Saturday, October 10

रिलायंस कम्युनिकेशंस की सेवाएं बंद, फिर भी 32 मोबाइल कनेक्शन एक्टिव

TRAI के अगस्त 2026 के आंकड़ों में सामने आया मामला; मुंबई में सबसे ज्यादा 27 कनेक्शन, तकनीकी और आंतरिक उपयोग की संभावना

(SDNA) नई दिल्ली। कभी भारतीय टेलीकॉम बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने वाली रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) की सामान्य मोबाइल सेवाएं लंबे समय से बंद हैं, लेकिन कंपनी के नाम पर अब भी कुछ मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक देश में रिलायंस कम्युनिकेशंस के 32 वायरलेस मोबाइल सब्सक्राइबर दर्ज हैं।

यह आंकड़ा इसलिए चर्चा में है क्योंकि जुलाई 2026 में कंपनी के नाम पर सक्रिय कनेक्शनों की संख्या 119 थी। एक महीने में 87 कनेक्शन कम होने के बाद अगस्त में यह संख्या 32 रह गई।

मुंबई में सबसे ज्यादा सक्रिय कनेक्शन

TRAI के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 में रिलायंस कम्युनिकेशंस के सक्रिय कनेक्शनों में सबसे अधिक 27 मुंबई में दर्ज किए गए। इसके अलावा केरल में 1, पंजाब में 1 और राजस्थान में 2 कनेक्शन सक्रिय बताए गए हैं।

📢 SD News Agency से जुड़ें और पाएं हर खबर का अपडेट अपने मोबाइल पर!

देश-दुनिया, राजनीति, समाज, व्यापार, प्रदेश और स्थानीय समाचारों की ताजा एवं महत्वपूर्ण खबरें सीधे अपने मोबाइल WhatsApp पर प्राप्त करते रहें।

📰 SD News Agency के WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और ग्रुप से जुड़ जाएं।

👉 WhatsApp Group से जुड़ने के लिए क्लिक करें:
SD News Agency WhatsApp Group से जुड़ें

SD News Agency — खबर वही, जो आपके लिए जरूरी है।

हालांकि, इन नंबरों का इस्तेमाल कौन कर रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक आंकड़ों में उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह कहना भी उचित नहीं होगा कि इन सभी कनेक्शनों का इस्तेमाल किसी एक विशेष उद्देश्य के लिए ही किया जा रहा है।

आम मोबाइल ग्राहकों के बजाय तकनीकी इस्तेमाल की संभावना

टेलीकॉम क्षेत्र में किसी कंपनी की खुदरा मोबाइल सेवा बंद होने के बाद भी कुछ कनेक्शन तकनीकी, नेटवर्क प्रबंधन, परीक्षण अथवा कंपनी के आंतरिक संचार से जुड़े उद्देश्यों के लिए बने रह सकते हैं।

ऐसे कनेक्शन मशीन-टू-मशीन (M2M) संचार, नेटवर्क उपकरण, स्वचालित सिस्टम, रिमोट मॉनिटरिंग अथवा अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, रिलायंस कम्युनिकेशंस के इन 32 कनेक्शनों का वास्तविक उपयोग क्या है, इसे लेकर उपलब्ध सार्वजनिक आंकड़ों से निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

मुंबई क्यों है महत्वपूर्ण?

इन सक्रिय कनेक्शनों में 27 का मुंबई में होना भी ध्यान आकर्षित करता है। मुंबई रिलायंस कम्युनिकेशंस के पुराने कॉरपोरेट और नेटवर्क ढांचे का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। ऐसे में कंपनी के बचे हुए तकनीकी ढांचे, नेटवर्क उपकरणों या अन्य आंतरिक प्रणालियों से कुछ कनेक्शनों का जुड़े रहना एक संभावित वजह हो सकती है।

दूरसंचार कंपनियों के नेटवर्क में कुछ सिम या कनेक्शन ऐसे उपकरणों में भी लगाए जाते हैं, जिन्हें मानव ग्राहक सामान्य मोबाइल फोन की तरह इस्तेमाल नहीं करते।

लाइसेंस और नेटवर्क से जुड़ी व्यवस्थाएं

किसी टेलीकॉम कंपनी की उपभोक्ता सेवाएं बंद हो जाने का अर्थ यह जरूरी नहीं है कि उससे जुड़े प्रत्येक तकनीकी कनेक्शन उसी समय समाप्त हो जाए। लाइसेंस, नेटवर्क उपकरण, परीक्षण व्यवस्था और अन्य नियामकीय प्रक्रियाओं के कारण कुछ कनेक्शन एक अवधि तक सक्रिय रह सकते हैं।

इसी वजह से TRAI के आंकड़ों में किसी कंपनी के नाम पर सक्रिय मोबाइल कनेक्शन दिखाई देना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि कंपनी आम ग्राहकों को मोबाइल सेवा उपलब्ध करा रही है।

कभी टेलीकॉम बाजार में थी बड़ी मौजूदगी

रिलायंस कम्युनिकेशंस ने 2000 के दशक में भारतीय मोबाइल बाजार में तेजी से अपनी पहचान बनाई थी। कंपनी ने कम कीमत वाले हैंडसेट और आकर्षक कॉल दरों के जरिए बड़ी संख्या में ग्राहकों को अपने साथ जोड़ा था।

उस दौर में कंपनी की पहचान CDMA तकनीक आधारित मोबाइल सेवाओं के कारण भी बनी। बाद में टेलीकॉम बाजार में GSM तकनीक का विस्तार हुआ और प्रतिस्पर्धा बढ़ती गई।

बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने बदला बाजार

भारतीय टेलीकॉम उद्योग में एयरटेल, हच/वोडाफोन और आइडिया जैसी कंपनियों की प्रतिस्पर्धा के बीच तकनीकी बदलावों ने भी कंपनियों पर दबाव बढ़ाया। रिलायंस कम्युनिकेशंस ने बाद में GSM सेवाओं की दिशा में भी कदम बढ़ाया, जिसके लिए बड़े निवेश की जरूरत पड़ी।

इसके बाद 2016 में रिलायंस जियो के प्रवेश से टेलीकॉम बाजार में कीमतों और डेटा सेवाओं को लेकर प्रतिस्पर्धा और तेज हुई। वित्तीय दबाव और कारोबारी चुनौतियों के बीच रिलायंस कम्युनिकेशंस की उपभोक्ता टेलीकॉम सेवाएं अंततः बंद हो गईं।

32 कनेक्शन ने फिर खींचा ध्यान

अब TRAI के अगस्त 2026 के आंकड़ों में कंपनी के नाम पर केवल 32 वायरलेस मोबाइल कनेक्शन का सक्रिय रहना इस पुराने टेलीकॉम ब्रांड को फिर चर्चा में ले आया है। इन कनेक्शनों का सटीक उपयोग सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है, लेकिन आंकड़े यह जरूर दिखाते हैं कि उपभोक्ता सेवाओं के बंद होने के वर्षों बाद भी कंपनी के नाम से कुछ मोबाइल कनेक्शन रिकॉर्ड में सक्रिय बने हुए हैं।