
तेहरान | 24 सितंबर 2026
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान की ओर से एक बार फिर कड़ा बयान सामने आया है। ईरानी नेतृत्व के सलाहकार याह्या रहीम सफवी ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका या इजरायल की ओर से ईरान पर दोबारा हमला किया जाता है, तो मौजूदा संघर्ष का दायरा पश्चिम एशिया से आगे बढ़कर हिंद महासागर तक पहुंच सकता है।
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी की ओर से जारी एक वीडियो में सफवी ने कहा कि क्षेत्र में जारी संघर्ष पहले ही फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर तक फैल चुका है। उनके मुताबिक, ईरान पर नए हमले की स्थिति में युद्ध का मोर्चा इन क्षेत्रों से आगे भी बढ़ सकता है।
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हिंद महासागर तक फैलने की चेतावनी
सफवी ने अपने बयान में संकेत दिया कि संभावित नए हमले की स्थिति में ईरान संघर्ष का जवाब व्यापक क्षेत्र में देने पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा कि युद्ध हिंद महासागर और संभवतः उससे भी आगे तक पहुंच सकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी लगातार तेज बनी हुई है। पश्चिम एशिया में पहले से मौजूद तनाव के बीच इस तरह की चेतावनियों ने संघर्ष के संभावित विस्तार को लेकर चिंता बढ़ाई है।
ईरान ने रक्षा नीति में बदलाव के संकेत दिए
इसी बीच ईरान की ओर से उसकी रक्षा नीति में बदलाव के संकेत भी दिए गए हैं। कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल माजिद इब्न रजा ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के संबोधन का हवाला देते हुए कहा कि तेहरान की रक्षा नीति अब पहले जैसी नहीं रही है।
ईरानी पक्ष के अनुसार, बदलते क्षेत्रीय हालात और देश पर हुए हमलों के मद्देनजर उसकी सुरक्षा रणनीति में परिवर्तन किया जा रहा है।
UNGA में पेजेश्कियान का अमेरिका पर निशाना
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सीधे नाम लेते हुए कहा कि ईरान दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है।
पेजेश्कियान ने अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों और दबाव की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान पर जितना अधिक दबाव डाला जाएगा, वहां लोगों का विरोध उतना ही बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने हमले झेले हैं, लेकिन उसने आत्मसमर्पण नहीं किया।
हमलों में मारे गए बच्चों की तस्वीरें दिखाईं
संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान पेजेश्कियान ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और हमलों में मारे गए स्कूली बच्चों की तस्वीरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान में हुई घटनाओं पर ध्यान देने की अपील की।
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून और कूटनीतिक सिद्धांतों के संदर्भ में चुनौती दी और कहा कि ईरान के खिलाफ हो रही कार्रवाई को दुनिया के सामने देखा जाना चाहिए।
तनाव के बीच बढ़ रही बयानबाजी
ईरान की ओर से आए इन बयानों के बीच पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। एक ओर तेहरान अपनी रक्षा नीति में बदलाव की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उसके वरिष्ठ अधिकारी संभावित नए हमले की स्थिति में संघर्ष का दायरा बढ़ने की चेतावनी दे रहे हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका, इजरायल और ईरान की ओर से उठाए जाने वाले कदम क्षेत्रीय परिस्थितियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
(SDNA)



