
नाम जोड़ने के साथ हटाने और संशोधन के लिए भी बड़ी संख्या में आवेदन; 6 नवंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
(SDNA) चंडीगढ़, 1 अक्टूबर 2026। हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नए मतदाताओं के पंजीकरण को लेकर बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 3,77,987 लोगों ने नए मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा मतदाता सूची से नाम हटाने और मौजूदा विवरण में संशोधन के लिए भी हजारों आवेदन मिले हैं।
निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावों और आपत्तियों का निपटारा 28 अक्टूबर 2026 तक किया जाना है, जबकि SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची 6 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर SIR के लिए संशोधित कार्यक्रम भी उपलब्ध कराया गया है।
गुरुग्राम में सबसे ज्यादा नए मतदाता आवेदन
नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 के तहत सबसे अधिक आवेदन गुरुग्राम से प्राप्त हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक गुरुग्राम में 39,985, फरीदाबाद में 33,463 और हिसार में 22,001 आवेदन दर्ज किए गए हैं। चरखी दादरी से 7,095, पंचकूला से 8,786 और नूंह से 9,087 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
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वहीं फॉर्म-7 के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए कुल 40,162 आवेदन आए हैं। इनमें पानीपत से 3,600, हिसार से 2,790 और सिरसा से 2,539 आवेदन शामिल हैं।
2.14 लाख से अधिक संशोधन आवेदन
मतदाता सूची में नाम, पता अथवा अन्य विवरण में बदलाव के लिए फॉर्म-8 के तहत 2,14,693 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें कुरुक्षेत्र से 14,347, गुरुग्राम से 13,767 और जींद से 13,513 आवेदन शामिल हैं।
इस तरह SIR के दौरान मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, नाम हटाने और विवरण सुधारने की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया है।
44.91 लाख नोटिस में से 40.56 लाख मामलों की सुनवाई पूरी
SIR के दौरान मैपिंग नहीं होने अथवा मैपिंग में विसंगति मिलने के कारण प्रदेश में 44,91,691 नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 40,56,716 मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 4,34,975 मामले लंबित बताए गए हैं। लंबित मामलों में फरीदाबाद, करनाल और हिसार प्रमुख जिले हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजकुमार लोहान ने निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को लंबित मामलों की सुनवाई निर्धारित समय में पूरी करने तथा निर्णय लेते समय भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
नोटिस मिलने का मतलब नाम कटना नहीं
निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि SIR के दौरान नोटिस जारी होना अपने आप में मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का निर्णय नहीं है। संबंधित मतदाता बीएलओ के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।
1 अक्टूबर को जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में यह भी निर्देश दिया गया कि यदि सुनवाई के दौरान किसी मतदाता को अयोग्य पाया जाता है अथवा फॉर्म-6 अस्वीकार होता है, तो मामले की दोबारा जांच की जाए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि किसी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से सूची से बाहर न हो।
अब अंतिम सूची पर रहेगी नजर
SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 6 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जानी है। इसी सूची के प्रकाशन के साथ नए पंजीकरण, नाम हटाने और विवरण में संशोधन से जुड़े दावों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।



