में भोजन, पीने के पानी और रहने की समस्या के साथ पशुओं के चारे का संकट भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक गंडक का जलस्तर वर्ष 2021 की बाढ़ की तुलना में करीब ढाई फीट अधिक है।
मुजफ्फरपुर में 70 मीटर रिंग बांध टूटा
मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज प्रखंड की माधोपुर हजारी पंचायत में छरकी गांव के समीप गंडक नदी पर बना रिंग बांध करीब 70 मीटर तक टूट गया। इसके बाद पंचायत के तीन वार्डों के करीब 300 घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने की जानकारी सामने आई है।
उप मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी स्थिति को गंभीर बताया। उनके अनुसार गंडक सहित अन्य नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण कई स्थानों पर तटबंधों पर दबाव बना हुआ है।
कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन प्रभावित
गंडक के उफान का असर सड़क यातायात पर भी पड़ा है। छपरा-मुजफ्फरपुर मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है, जबकि छपरा-सत्तरघाट मार्ग पर पानी आने के कारण दो दिनों से आवागमन बाधित है। हाजीपुर-अरेराज स्टेट हाईवे पर भी करीब दो फीट पानी बहने की जानकारी है।
इसके अलावा परसा-मकेर मार्ग और गोपालगंज-रामजानकी पथ पर भी आवागमन प्रभावित हुआ है। गंडक के बढ़ते जलप्रवाह के साथ गंगा नदी का जलस्तर भी ऊपर जा रहा है। पटना के गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
चार जिलों में कई जगह तटबंध क्षतिग्रस्त
पिछले चार दिनों में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण और गोपालगंज में तटबंध और रिंग बांध टूटने की कई घटनाएं सामने आई हैं। इससे अनेक गांवों में पानी भर गया है और स्थानीय प्रशासन के सामने राहत एवं बचाव अभियान को तेज रखने की चुनौती बनी हुई है।
मुख्यमंत्री ने बताया अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में जेपी गंगा पथ पहुंचकर गंगा के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि अगले 48 घंटे विशेष सतर्कता के हैं और प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार गंगा और गंडक के साथ सोन नदी में भी जलस्तर काफी ऊंचा है। उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों में वायुसेना की सहायता ली जा रही है। जिलाधिकारियों और अन्य अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों पर नजर रखने तथा आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



