Sunday, October 11

नई कृषि तकनीक और फूड प्रोसेसिंग से किसानों को मिलेगा बाजार का सहारा : मुख्यमंत्री

उमरिया के बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से योजनाओं का लाभ लेने और समय पर फसल पंजीयन कराने की अपील की

(SDNA) जबलपुर, 30 सितंबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उनकी उपज को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधाओं और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जा रहा है। उमरिया जिले में जल्द ही एक बड़ी फूड प्रोसेसिंग यूनिट शुरू होने की बात भी उन्होंने कही, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री बुधवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उमरिया में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कृषक कल्याण वर्ष के दौरान किसानों के हित में विभिन्न गतिविधियां और योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि उमरिया कोयला भंडारों, बांधवगढ़ और प्राकृतिक एवं वन्य संपदा के लिए जाना जाता है। जिले में किसानों की उपज को उचित मूल्य दिलाने के लिए आधुनिक तकनीक और खाद्य प्रसंस्करण पर जोर दिया जा रहा है।

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सिंचाई और बिजली पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। सरकार का लक्ष्य हर गांव और हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाना है।

उन्होंने किसानों से धान और श्रीअन्न फसलों के उपार्जन के लिए समय पर पंजीयन कराने की अपील की, ताकि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि इसी सीजन से किसानों को दिन में भी 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

जिला प्रशासन को किसान चौपाल आयोजित कर पात्र हितग्राहियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।

पशुपालन और प्राकृतिक खेती से आय बढ़ाने की अपील

मुख्यमंत्री ने किसानों से गोपालन, दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, उद्यानिकी तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती जैसी गतिविधियों को अपनाने का आह्वान किया। पंचायत स्तर पर दुग्ध संकलन समितियों के पंजीयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने किसानों को कस्टम हायरिंग सेंटर और सोलर पंप जैसी योजनाओं का लाभ लेने की भी अपील की।

ग्रामीण संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री

मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्र के अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराई जा रही है। स्वामित्व योजना के तहत मिलने वाली संपत्ति की वैध रजिस्ट्री का उपयोग हितग्राही बैंक ऋण सहित अन्य जरूरतों के लिए कर सकेंगे।

उन्होंने प्रदेश में विद्यार्थियों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी तथा प्राथमिक एवं माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को किताबें, ड्रेस और साइकिल जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय भी प्रारंभ किए गए हैं।


नशे के खिलाफ जिलों में और मजबूत होगी निगरानी, 2026 में 2706 मामले दर्ज

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा—ड्रग हॉटस्पॉट पर विशेष नजर रखें, जरूरत पड़ने पर पुलिस-आबकारी विभाग संयुक्त कार्रवाई करें

(SDNA) जबलपुर, 30 सितंबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जिलों में निगरानी और कार्रवाई को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से शहरों में चिन्हित नशे के हॉटस्पॉट पर सतत निगरानी रखने और प्रत्येक जिले में हर महीने नशामुक्ति से संबंधित बैठक आयोजित करने को कहा।

मुख्यमंत्री मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत अभियान की नियमित समीक्षा के साथ दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जारी रखी जाए।

उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग को आवश्यकता के अनुसार संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के उत्पादन, व्यापार, सेवन तथा तस्करी पर नियंत्रण के लिए एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2026 में अब तक 2706 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। अगस्त 2026 तक 3690 आरोपियों से 46,313 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए जाने की जानकारी दी गई।

इसके अलावा प्रतिबंधित कफ सिरप की जब्ती, शिक्षण संस्थानों के 500 मीटर क्षेत्र को ड्रग्स फ्री बनाने, नशामुक्त मित्रों का सहयोग लेने तथा जिलों में नशामुक्ति केंद्रों की भूमिका सक्रिय करने जैसे प्रयास जारी हैं।

नशे से संबंधित सहायता के लिए हेल्पलाइन 14446 की व्यवस्था भी लागू है।


उद्यम क्रांति योजना से विवेक नेमा ने बढ़ाया कारोबार

बैंक से करीब 8.50 लाख रुपये का ऋण लेकर इलेक्ट्रिकल्स कारोबार के साथ शुरू किया पैंट व्यवसाय

(SDNA) जबलपुर, 30 सितंबर। सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में पाटन के युवा विवेक नेमा ने अपने व्यवसाय का विस्तार किया है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत बैंक ऋण मिलने के बाद उन्होंने पहले से संचालित इलेक्ट्रिकल्स दुकान के साथ पैंट का कारोबार भी शुरू किया।

29 वर्षीय कॉमर्स स्नातक विवेक पहले से पाटन में बिजली के उपकरणों की दुकान चला रहे थे। कारोबार को विस्तार देने के लिए उन्हें अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता थी। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने ऋण के लिए आवेदन किया।

योजना के तहत पंजाब नेशनल बैंक की पाटन शाखा से उन्हें करीब 8.50 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। विवेक के अनुसार योजना के माध्यम से ऋण के साथ ब्याज में राहत की सुविधा ने उन्हें नया व्यवसाय शुरू करने में मदद की।

ऋण लिए करीब छह माह हुए हैं। फिलहाल वे बाजार की मांग और ग्राहकों की पसंद को समझते हुए दोनों व्यवसायों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं।

विवेक का कहना है कि योजना ने उन्हें मौजूदा कारोबार के साथ नया व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया है।


प्राकृतिक खेती से सुरेंद्र पटेल ने दिखाई आत्मनिर्भर कृषि की राह

दो साल से रसायन मुक्त खेती, खेत पर ही तैयार करते हैं जीवामृत और प्राकृतिक कीट नियंत्रण घोल

(SDNA) जबलपुर, 30 सितंबर। खेती की बढ़ती लागत और मिट्टी की गुणवत्ता से जुड़ी चुनौतियों के बीच पनागर विकासखंड के ग्राम मोहलझिर निवासी किसान सुरेंद्र कुमार पटेल प्राकृतिक खेती को अपनाकर आसपास के किसानों के लिए उदाहरण बन रहे हैं।

करीब दो वर्षों से वे अपने खेत में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। इसके स्थान पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों से कृषि आदान तैयार करते हैं।

सुरेंद्र पटेल देशी गाय के गोबर, गोमूत्र, गुड़, दाल या बेसन और अन्य स्थानीय जैविक तत्वों से जीवामृत तैयार कर फसलों में उपयोग करते हैं। कीट प्रबंधन के लिए नीम और स्थानीय वनस्पतियों के अर्क से ब्रह्मास्त्र सहित अन्य प्राकृतिक घोल तैयार किए जाते हैं।

उनके अनुसार खेत पर ही कृषि आदान तैयार करने से बाजार से महंगे रासायनिक उत्पाद खरीदने की आवश्यकता कम हुई है। प्राकृतिक खेती से मिट्टी में जैविक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और भूमि की गुणवत्ता तथा जलधारण क्षमता में सुधार होने की बात भी उन्होंने कही।

सुरेंद्र पटेल का मानना है कि स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर किसान कम लागत में अधिक टिकाऊ खेती की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।


मढ़ईकला में विधिक जागरूकता शिविर, 265 लोगों को योजनाओं का लाभ

98 लोगों के आधार कार्ड तैयार और अपडेट कराने में मिली सहायता, ग्रामीणों को अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी

(SDNA) जबलपुर, 30 सितंबर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश पर कुंडम तहसील के ग्राम पंचायत मढ़ईकला में वृहद विधिक जागरूकता एवं सहायता शिविर आयोजित किया गया।

शासकीय हाईस्कूल परिसर में आयोजित शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों तक न्याय और विधिक सहायता पहुंचाने के साथ पात्र लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना रहा।

शिविर से पहले ग्राम पंचायत क्षेत्र के परिवारों का सर्वे कर उनकी विधिक समस्याओं और सरकारी योजनाओं की पात्रता संबंधी जानकारी जुटाई गई थी। इसके बाद विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं, अधिकारों और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी।

शिविर के दौरान चिन्हित 98 लोगों के आधार कार्ड तैयार एवं अपडेट कराने में सहायता दी गई, जबकि करीब 265 हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया गया।

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं न्यायाधीश श्रीमती शक्ति वर्मा, जिला विधिक सहायता अधिकारी बी.डी. दीक्षित, पूर्व जिला न्यायाधीश एवं वरिष्ठ मध्यस्थ एस.एन. खरे, मंगलायतन विश्वविद्यालय जबलपुर के प्रोफेसर प्रदीप तिवारी, डॉ. वर्तिका पाण्डेय सहित करीब 30 विधि विद्यार्थी, प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।

शिविर में जनपद पंचायत कुंडम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए।