
स्क्वॉश से शुरू हुआ पदकों का सिलसिला, एथलेटिक्स में भी शानदार प्रदर्शन; सर्वेश कुशारे, पारुल चौधरी और तेजस्विन शंकर ने बढ़ाया भारत का गौरव
नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 के आठवें दिन भारत के खिलाड़ियों ने पदकों की रफ्तार बढ़ा दी है। 27 सितंबर को स्क्वॉश और एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार पदक अपने नाम किए। अभय सिंह और अनाहत सिंह ने स्क्वॉश में रजत पदक जीते, जबकि एथलेटिक्स में तेजस्विन शंकर, पारुल चौधरी और सर्वेश कुशारे ने भारत की पदक सूची में इजाफा किया।
सर्वेश कुशारे का हाई जंप में कमाल
पुरुषों की हाई जंप फाइनल में भारत के सर्वेश कुशारे ने 2.25 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक हासिल किया। उनका मुकाबला बेहद करीबी रहा और स्वर्ण पदक विजेता ने भी 2.25 मीटर की ऊंचाई पार की, लेकिन प्रयासों के काउंट के आधार पर स्वर्ण का फैसला हुआ।
सर्वेश का यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा।
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पारुल चौधरी ने स्टीपलचेज में जीता कांस्य
महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में भारत की पारुल चौधरी ने 9:08.67 सेकेंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकालते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
पारुल का यह प्रदर्शन एथलेटिक्स में भारत की मजबूत मौजूदगी को दर्शाता है। इस स्पर्धा में उनके साथ अंकिता ने भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर का ऐतिहासिक कांस्य
पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में तेजस्विन शंकर ने 7,934 अंक जुटाकर कांस्य पदक जीता। डेकाथलॉन में खिलाड़ियों को 10 अलग-अलग ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में प्रदर्शन करना होता है, इसलिए इसे एथलेटिक्स की सबसे चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में गिना जाता है।
तेजस्विन ने पूरे मुकाबले में निरंतर प्रदर्शन करते हुए पोडियम पर जगह बनाई।
एंसी सोजन को लॉन्ग जंप में सिल्वर
महिलाओं की लॉन्ग जंप में एंसी सोजन ने 6.53 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक हासिल किया। वह स्वर्ण के बेहद करीब रहीं, लेकिन चीन की हुआंग यिंगयिंग ने 6.55 मीटर की छलांग के साथ पहला स्थान हासिल कर लिया।
भारत की शैली सिंह ने भी इस फाइनल में चुनौती पेश की और 6.42 मीटर के प्रयास के साथ पदक की दौड़ में बनी रहीं।
हरिता भद्रा ने 200 मीटर में जीता कांस्य
महिलाओं की 200 मीटर फाइनल में हरिता भद्रा ने 23.20 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण श्रीलंका की वेरोनिका शांति परेरा और रजत चीन की चेन युजी ने जीता।
स्क्वॉश में दो रजत से भारत की शुरुआत
दिन की शुरुआत स्क्वॉश से हुई, जहां भारत को पुरुष और महिला सिंगल्स में दो रजत पदक मिले।
अभय सिंह को पुरुष सिंगल्स फाइनल में मलेशिया के एनजी ईन यो ने हराया। वहीं अनाहत सिंह को महिला सिंगल्स के फाइनल में मलेशिया की सिवासंगरी सुब्रमणियम से हार का सामना करना पड़ा। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक के लिए मजबूत चुनौती पेश की, लेकिन उन्हें रजत से संतोष करना पड़ा।
बॉक्सिंग में भी भारत की पदक उम्मीद मजबूत
बॉक्सिंग में भारत के अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाकर कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है। वहीं परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में क्वार्टर फाइनल जीतकर पदक सुनिश्चित किया।
इससे पहले नरेंद्र ने 90 किलोग्राम से अधिक वर्ग में जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
महिला हॉकी टीम भी एक्शन में
महिला हॉकी टीम ने सिंगापुर के खिलाफ पूल मुकाबले में शानदार शुरुआत की। पहले क्वार्टर में गोल नहीं आया, लेकिन दूसरे क्वार्टर में भारत ने लगातार पांच गोल दागते हुए हाफ टाइम तक 5-0 की बढ़त बना ली।
बैडमिंटन में सिंधु और उन्नति की चुनौती खत्म
दूसरी ओर बैडमिंटन में भारत के लिए दिन निराशाजनक रहा। पीवी सिंधु को चीन की खिलाड़ी के खिलाफ तीन गेम के मुकाबले में हार मिली, जबकि उन्नति हुड्डा भी अकाने यामागुची से क्वार्टर फाइनल में हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गईं।
अर्थ और विश्लेषण
एशियन गेम्स के आठवें दिन भारत के लिए सबसे बड़ी बात यह रही कि पदक केवल एक खेल तक सीमित नहीं रहे। स्क्वॉश में दो रजत के बाद एथलेटिक्स में हाई जंप, स्टीपलचेज, डेकाथलॉन, लॉन्ग जंप और 200 मीटर जैसी अलग-अलग स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम हासिल किया।
भारत के लिए एथलेटिक्स का प्रदर्शन खास महत्व रखता है, क्योंकि ट्रैक एंड फील्ड की कई स्पर्धाओं में एक ही दिन पदक के अवसर बने। सर्वेश कुशारे का हाई जंप में रजत, पारुल चौधरी का स्टीपलचेज कांस्य और तेजस्विन शंकर का डेकाथलॉन कांस्य इस बात को रेखांकित करता है कि भारतीय दल कई अलग-अलग एथलेटिक्स स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा कर रहा है।
वहीं बॉक्सिंग में पदक पहले ही सुनिश्चित होने से आगे के मुकाबलों में भारत की पदक संख्या और बढ़ सकती है। 27 सितंबर के कार्यक्रम में एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, हॉकी, आर्चरी और अन्य खेलों में भारत की कई महत्वपूर्ण स्पर्धाएं निर्धारित थीं।
(SDNA)



