
नाकाबंदी देख तेज रफ्तार में भागी स्कॉर्पियो, कच्चे रास्ते पर छोड़ा वाहन; पीछा कर दो कथित तस्कर गिरफ्तार, NDPS और आर्म्स एक्ट में जांच जारी
बालोतरा | SDNA
मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बालोतरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। पुलिस के अनुसार धोरीमन्ना थाना क्षेत्र में एक काले रंग की स्कॉर्पियो से 180 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त, दो पिस्टल और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। कार्रवाई के दौरान वाहन में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोहरलाल (23) निवासी छौटन आगौर, थाना छौटन, जिला बाड़मेर और दिनेश कुमार (24) निवासी भुणिया, थाना धनाऊ, जिला बाड़मेर के रूप में हुई है।
📢 SD News Agency से जुड़ें और पाएं हर खबर का अपडेट अपने मोबाइल पर!
देश-दुनिया, राजनीति, समाज, व्यापार, प्रदेश और स्थानीय समाचारों की ताजा एवं महत्वपूर्ण खबरें सीधे अपने मोबाइल WhatsApp पर प्राप्त करते रहें।
📰 SD News Agency के WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और ग्रुप से जुड़ जाएं।
👉 WhatsApp Group से जुड़ने के लिए क्लिक करें:
SD News Agency WhatsApp Group से जुड़ें
SD News Agency — खबर वही, जो आपके लिए जरूरी है।
सूचना से शुरू हुई कार्रवाई, नाकाबंदी के बाद पीछा
पुलिस अधीक्षक बालोतरा राजेश कुमार कावत, आईपीएस के अनुसार जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आगामी पंचायतीराज चुनावों को देखते हुए भी पुलिस द्वारा अवैध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की बात कही गई है।
पुलिस के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 को डीसीआरबी बालोतरा से सूचना मिली कि एक काले रंग की स्कॉर्पियो रामजी गोल से धोरीमन्ना की ओर आ रही है और उसमें अवैध हथियार होने की आशंका है। सूचना के आधार पर धोरीमन्ना थाना पुलिस ने नाकाबंदी शुरू की।
पुलिस को देखकर कच्चे रास्ते पर मोड़ी गाड़ी
पुलिस का कहना है कि नाकाबंदी के दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो दिखाई दी। पुलिस टीम ने वाहन को रुकने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय गति बढ़ा दी और उसे सुदाबेरी क्षेत्र में एक कच्चे रास्ते पर उतार दिया।
पुलिस टीम ने पीछा जारी रखा। आगे रास्ता बंद होने पर वाहन सवारों ने कथित तौर पर स्कॉर्पियो को मौके पर छोड़कर भागने का प्रयास किया। पुलिस टीमों ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया और वाहन को अपने कब्जे में ले लिया।
तलाशी में सामने आया हथियार और मादक पदार्थों का जखीरा
पुलिस के अनुसार वाहन की नियमानुसार तलाशी लेने पर उसमें से 180 किलो डोडा पोस्त, दो अवैध पिस्टल और 8 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
मामले में NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अब कथित मादक पदार्थ और हथियारों की खरीद-फरोख्त, सप्लाई चैन तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में आरोपियों से पूछताछ और अनुसंधान कर रही है।
डीएसटी, डीसीआरबी और थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
कार्रवाई में डीएसटी बालोतरा और डीसीआरबी की भूमिका के साथ धोरीमन्ना थाना पुलिस की टीम शामिल रही। पुलिस के अनुसार सूचना उपलब्ध कराने और कार्रवाई को आगे बढ़ाने में गोमाराम सहायक उपनिरीक्षक डीसीआरबी तथा मोहनलाल हेड कांस्टेबल डीसीआरबी की विशेष भूमिका रही।
डीएसटी टीम में आईदानराम, जगदीश प्रसाद, धर्मेन्द्रसिंह, श्यामदान और मुकेश कुमार शामिल रहे। वहीं धोरीमन्ना थाना टीम का नेतृत्व थानाधिकारी दलपतसिंह ने किया। टीम में आसुराम, अनिल कुमार, जालमसिंह, चेतनराम, श्रवण कुमार और रेखाराम भी शामिल रहे।
खबर के पीछे का अर्थ : 180 किलो डोडा पोस्त से बड़ा सवाल सप्लाई नेटवर्क का
इस कार्रवाई का तत्काल असर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और हथियारों की एक खेप के पकड़े जाने के रूप में सामने आया है। लेकिन जांच के लिहाज से इससे बड़ा सवाल यह है कि यह खेप कहां से आई, कहां पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कितने लोग सक्रिय हो सकते हैं।
एक ही वाहन से मादक पदार्थ के साथ हथियार और कारतूस मिलने के पुलिस के दावे ने मामले को केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रखा है। अब जांच की दिशा कथित सप्लाई नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन, संपर्कों और अन्य संभावित सहयोगियों तक पहुंच सकती है।
पुलिस के लिए अगली चुनौती केवल गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की कड़ियों को पहचानना और उन्हें कानूनी जांच के दायरे में लाना होगी। वहीं न्यायिक प्रक्रिया में बरामदगी, आरोप और अन्य साक्ष्यों की स्वतंत्र जांच होगी।
संभावित प्रभाव
यदि जांच में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चैन की पुष्टि होती है, तो कार्रवाई का दायरा दो आरोपियों की गिरफ्तारी से आगे बढ़ सकता है। इससे क्षेत्र में मादक पदार्थों की आपूर्ति के संभावित रास्तों और अवैध हथियारों की आवाजाही पर भी पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के साथ आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि बरामदगी और आरोपों के अंतिम कानूनी निष्कर्ष सक्षम न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही तय होंगे।
(SDNA)



