Saturday, October 10

खाताधारक की मृत्यु के बाद बैंक खाते की रकम का क्या होता है? नॉमिनी दर्ज होने से आसान हो जाता है दावा

नई दिल्ली। बैंक खाते में जमा धनराशि खाताधारक के निधन के बाद समाप्त नहीं होती। खाताधारक की मृत्यु के पश्चात खाते में उपलब्ध राशि पर वैध दावेदार द्वारा दावा किया जा सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऐसे दावों के निपटान की प्रक्रिया को आसान और समयबद्ध बनाने के लिए बैंकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु के बाद पहले से ही भावनात्मक और प्रशासनिक चुनौतियां होती हैं। ऐसे समय में बैंक खाते, सावधि जमा (FD) या अन्य बैंकिंग जमा में मौजूद राशि का दावा करने की प्रक्रिया यदि स्पष्ट हो, तो परिवार के लिए काफी सुविधा हो सकती है। इसी वजह से बैंक खाते में Nominee यानी नामांकित व्यक्ति दर्ज कराना महत्वपूर्ण माना जाता है।

नॉमिनी दर्ज है तो क्या होगा?

यदि खाताधारक ने अपने बैंक खाते में नॉमिनी दर्ज किया है, तो खाताधारक की मृत्यु के बाद बैंक में दावा प्रस्तुत करने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल हो सकती है। नामांकित व्यक्ति को बैंक द्वारा निर्धारित दावा प्रक्रिया पूरी करनी होती है और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं।

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इससे परिवार को खाते में जमा राशि के दावे के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने में सुविधा मिलती है। हालांकि, नॉमिनी का दर्ज होना अपने-आप में खाते की राशि के अंतिम स्वामित्व का निर्धारण नहीं करता; उत्तराधिकार संबंधी अधिकार अलग कानूनी प्रावधानों के अधीन हो सकते हैं।

दावा करने के लिए क्या करना होगा?

खाताधारक के निधन के बाद बैंक खाते में जमा राशि का दावा करने के लिए सामान्यतः संबंधित बैंक की शाखा अथवा बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन माध्यम से प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

इसके लिए मुख्य रूप से तीन चरण महत्वपूर्ण हैं—

पहला चरण: संबंधित बैंक की शाखा या बैंक की वेबसाइट पर जाकर मृतक खाताधारक के खाते से संबंधित दावा प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें।

दूसरा चरण: बैंक द्वारा निर्धारित क्लेम फॉर्म भरें।

तीसरा चरण: बैंक द्वारा मांगे गए आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा फॉर्म जमा करें।

दस्तावेजों और प्रक्रिया की आवश्यकता खाते की प्रकृति, नॉमिनी की स्थिति तथा बैंक के रिकॉर्ड के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए संबंधित बैंक से आवश्यक दस्तावेजों की अद्यतन सूची प्राप्त करना उचित है।

15 दिनों में दावे के निपटान का प्रावधान

RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मृतक खाताधारकों के जमा खातों और सुरक्षित जमा लॉकर/सामान से संबंधित दावों के निपटान को समयबद्ध बनाने पर जोर दिया गया है। आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने और बैंक की निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र दावों के निपटान के लिए 15 दिनों की समयसीमा का प्रावधान किया गया है।

इसका उद्देश्य यह है कि परिवार को लंबे समय तक बैंकिंग प्रक्रिया में उलझना न पड़े और वैध दावे का निपटारा निर्धारित समय के भीतर किया जा सके।

नॉमिनी क्यों है जरूरी?

बैंक खाते में नॉमिनी दर्ज करना एक छोटी-सी बैंकिंग औपचारिकता है, लेकिन खाताधारक की मृत्यु के बाद यह परिवार के लिए काफी उपयोगी हो सकती है।

नॉमिनी दर्ज होने से बैंक के पास उस व्यक्ति का रिकॉर्ड पहले से मौजूद रहता है, जिसे खाताधारक ने अपनी मृत्यु के बाद जमा राशि/खाते से संबंधित दावा प्राप्त करने के लिए नामांकित किया है। इससे दावा प्रक्रिया में अनावश्यक कठिनाइयों को कम करने में मदद मिल सकती है।

इसलिए प्रत्येक खाताधारक को अपने बैंक खातों, सावधि जमा और अन्य लागू बैंकिंग जमा में नॉमिनी की जानकारी अपडेट रखनी चाहिए। परिवार की परिस्थितियों में बदलाव होने पर नॉमिनी की जानकारी की समीक्षा भी की जा सकती है।

केवल नॉमिनी दर्ज करना ही पर्याप्त क्यों नहीं?

यह समझना भी जरूरी है कि नॉमिनी की भूमिका और कानूनी उत्तराधिकार के अधिकार एक ही चीज नहीं हैं। बैंक द्वारा नॉमिनी को भुगतान किए जाने की प्रक्रिया और मृतक की संपत्ति पर अंतिम उत्तराधिकार का प्रश्न अलग-अलग कानूनी पहलुओं से जुड़ सकता है।

इसीलिए परिवार के सदस्यों को बैंक रिकॉर्ड में नॉमिनी की जानकारी सही रखने के साथ-साथ अपनी संपत्ति और उत्तराधिकार से संबंधित दस्तावेजों को भी व्यवस्थित रखना चाहिए।

परिवार के लिए आज ही उठाएं छोटा कदम

खाताधारक की मृत्यु के बाद परिवार को बैंक खाते की जानकारी, दस्तावेज और दावे की प्रक्रिया खोजने में परेशानी न हो, इसके लिए जीवनकाल में ही बैंक खाते की जानकारी व्यवस्थित रखना उपयोगी है।

अपने बैंक खाते में नॉमिनी दर्ज करें, उसकी जानकारी समय-समय पर जांचें और परिवार के विश्वसनीय सदस्यों को आवश्यक बैंकिंग जानकारी के बारे में अवगत रखें।

RBI की उपभोक्ता जागरूकता पहल “आरबीआई कहता है” का भी उद्देश्य लोगों को बैंकिंग और वित्तीय मामलों के प्रति जागरूक एवं सतर्क बनाना है।

याद रखें—आज की छोटी-सी तैयारी, भविष्य में आपके परिवार के लिए बड़ी परेशानी को कम कर सकती है।

अधिक जानकारी के लिए RBI की “आरबीआई कहता है” वेबसाइट पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।