Sunday, October 11

रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी को लेकर मुख्यमंत्री ने किसानों को दी बधाई

गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी

(SDNA) जबलपुर, 30 सितंबर। विपणन सीजन 2027-28 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को बधाई दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रबी सीजन की प्रमुख फसलों गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम के MSP में वृद्धि से किसानों को लाभकारी मूल्य मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण निर्णय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में लगातार लिए जा रहे फैसलों से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। उन्होंने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश के अन्नदाताओं को शुभकामनाएं दीं।

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वाराणसी से वड़नगर की सेवा यात्रा उज्जैन पहुंची, युवाओं से हुआ संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल से वर्चुअली जुड़े; यात्रियों ने पौधरोपण के साथ विक्रम विश्वविद्यालय के तालाब की सफाई की

(SDNA) उज्जैन/जबलपुर, 30 सितंबर। सेवा संकल्प अभियान के तहत वाराणसी से वड़नगर तक निकाली जा रही सेवा यात्रा के उज्जैन पहुंचने पर विक्रम विश्वविद्यालय परिसर में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल से इस कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने सेवा यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक नागरिकों को जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए यात्रियों से एक-दूसरे की संस्कृति और खान-पान को समझने तथा सद्भावना के साथ यात्रा को आगे बढ़ाने की बात कही।

सेवा यात्री ग्राम कनासिया के रास्ते उज्जैन जिले में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पौधरोपण किया और विक्रम विश्वविद्यालय परिसर स्थित तालाब की सफाई में भी भाग लिया।

युवा संवाद कार्यक्रम में उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी, संजय अग्रवाल, जगदीश पांचाल सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।


विकास कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखें, समय-सीमा में पूरे हों प्रोजेक्ट : कलेक्टर

अमृत 2.0, जल प्रदाय, प्रधानमंत्री आवास और स्वच्छता परियोजनाओं की समीक्षा; अधूरे कामों में तेजी लाने के निर्देश

(SDNA) जबलपुर, 30 सितंबर। जबलपुर जिले के नगरीय निकायों में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर कार्यालय में हुई बैठक में नगर निगम जबलपुर, नगर पालिका सिहोरा और पनागर सहित जिले की नगर परिषदों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को प्राथमिकता देने और प्रगति की नियमित समीक्षा करने पर जोर दिया।

अमृत 2.0 और जल परियोजनाओं में तेजी

अमृत 2.0 के तहत शहरी क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने प्रगतिरत कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। हरित क्षेत्र के तहत बनाए गए पार्कों के रखरखाव और शेष कार्यों को भी समय पर पूरा करने को कहा गया।

तालाबों और अन्य जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि विकास कार्य करते समय जल संरचनाओं के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखा जाए।

जल प्रदाय योजनाओं में पाइपलाइन बिछाने के कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए गए। मुख्य मार्गों पर आवश्यकता होने पर रात में पाइपलाइन बिछाने की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि दिन के समय यातायात प्रभावित न हो।

पाइपलाइन के लिए सड़क खोदे जाने के बाद उसका व्यवस्थित तरीके से रेस्टोरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में शहपुरा-भिटौनी जल प्रदाय योजना और बरेला-नर्मदा नदी जल प्रदाय योजना की प्रगति की भी समीक्षा हुई।

आवास निर्माण में लापरवाही पर होगी रिकवरी

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन मकानों की लगातार निगरानी करने को कहा गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों को निर्माण के लिए राशि मिल चुकी है, उनके आवासों की प्रगति की नियमित जांच की जाए।

राशि प्राप्त करने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं करने वाले हितग्राहियों के खिलाफ नियमानुसार आरआरसी जारी कर राशि की वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रथम और द्वितीय चरण के आवेदनों के सत्यापन की स्थिति की भी जानकारी ली गई।

पट्टा वितरण और राजस्व वसूली पर भी फोकस

बैठक में अर्बन चैलेंज फंड के प्रावधानों और शहरी विकास के लिए बाजार आधारित संसाधन जुटाने के विषय पर भी चर्चा हुई।

कलेक्टर ने धारणाधिकार योजना के तहत पट्टा वितरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। स्वीकृत सूचियों को आरसीएमएस पोर्टल पर अपलोड कर पात्र लोगों को जल्द पट्टे उपलब्ध कराने को कहा गया।

नगरीय निकायों की दुकानों और अन्य संपत्तियों से किराया वसूली की समीक्षा करते हुए बड़े बकायादारों को नोटिस जारी कर नियमानुसार राजस्व वसूली करने के निर्देश दिए गए।

कचरा पृथक्करण और वेस्ट-टू-एनर्जी पर जोर

स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में कचरे की सुचारू प्रोसेसिंग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने के लिए जन-जागरूकता अभियान और कार्यशालाएं आयोजित करने पर जोर दिया।

उन्होंने नगरीय निकायों के अधिकारियों को डंपिंग साइट्स का नियमित निरीक्षण करने और स्वच्छता व्यवस्था की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर कलेक्टर रविशंकर राय, नगर निगम के कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी तथा विभिन्न नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित रहे।