‘नाम घसीटना बंद करो, वरना कोर्ट में मिलेंगे!’ दिशा सालियान केस पर उद्धव ठाकरे का फूटा गुस्सा

उद्धव बोले- ‘चरित्र हनन की हद हो गई’; अपने और आदित्य ठाकरे के किसी भी संबंध से किया इनकार, कहा- जांच एजेंसियों को निष्पक्ष जांच करने दें
छत्रपति संभाजीनगर। दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर महाराष्ट्र की सियासत में गरमा गया है। CBI द्वारा मामले में FIR दर्ज किए जाने के बाद शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने और बेटे आदित्य ठाकरे को मामले से जोड़कर लगाए जा रहे आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उद्धव ने इसे कथित ‘चरित्र हनन’ बताते हुए कहा कि यदि इस तरह के आरोपों का सिलसिला नहीं रुका तो वह कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाएंगे।
‘बहुत हो गया, अब कानूनी रास्ता अपनाऊंगा’
छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिशा सालियान मामले पर सवाल पूछे जाने पर उद्धव ठाकरे ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उनका और उनके परिवार का इस मामले से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि बार-बार नाम जोड़कर उनके परिवार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
उद्धव ने कहा कि यदि इस तरह का अभियान जारी रहा तो वह बिना किसी से सलाह लिए कानूनी कार्रवाई करने पर मजबूर होंगे।
‘दिशा को जानता तक नहीं था’
उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह दिशा सालियान को जानते तक नहीं थे और उनसे कभी मुलाकात नहीं हुई। उन्होंने अपने परिवार का इस घटना से किसी भी प्रकार का संबंध होने से इनकार किया।
उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों को मामले की जांच करने दी जानी चाहिए और जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की छवि को आरोपों के आधार पर निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
आदित्य ठाकरे भी कर चुके हैं इनकार
आदित्य ठाकरे पहले ही दिशा सालियान से मिलने या उन्हें जानने से इनकार कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि पिछले कई वर्षों से बिना किसी सबूत या संबंध के उनका नाम इस दुखद घटना से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जांच एजेंसियों से मामले की नए सिरे से और निष्पक्ष जांच करने की बात कही थी।
CBI की FIR के बाद बढ़ी सियासी गर्मी
दिशा सालियान की 2020 में हुई मौत की जांच को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने FIR दर्ज की है। FIR में गंभीर आरोपों की जांच का प्रावधान है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार FIR में किसी व्यक्ति को आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया है। हाईकोर्ट ने भी कहा है कि जांच के दौरान पर्याप्त आधार मिलने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए।
जांच में सामने आएगा सच
मामले में अब CBI की जांच आगे बढ़ेगी। इस दौरान पुराने पुलिस रिकॉर्ड, मेडिकल एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों की जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल उद्धव ठाकरे ने अपने परिवार को मामले से जोड़ने वाले आरोपों को खारिज करते हुए साफ संकेत दिया है कि आरोपों का सिलसिला जारी रहा तो मामला सियासी बयानबाजी से निकलकर कानूनी लड़ाई तक पहुंच सकता है।
(सद्वार्ता)