
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के बीच CJP प्रमुख की टिप्पणी; 2 अक्टूबर से मुंबई में आंदोलन शुरू करने की घोषणा
(SDNA) मुंबई, 1 अक्टूबर 2026। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा है कि ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न दिया जाना चाहिए। उनकी यह टिप्पणी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित आंदोलन के बीच सामने आई है।
दीपके ने अपनी टिप्पणी में कहा कि ऐसे राज्यों में चुनाव जिताने का श्रेय ज्ञानेश कुमार को दिया जा रहा है, जहां उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी जीत हासिल करना संभव नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में भाजपा चुनावों में नरेंद्र मोदी के चेहरे के बजाय ज्ञानेश कुमार के कथित चुनावी आकलन पर निर्भर है। ये दीपके के राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन
CJP की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पहले भी की जा चुकी है। पार्टी ने 2 अक्टूबर से मुंबई में आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है और बाद में इसे अन्य शहरों तक ले जाने की बात कही है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी विरोध की योजना घोषित की है।
📢 SD News Agency से जुड़ें और पाएं हर खबर का अपडेट अपने मोबाइल पर!
देश-दुनिया, राजनीति, समाज, व्यापार, प्रदेश और स्थानीय समाचारों की ताजा एवं महत्वपूर्ण खबरें सीधे अपने मोबाइल WhatsApp पर प्राप्त करते रहें।
📰 SD News Agency के WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और ग्रुप से जुड़ जाएं।
👉 WhatsApp Group से जुड़ने के लिए क्लिक करें:
SD News Agency WhatsApp Group से जुड़ें
SD News Agency — खबर वही, जो आपके लिए जरूरी है।
दीपके ने कहा है कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं होती है तो अक्टूबर के अंत से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि CJP छह अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित विपक्षी प्रदर्शन में शामिल नहीं होगी और उसका आंदोलन अलग रहेगा।
उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी का भी किया गया उल्लेख
ज्ञानेश कुमार को लेकर इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से भी व्यंग्यात्मक टिप्पणी सामने आई थी। उन्होंने पद्म पुरस्कार के सुझाव के संदर्भ में कहा था कि यदि सम्मान की बात हो रही है तो भारत रत्न क्यों नहीं दिया जाए। अब्दुल्ला की टिप्पणी भी ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल को लेकर राजनीतिक असहमति के संदर्भ में थी।
चुनाव आयोग और SIR को लेकर विवाद
ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी और अन्य राजनीतिक समूहों की आलोचना हाल के दिनों में निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी सामने आई है। CJP ने इन मुद्दों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और निर्वाचन प्रक्रिया में बदलाव की मांग की है।
वहीं, निर्वाचन आयोग से जुड़े विवादों पर अलग-अलग राजनीतिक पक्षों के अपने-अपने दावे और प्रतिक्रियाएं हैं। ऐसे में दीपके द्वारा भारत रत्न वाली टिप्पणी को उनके विरोध प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ राजनीतिक अभियान के संदर्भ में देखा जा रहा है।



