
कपिल पोखरिया और प्रिया घंघास ने बॉक्सिंग में जीते कांस्य पदक, भारतीय कंपाउंड आर्चरी टीमों ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए
(SDNA) जबलपुर, 30 सितंबर। एशियन गेम्स-2026 में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों को देश के लिए गौरव का विषय बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मेन्स 90 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा में कपिल पोखरिया के कांस्य पदक जीतने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता देश के युवा मुक्केबाजों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
महिला 60 किलोग्राम बॉक्सिंग में प्रिया घंघास ने कांस्य पदक हासिल किया। मुख्यमंत्री ने उनकी मेहनत और खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि ने देश का सम्मान बढ़ाया है।
📢 SD News Agency से जुड़ें और पाएं हर खबर का अपडेट अपने मोबाइल पर!
देश-दुनिया, राजनीति, समाज, व्यापार, प्रदेश और स्थानीय समाचारों की ताजा एवं महत्वपूर्ण खबरें सीधे अपने मोबाइल WhatsApp पर प्राप्त करते रहें।
📰 SD News Agency के WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और ग्रुप से जुड़ जाएं।
👉 WhatsApp Group से जुड़ने के लिए क्लिक करें:
SD News Agency WhatsApp Group से जुड़ें
SD News Agency — खबर वही, जो आपके लिए जरूरी है।
कंपाउंड आर्चरी में भारतीय टीमों का स्वर्णिम प्रदर्शन
एशियन गेम्स-2026 के कंपाउंड पुरुष टीम इवेंट में कुशल दलाल, साहिल राजेश जाधव और गणेश मणिरत्नम तिरुमुरु ने स्वर्ण पदक हासिल किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।
कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में साहिल राजेश जाधव और चिकिता तनिपार्थी ने स्वर्ण पदक जीता। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के समर्पण, मेहनत और प्रदर्शन की प्रशंसा की।
महिला कंपाउंड टीम इवेंट में ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तनिपार्थी की तिकड़ी ने स्वर्ण पदक जीतकर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस प्रदर्शन के साथ टीम ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की।
सोयाबीन किसानों के लिए जरूरी सूचना, 3 से 17 अक्टूबर तक होगा पंजीयन
भावांतर योजना के तहत ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन; ग्राम पंचायत से लेकर सहकारी समितियों तक बनाए गए केंद्र
(SDNA) जबलपुर, 30 सितंबर। खरीफ वर्ष 2026 यानी विपणन वर्ष 2026-27 में सोयाबीन उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। यह प्रक्रिया भारत सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम यानी भावांतर योजना के तहत ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से होगी।
किसान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन करा सकेंगे। जिले में इसके लिए निर्धारित पंजीयन केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
इन केंद्रों पर नि:शुल्क पंजीयन
किसानों के लिए ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों के साथ सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित केंद्रों पर नि:शुल्क पंजीयन की व्यवस्था रहेगी।
इसके अलावा एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से सशुल्क पंजीयन कराया जा सकेगा। इसके लिए प्रति पंजीयन अधिकतम 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समिति या सहकारी विपणन संस्था के केंद्रों पर किया जाएगा। इन किसानों के विवरण का राजस्व विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा।
बैंक खाते और आधार की जानकारी रखें अपडेट
उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। पंजीयन के दौरान बैंक खाता संख्या और IFSC कोड देना होगा।
अक्रियाशील, संयुक्त तथा फिनो, एयरटेल और पेटीएम जैसे खातों को पंजीयन के लिए मान्य नहीं बताया गया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे आधार, बैंक खाते और मोबाइल नंबर को आपस में लिंक एवं अपडेट रखें।
पंजीयन और फसल बिक्री के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य होगा। सत्यापन ओटीपी या बायोमेट्रिक माध्यम से किया जा सकेगा। भू-अभिलेख और आधार में नाम का मिलान नहीं होने पर तहसील कार्यालय के माध्यम से सत्यापन कराया जाएगा।
किसानों को पंजीयन की जानकारी एसएमएस के माध्यम से देने के साथ ग्राम पंचायतों में सूचना प्रदर्शित कराने और समिति एवं मंडी स्तर पर बैनर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के डिपो के लिए आरटीओ परिसर का निरीक्षण
करीब 15 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक डिपो विकसित करने की तैयारी, पुराने वाहनों की नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश
(SDNA) जबलपुर, 30 सितंबर। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए जबलपुर में डिपो विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय परिसर का निरीक्षण कर प्रस्तावित स्थल की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ डिपो निर्माण की संभावित कार्ययोजना पर चर्चा की। उन्होंने परिसर में लंबे समय से खड़े पुराने एवं अनुपयोगी वाहनों की नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग किया जा सके।
आरटीओ परिसर के आसपास लगभग 15 एकड़ भूमि उपलब्ध बताई गई है। इसी क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त डिपो विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
कलेक्टर ने परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए। निजी बसों को भी अनिवार्य रूप से टैग करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि यात्रियों को परिवहन सेवा का बेहतर लाभ मिल सके।
नीमखेड़ा छात्रावास में अचानक पहुंचे कलेक्टर, छात्राओं से सीधे लिया व्यवस्थाओं का फीडबैक
भोजन, पेयजल, स्वच्छता से लेकर पढ़ाई और आवागमन तक की जानकारी ली
(SDNA) जबलपुर, 30 सितंबर। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने नीमखेड़ा स्थित पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास की व्यवस्थाओं को करीब से देखा और छात्राओं से सीधे बातचीत कर सुविधाओं की स्थिति जानी।
कलेक्टर ने छात्रावास के मैस में पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने छात्राओं से भोजन, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा विद्यालय तक आने-जाने की व्यवस्था और पढ़ाई से संबंधित विषयों पर भी छात्राओं से चर्चा की।
उन्होंने अधिकारियों को छात्राओं के लिए बेहतर वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद कलेक्टर ने छात्रावास के समीप निर्मित ट्रायबल छात्रावास का भी निरीक्षण किया और उसके व्यवस्थित संचालन के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।



