
भावांतर योजना के तहत ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन शुरू; निःशुल्क और सशुल्क दोनों केंद्रों पर सुविधा उपलब्ध
इंदौर, 30 सितंबर। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में सोयाबीन उपज के लिए किसानों का पंजीयन 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। भारत सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम (भावांतर योजना) के अंतर्गत होने वाला यह पंजीयन मध्यप्रदेश के ई-उपार्जन पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
किसान अपना पंजीयन ई-उपार्जन पोर्टल पर करा सकेंगे। इसके लिए जिले में निर्धारित पंजीयन केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
इन केंद्रों पर निःशुल्क होगा पंजीयन
किसानों को पंजीयन के लिए शुल्क नहीं देना होगा, यदि वे ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में बनाए गए सुविधा केंद्रों या सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर प्रक्रिया पूरी कराते हैं।
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सशुल्क केंद्रों पर अधिकतम 50 रुपये शुल्क
एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन कराया जा सकेगा। इन केंद्रों पर प्रति पंजीयन अधिकतम 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
पंजीयन के दौरान किसान के भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान पत्रों का परीक्षण कर आवश्यक रिकॉर्ड रखा जाएगा।
सिकमी और बटाईदार किसानों के लिए अलग व्यवस्था
सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर उपलब्ध रहेगी। इन श्रेणियों के सभी किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।
आधार लिंक बैंक खाते में प्राथमिकता से होगा भुगतान
फसल बिक्री के बाद उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। यदि किसी कारण से इस खाते में भुगतान संभव नहीं होता है, तो पंजीयन के दौरान उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा।
किसानों को पंजीयन के समय बैंक खाता संख्या और IFSC कोड उपलब्ध कराना होगा। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त खाते तथा फिनो, एयरटेल और पेटीएम बैंक खाते पंजीयन के लिए मान्य नहीं होंगे।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाइल नंबर लिंक कराकर जानकारी को अपडेट रखें।
आधार-बैंक लिंक की जांच के लिए होगा 1 रुपये का ट्रांजेक्शन
किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिए पंजीयन के दौरान मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से 1 रुपये का परीक्षण ट्रांजेक्शन कराया जाएगा।
जिला प्रशासन को आधार पंजीयन केंद्रों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसान मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट करा सकें। पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केंद्रों का भी उपयोग किया जा सकेगा। आधार को बैंक खाते से लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ समन्वय करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पंजीयन के लिए आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य
सोयाबीन पंजीयन और फसल बिक्री के लिए आधार नंबर का सत्यापन अनिवार्य रहेगा। यह सत्यापन आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP या बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जा सकेगा।
किसान का पंजीयन तभी मान्य होगा, जब भू-अभिलेख में दर्ज खाते और खसरे के नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। दोनों दस्तावेजों में नाम अलग होने की स्थिति में तहसील कार्यालय के माध्यम से सत्यापन कराया जाएगा और सत्यापन के बाद ही पंजीयन मान्य होगा।
किसानों को SMS और गांवों में सूचना के जरिए मिलेगा संदेश
पिछले खरीफ सीजन के पंजीयन में उपलब्ध मोबाइल नंबरों पर किसानों को SMS के माध्यम से पंजीयन की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर सूचना प्रदर्शित करने, गांवों में मुनादी कराने तथा समिति और मंडी स्तर पर बैनर के माध्यम से किसानों को जानकारी देने की व्यवस्था की गई है।
संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सोयाबीन पंजीयन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी कराई जाए, ताकि पात्र किसान समय रहते अपना पंजीयन करा सकें।



