
बाल मजदूरी से प्रभावित कोको उत्पादक समुदायों के लिए बनाया गया गांव; अमेरिकी शहर में अपने सामाजिक कार्यों का हवाला देकर आलोचनाओं का जवाब
नई दिल्ली, 23 सितंबर (SDNA): दुनिया के चर्चित YouTubers में शामिल MrBeast यानी जिमी डोनाल्डसन एक बार फिर अपने परोपकारी कार्यों को लेकर चर्चा में हैं। घाना में बाल मजदूरी से प्रभावित समुदायों की मदद के लिए करीब 10 मिलियन डॉलर खर्च किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि विदेश में खर्च करने के बजाय इसे उनके अपने शहर ग्रीनविल में क्यों नहीं लगाया गया। MrBeast ने इन सवालों के जवाब में अपने अमेरिका स्थित सामाजिक कार्यों और खाद्य सहायता कार्यक्रमों का उल्लेख किया।
घाना में तैयार किया गया ‘अब्ना डकवा’ प्रोजेक्ट
MrBeast से जुड़े चैरिटी प्रोजेक्ट के तहत घाना के ईस्टर्न रीजन में अब्ना डकवा गांव विकसित किया गया है। यह पहल मुख्य रूप से उन समुदायों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिनकी आजीविका कोको की खेती पर निर्भर है और जहां बच्चों के कृषि कार्यों में शामिल होने की समस्या सामने आती रही है।
करीब 10 मिलियन डॉलर की इस परियोजना में कई बुनियादी सुविधाएं शामिल की गई हैं। इनमें 300 से अधिक विद्यार्थियों के लिए स्कूल, शिक्षकों के लिए आवास, मेडिकल क्लिनिक, सामुदायिक बाजार, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, सौर ऊर्जा प्रणाली और आधुनिक कृषि सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा Rockefeller Foundation के सहयोग से पांच वर्षों तक विद्यार्थियों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी परियोजना का हिस्सा बताई गई है।
सोशल मीडिया पर उठा सवाल
परियोजना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने MrBeast से सवाल किया कि जब उनके अपने शहर ग्रीनविल में भी गरीबी मौजूद है, तो उन्होंने इतनी बड़ी राशि दूसरे देश में क्यों खर्च की।
जवाब में MrBeast ने अपने गैर-लाभकारी संगठन Beast Philanthropy के अमेरिका में चल रहे कार्यक्रमों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि उनका संगठन अपने स्थानीय समुदाय समेत अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर खाद्य सहायता और अन्य सामाजिक कार्य करता है।
MrBeast के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले उनके सभी चैरिटी कार्यों की सूची इतनी लंबी है कि उसे एक सोशल मीडिया पोस्ट में समेटना संभव नहीं होगा।
Beast Pantry के जरिए लाखों लोगों तक भोजन
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, MrBeast से जुड़े Beast Pantry कार्यक्रम के माध्यम से 2020 के अंत से अब तक करोड़ों मील्स वितरित किए जा चुके हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस पहल से करीब 1.58 करोड़ लोगों तक सहायता पहुंची है।
वर्तमान में संगठन ग्रीनविल और पूर्वी नॉर्थ कैरोलिना के 20 से अधिक समुदायों में हर महीने लगभग 80,000 जरूरतमंद लोगों को खाद्य सहायता उपलब्ध करा रहा है।
घाना में बाल मजदूरी क्यों बड़ा मुद्दा है?
घाना और पड़ोसी कोटे डी आइवोर दुनिया के प्रमुख कोको उत्पादक क्षेत्रों में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में गरीबी, कृषि आय से जुड़ी चुनौतियों और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण बच्चों के काम में शामिल होने की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है।
MrBeast की इस पांच वर्षीय पहल का उद्देश्य घाना के 11 कोको-उत्पादक समुदायों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करना बताया गया है। परियोजना का व्यापक लक्ष्य बच्चों को श्रम से दूर रखते हुए उन्हें शिक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराने में सहायता करना है।
चैरिटी पर बहस के बीच सामने आया अलग नजरिया
MrBeast के घाना प्रोजेक्ट ने सोशल मीडिया पर परोपकार के क्षेत्र में एक पुरानी बहस को भी सामने ला दिया है—सामाजिक सहायता के लिए संसाधनों का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर किया जाए या उन क्षेत्रों में जहां किसी विशेष समस्या की गंभीरता अधिक है।
MrBeast ने अपने जवाब में दोनों स्तरों पर किए जा रहे सामाजिक कार्यों का उल्लेख किया। वहीं घाना की परियोजना को बाल मजदूरी से प्रभावित समुदायों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
