
उपचुनाव से पहले तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण की चर्चा; PMK के भाजपा संबंध और VCK की भूमिका बनी अहम
(SDNA) चेन्नई, 1 अक्टूबर 2026। तमिलनाडु की राजनीति में पट्टाली मक्कल कच्ची (PMK) और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के बीच संभावित राजनीतिक समझ को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। रिपोर्टों में दोनों दलों के बीच संपर्क और सत्ता में भागीदारी की संभावनाओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, PMK विधायक और विधानसभा में पार्टी की फ्लोर लीडर सौम्या अनबुमणि ने TVK सरकार में शामिल होने तथा मंत्री पद मिलने की खबरों को खारिज करते हुए इन्हें अफवाह बताया है।
उपचुनाव में PMK ने नहीं किया किसी दल का समर्थन
6 अक्टूबर को मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले PMK ने किसी भी दल के समर्थन की घोषणा नहीं की है। यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि 2026 के विधानसभा चुनाव में PMK ने AIADMK-BJP गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा था।
ताजा राजनीतिक रिपोर्टों के मुताबिक, PMK के इस तटस्थ रुख को TVK के साथ संभावित बातचीत से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, दोनों दलों के बीच किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा अभी नहीं हुई है।
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अनबुमणि रामदास और विजय के सलाहकार के बीच संपर्क की चर्चा
राजनीतिक सूत्रों के हवाले से सामने आई रिपोर्टों में कहा गया है कि PMK नेता अनबुमणि रामदास और विजय के राजनीतिक सलाहकार जॉन अरोकीआसामी के बीच संपर्क के जरिए संभावित राजनीतिक समझ पर बातचीत चल रही है।
बताया जाता है कि अरोकीआसामी का PMK के साथ पुराना राजनीतिक संपर्क रहा है और उन्होंने 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी पार्टी की रणनीति से जुड़े काम में भूमिका निभाई थी।
दो मंत्री पदों की चर्चा, लेकिन कोई औपचारिक फैसला नहीं
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि संभावित सत्ता-साझेदारी की बातचीत में PMK के लिए TVK सरकार में दो मंत्री पदों का विकल्प भी चर्चा में है। इनमें सौम्या अनबुमणि और PMK विधायक ए. गणेश कुमार के नामों का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। उलटे सौम्या अनबुमणि ने 1 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि PMK के TVK मंत्रिमंडल में शामिल होने की खबरें महज अफवाह हैं और लोगों को ऐसी रिपोर्टों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
TVK के लिए PMK का सामाजिक आधार महत्वपूर्ण
राजनीतिक विश्लेषण में PMK की भूमिका को उसके वन्नियार समुदाय में प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। यही आधार TVK के लिए संभावित गठजोड़ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी ओर, PMK के TVK के साथ आने की स्थिति में मौजूदा सहयोगी दलों के साथ समीकरण पर भी चर्चा हो रही है।
विशेष रूप से विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) ने PMK के साथ गठबंधन को लेकर अपनी असहमति सार्वजनिक रूप से दोहराई है। VCK नेता वन्नी अरसु ने कहा है कि उनकी पार्टी PMK को शामिल करने वाले किसी गठबंधन का समर्थन नहीं करती।
भाजपा के साथ PMK के रिश्ते भी अहम
PMK के संभावित राजनीतिक रुख में भाजपा के साथ उसके संबंध एक महत्वपूर्ण पहलू हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में PMK AIADMK-BJP गठबंधन का हिस्सा थी। ऐसे में यदि भविष्य में PMK और TVK के बीच कोई औपचारिक राजनीतिक समझ बनती है तो भाजपा के साथ उसके मौजूदा समीकरण पर भी इसका असर पड़ सकता है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर PMK और TVK के बीच बातचीत की खबरें राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं, लेकिन गठबंधन या कैबिनेट में शामिल होने का कोई औपचारिक निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है। सौम्या अनबुमणि के खंडन के बाद इस पूरे घटनाक्रम को फिलहाल संभावित राजनीतिक बातचीत और अटकलों के रूप में ही देखा जा रहा है।



