
जमीन विवाद में रिश्ते की हदें पार, मामा को फंसाकर जेल भिजवाने की थी योजना; रंगदारी के मैसेज में जानबूझकर मामा के बैंक खाते की जानकारी दी
धनबाद। धनबाद के अंचल अधिकारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और रकम नहीं देने पर गोली मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला रंगदारी वसूली से ज्यादा एक रिश्तेदार को साजिश के तहत फंसाने की कोशिश का था। मामले में पांडरपाला निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर अपने ही मामा को इस मामले में फंसाने की योजना बनाई थी। इसके पीछे जमीन से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है। योजना के तहत ऐसा माहौल तैयार किया गया कि जांच का शक मामा पर जाए और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाए।
14 सितंबर को आया था धमकी भरा मैसेज
पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर की शाम धनबाद के अंचल अधिकारी के मोबाइल पर एक संदेश भेजकर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रकम नहीं देने पर गोली मारने की धमकी भी दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए अंचल अधिकारी ने 24 सितंबर को धनबाद थाना में शिकायत दर्ज कराई।
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इसके बाद पुलिस ने उस मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू की, जिससे धमकी भेजी गई थी। जांच आगे बढ़ने पर संदेश में दिए गए बैंक खाते की जानकारी भी पुलिस के लिए अहम कड़ी बनी।
बैंक खाते ने पहुंचाया मामा तक
धमकी वाले संदेश में राजगंज निवासी राजू के नाम से जुड़े एसबीआई खाते का विवरण दिया गया था। पुलिस ने जब राजू से पूछताछ की तो उसने धमकी भेजने से साफ इनकार किया और अपने मोबाइल की जांच कराने की बात कही।
पूछताछ के दौरान राजू ने पुलिस को बताया कि उसका अपने भांजे के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने इस दिशा में भी जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि जिस सिम कार्ड से धमकी भेजी गई थी, वह सीधे राजू के इस्तेमाल में नहीं था। पुलिस के अनुसार, सिम किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर था और उसे आगे पांडरपाला निवासी आरोपी युवक तक पहुंचाया गया था।
मामा को कुछ साल जेल में रखने की थी कथित योजना
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने उसी सिम का इस्तेमाल कर सीओ को धमकी भरा संदेश भेजा। संदेश में जानबूझकर मामा के बैंक खाते की जानकारी डाली गई, ताकि जांच का रुख उनकी ओर चला जाए।
पुलिस का कहना है कि आरोपी की कथित योजना मामा को रंगदारी के मामले में फंसाकर कुछ समय के लिए जेल भिजवाने की थी। इसके बाद जमीन पर अपना कब्जा या अधिकार मजबूत करने की कोशिश की जा सकती थी।
हालांकि पुलिस की तकनीकी और जमीनी जांच के कारण साजिश समय रहते सामने आ गई। जिस व्यक्ति को कथित तौर पर फंसाने की कोशिश की गई थी, उसके बजाय पुलिस ने उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया, जिस पर साजिश रचने का आरोप है।
अर्थ और विश्लेषण
यह मामला बताता है कि रंगदारी या धमकी से जुड़े मामलों में केवल बैंक खाते या मोबाइल नंबर के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी मानना पर्याप्त नहीं होता। पुलिस ने मोबाइल नंबर, सिम कार्ड और बैंक खाते के बीच संबंधों की जांच की, जिसके बाद कथित साजिश की दूसरी परत सामने आई।
घटना का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू पारिवारिक जमीन विवाद है। आरोप है कि व्यक्तिगत विवाद को आपराधिक साजिश का रूप देकर एक रिश्तेदार को कानूनी परेशानी में डालने की कोशिश की गई। यदि पुलिस की जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं, तो यह मामला केवल रंगदारी का नहीं बल्कि किसी व्यक्ति को जानबूझकर आपराधिक मामले में फंसाने की कोशिश का भी गंभीर उदाहरण माना जाएगा।
फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस आगे की पूछताछ और साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले में पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
(SDNA)



